रामलीला देखने से जागरूक होता है सनातन समाज : नरेंद्र भारद्वाज
रामलीला देखने से जागरूक होता है सनातन समाज : नरेंद्र भारद्वाज
# प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन के अंतिम दिन का प्रसंग था हनुमान मंदिर से भगवान रामचन्द्र का अयोध्या प्रस्थान एवं राजा हरिश्चंद्र का नाटक
# सम्मानित किए गए प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा के सदस्यगण
कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। गुरुवार को प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा के तत्वावधान में आयोजित रामलीला में लंका पर विजय प्राप्ति के बाद हनुमान मंदिर से भगवान रामचन्द्र, माता सीता, अनुज लक्ष्मण और हनुमान सहित अपनी सेना के साथ अयोध्या के लिए प्रस्थान कर गए, जहां पर भरत, शत्रुघ्न, गुरु वसिष्ठ और सुमंत समेत अयोध्या वासियों ने उनका भव्य स्वागत किया।
वहीं, रामलीला मंच पर राजा हरिश्चंद्र के नाटक का मंचन किया गया। इसी बीच रामलीला समिति के कर्मठ पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया।
रामलीला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने बताया कि रामलीला देखने से सनातन समाज जागरूक होता है। क्योंकि रामलीला में व्यक्तिगत मर्यादा के साथ-साथ राजकाज की मर्यादाओं का भी अच्छा समावेश मिलता है। इससे देश व समाज समृद्ध होता है। उन्होंने कहा कि लंका पर विजय प्राप्त करने के बाद भगवान रामचन्द्र, माता सीता, अनुज भ्राता लक्ष्मण और भक्त राज हनुमान के साथ अपनी सेना सहित प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर, वसुंधरा सेक्टर 16 बी से अयोध्या नगरी के लिए प्रस्थान कर गए, जहां पर भाई भरत, शत्रुघ्न, गुरु वशिष्ठ, सुमंत के साथ-साथ अयोध्या वासियों ने भगवान राम का भव्य स्वागत किया। इस मौके पर अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया था, जिसे देखकर भगवान हर्षित हुए।
वहीं, रामलीला कमेटी के द्वारा रामलीला मंच पर राजा सत्य हरिश्चंद्र के नाटक का कुशलता पूर्वक मंचन किया गया। जिससे दर्शकों को राजा सत्य हरिश्चंद्र की उदारता, सत्य-निष्ठा और जनसेवा के भाव का पता चला। वह एक सत्यनिष्ठ और प्रजापालक राजा थे, यही इस नाटक के द्वारा बताया गया।
इस मौके पर रामलीला कमेटी ने अपने चेयरमैन नरेन्द्र भारद्वाज के व्यक्तित्व एवं कर्तृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें गाजियाबाद ही नहीं बल्कि दिल्ली-एनसीआर का सर्वश्रेष्ठ समाजसेवी बताया और कहा कि टीएचए में रामलीला, शिव कांवड़ सेवा शिविर के अलावा वक्त वक्त पर करवाये जाने वाले सामूहिक भण्डारे से उन्होंने मानवतावादी विचार प्रकट किए हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और शक्ति सम्पन्न बनाएं। इसी के साथ उन्हें फूल-मालाओं, स्मृति चिन्ह एवं पटका देकर सम्मानित किया गया।
वहीं, रामलीला कमेटी के अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने अपनी कमेटी के उपाध्यक्ष श्रीमती बीना सैंगर, सुशील उपाध्याय व उमा शंकर शर्मा, महामंत्री- इन्द्रपाल प्रधान व मनोज भारद्वाज, कोषाध्यक्ष- मोहन सिंह राणा व सचिन भारद्वाज, सचिव- अनिल शर्मा व नितिन भारद्वाज, सहसचिव- संजीव भारद्वाज, मीडिया प्रभारी- प्रशांत गुप्ता व कमलेश पाण्डेय (वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार), परामर्शदाता- महेश भारद्वाज, सुरेन्द्र शर्मा, सुरेन्द्र भारद्वाज, अमित किशोर व अशोक शर्मा, कार्यकारिणी सदस्य- पं. प्रभाशंकर वशिष्ठ, मनोज भारद्वाज, ब्रजमोहन मिश्रा, अशोक पण्डित, जय कुमार, रितेश राय व वासुदेव शर्मा आदि को बारी-बारी से स्मृति-चिन्ह और पटका देकर सम्मानित किया और कहा कि यहां उपस्थित सभी महानुभावों ने रामलीला मंचन में अपने-अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।
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