सीता हरण जैसी सोच रखने वालों का होता है सर्वनाश : नरेंद्र भारद्वाज

सीता हरण जैसी सोच रखने वालों का होता है सर्वनाश : नरेंद्र भारद्वाज

# हर प्रकार की विपत्तियों से निपटने में सक्षम बनाती है राम-सुग्रीव जैसी मित्रता : समिति अध्यक्ष

# प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन के 9 वें दिन का प्रसंग

कमलेश पांडेय
गाजियाबाद। रविवार को प्राचीन संकटमोचन श्री हनुमान मंदिर धार्मिक रामलीला समिति, वसुंधरा के तत्वावधान में आयोजित रामलीला मंचन के दौरान सीता हरण और राम-सुग्रीव मित्रता का भाव पूर्ण मंचन किया गया। मंचन आरम्भ होने से पहले रामलीला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने कमेटी के गणमान्य सदस्यों के साथ भगवान राम व उनके विभिन्न सहयोगियों के सजीव विग्रह की पूजा-अर्चना की और उनसे प्रार्थना की कि रामलीला देखने के पश्चात देश व समाज में पारस्परिक प्रेम व भाईचारे बढ़े।

इस मौके पर रामलीला समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने कहा कि सीता हरण एक वैचारिक त्रासदी थी। बाद में इस जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति एक सामाजिक अभिशाप बन चुकी है। इसलिए रामलीला से हमें एक महत्वपूर्ण संदेश यह भी मिलता है कि रावण जैसी तुच्छ सोच रखने वालों का  सर्वनाश हो जाता है, भले ही वह प्रकांड विद्वान क्यों नहीं हो। उन्होंने आगे बताया कि राम-सुग्रीव जैसी मित्रता हर प्रकार की विपत्तियों से निपटने में सक्षम बनाती है। मित्रता पूर्ण मानवीय सम्बन्ध भले ही किसी भी परिस्थिति में स्थापित हुए हों, लेकिन उसकी प्रगाढ़ता ही सज्जनता की निशानी है। 

इस मौके पर रामलीला कमेटी में चेयरमैन- नरेन्द्र भारद्वाज, उपाध्यक्ष- श्रीमती बीना सैंगर, सुशील उपाध्याय व उमा शंकर शर्मा, महामंत्री- इन्द्रपाल प्रधान व मनोज भारद्वाज, कोषाध्यक्ष- मोहन सिंह राणा व सचिन भारद्वाज, सचिव- अनिल शर्मा व नितिन भारद्वाज, प्रशांत गुप्ता, महेश भारद्वाज व अमित किशोर, सज्जन कुमार, पं. प्रभाशंकर वशिष्ठ, जय कुमार, किशोर फुलेरा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे और रामलीला मंचन में अपने-अपने दायित्वों का कुशलता पूर्वक निर्वहन किया। 

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