# अधर्म का नाश होगा, धर्म की विजय होगी!


# अधर्म का नाश होगा, धर्म की विजय होगी!

@ डॉ दिनेश चन्द्र सिंह, आईएएस, जिलाधिकारी, जौनपुर, यूपी।

भारत देश धर्म व मर्यादा पूर्वक चलने और शरणागत को माफ़ करने की उच्चकुलीन परम्परा का पालन करता आया है| भारत-पाकिस्तान संघर्ष में पिछड़ते पाकिस्तान की मांग पर भारत ने पुन: सीजफायर को स्वीकार कर लिया| परन्तु वर्तमान कालिक परिस्थितियों में ऐसा प्रतीत हो रहा है कि हमारे माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की निश्छल भावना को फिर से पाकिस्तान द्वारा छला गया है| चूँकि पाकिस्तान ने उनके धर्म युक्त व्यक्तित्व को ललकारा है, इसलिए अब क्या होगा- यह मैं तो नहीं जानता, लेकिन सिर्फ इतना कह सकता हूँ कि धर्मशास्त्र में जो वर्णित है अंजाम उससे ज्यादा भी भयावह होगा!

दरअसल, भारत-पाकिस्तान के उन नागरिकों की सम्वेदनाएं जो कट्टरपंथी या आतंकवादी नहीं हैं, एक-दूसरे से काफी मिलती हैं| परन्तु जिस प्रकार से अधर्म की चासनी में पका व्यंजन भी खाने योग्य नहीं होता है, ठीक उसी प्रकार से पाकिस्तान की यह हरकत निश्चित ही धर्मयुक्त भारत को सावधान करते हुए कह रही हैं यानी बता रही हैं, जैसा कि किसी कवि ने लिखा है कि- “बांधने मुझे तो आया है, जंजीर बड़ी क्या लाया है? यदि मुझे बांधना चाहे मन, पहले तो बांध अनंत गगन, सूने को साध न सकता है, वह मुझे बांध कब सकता है| हित वचन तूने नहीं माना, मैत्री का मूल्य न पहचाना, तो ले मैं भी अब जाता हूँ, अंतिम संकल्प सुनाता हूँ, याचना नहीं अब रण होगा, जीवन जय की मरण होगा|”

मसलन हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी, उनके श्री हनुमान जी सरीखे माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी, अनुज भ्राता श्री लक्ष्मण जी के भाव से युक्त माननीय मुख्यमंत्री, उत्तरप्रदेश श्री योगी आदित्यनाथ जी तथा अनुभव, ज्ञान, पांडित्य, कर्म, निष्ठां के प्रहरी जाम्बवंत सरीखे सबके प्रिय, मधुर वचन बोलने वाले और हंसमुख चेहरे के धनी माननीय रक्षा मंत्री श्री राजनाथ सिंह जी ने श्री हनुमान जी सरीखे श्री अमित शाह जी को बल की याद दिलाई है| इसलिए अब मर्यादा पुरुषोत्तम श्री मोदी जी, तपस्वी योगी जी, महावीर तुल्य श्री शाह जी, मृदुभाषी श्री सिंह जी पारस्परिक मन्त्रणा से  पाक को अवश्य सबक सिखाएंगे और इस हेतु सटीक रणनीति अम्ल में लायेंगे, ऐसा हमारा दृढ विश्वास है|

यद्यपि युद्ध- प्रतियुद्ध का फल कभी भी अच्छा नहीं होता है, जैसा कि किसी कवि ने ठीक ही कहा है कि- “पूर्व के भाई भाई लड़ेंगे, भाई पर भाई टूटेंगे, विष-वाण बूंद से छूटेंगे, सौभाग्य मनुज के फूटेंगे, आखिर तू भू शायी होगा, हिंसा कर पर पीड़ा दायी होगा|” कहने का तात्पर्य यह कि दुर्योधन सरीखे पाकिस्तान के राजनेता, कृष्ण की मर्यादा एवं शिक्षा-दीक्षा से पोषित, पल्लवित और युगीन मर्यादा के आलंबन को धारित करने वाले श्री मोदी जी के प्रहार से अवश्य पराजित और समाप्त होंगे| उनका मुल्क भी  होगा| यहाँ समाप्त का अर्थ राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक विपन्नता की अधोगति को प्राप्त कर अपने राष्ट्र के नागरिकों की चित्कार एवं बदहाली का इतिहास स्वयं पाकिस्तान लिखेगा| क्योंकि पाकिस्तान धर्मसम्मत बात नहीं मानता| अब वह हठी और कट्टरपन की धधकती ज्वाला के मुख में है| इसलिए उसे यह आतंकी ज्वाला ही जलाकर भष्म कर सकती है| चूँकि भारत है मां गंगा की शीतलता के साथ, इसलिए जय होगी शीतल मां भारती की|

और अंत में, मैं अपनी अनुभूति और अनुभव की गहरी सोच-समझ एवं परम्परा के आधार पर यह अभिव्यक्त करना चाहता हूँ कि मेरे जैसे अनेक हैं और भारत एवं विश्व के कोने-कोने में बैठकर अपना चिंतन मनन कर देश के बारे में कुछ शुभ सोच रहे होंगे, परन्तु मैं तो किसी कवि के शब्दों में सिर्फ यही कहूँगा कि- “कौन भला स्वीकार करेगा, जीवन एक संग्राम नहीं है| अपना युद्ध सभी को, हर युग में लड़ना पड़ता है|” सभी ने युद्ध लड़ा, महान सम्राट पृथ्वीराज चौहान, महाराणा प्रताप, स्वतंत्रता संग्राम के असंख्य स्वतंत्रता सेनानी और माननीया तत्कालीन प्रधानमंत्रीगण श्री जवाहरलाल नेहरु जी, श्री लालबहादुर शास्त्री जी, श्रीमती इंदिरा गाँधी जी, श्री राजीव गाँधी जी, श्री अटलबिहारी बाजपेयी जी आदि ने अपने अपने समय में मां भारती की रक्षा की|

इसलिए अब वर्तमान युद्ध गम्भीर है, क्योंकि वैज्ञानिक उपलब्धियों की चकाचौंध में धर्म आधारित युद्ध को जीतने में भी कठिनाई है| परन्तु हमारा देश अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसन्धान की विविध उपलब्धियों से परिपूर्ण है, इसलिए अधर्म का नाश होगा और धर्म आधारित उपरोक्त परिकल्पना और यथार्थ की उपलब्धियों के आलोक में भारत विजयी होगा| यह मेरा दृढ विश्वास है| इष्ट देव श्री हनुमान जी की कृपा से पूर्ण निष्ठा और अंतर्मन की आवाज है|

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