सीईएल के कर्मचारियों ने प्रियंका गांधी और डॉली शर्मा का किया धन्यवाद

सीईएल के कर्मचारियों ने प्रियंका गांधी और डॉली शर्मा का किया धन्यवाद

# सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के निगमीकरण के मुद्दे पर बैक फुट पर आई मोदी सरकार: डॉली शर्मा 

# सीईएल एंप्लाइज यूनियन लीडर रामविलास छोकर ने प्रियंका गांधी और डॉली शर्मा का आभार जताया

 # ग्राम विकास समिति झंडापुर के अध्यक्ष और सीईएल एंप्लाइज यूनियन के लीडर हैं रामविलास छोकर 

@ कमलेश पांडेय/गाजियाबाद

 कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और पार्टी प्रवक्ता डॉली शर्मा ने बीते दिनों में देश की 41 आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण का जो मुद्दा उठाया और इसको राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए केंद्र सरकार से जो तल्ख पत्राचार किया, उसने मोदी सरकार को बैकफुट पर आने के लिए विवश कर दिया। 

खबर है कि केंद्र सरकार ने गत दिनों आधिकारिक घोषणा की है कि सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड नामक रक्षा उत्पादन कंपनी को विनिवेश प्रक्रिया से बाहर किया जाता है। सरकार के इस फैसले से इस कम्पनी से जुड़े लोगों में हर्ष व्याप्त है, क्योंकि निजी कम्पनियों की चंगुल में जाने से इसे बचाने के लिए इनमें कार्यरत कर्मचारियों के विभिन्न संगठनों की मांग पर यूपी काँग्रेस की प्रवक्ता डॉली शर्मा ने सकारात्मक पहल करते हुए अपनी नेता प्रियंका गांधी का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया, जिसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार और उनके सम्बद्ध विभागों से कड़ा पत्राचार किया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से भी सरकार की इस हरकत को लोगों के सामने रखा और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए घातक बताया। यही वजह है कि सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा।

यही वजह है कि सीईएल एंप्लाइज यूनियन के लीडर और 
ग्राम विकास समिति झंडापुर के अध्यक्ष रामविलास छोकर ने अपने एक सोशल मीडिया संदेश में कहा है कि हम सभी सीईएल परिवार के लोग बहन प्रियंका गांधी और डॉली शर्मा का दिल से आभार प्रकट करते हैं और बारंबार धन्यवाद ज्ञापित करते हैं। उन्होंने डॉली शर्मा से अपेक्षा जताई कि हमलोग बहन प्रियंका जी से मिलने की और  मिलकर उन्हें धन्यवाद देने की आकांक्षा रखते हैं। उसमें आप हम लोगों की मदद करें। 

उल्लेखनीय है कि गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी और यूपी कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता पार्टी डॉली शर्मा ने फेसबुक के माध्यम से देश की 41 आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण का मुद्दा उठाया, जिसे विभिन्न समाचार पत्रों ने भी प्रमुखता से प्रकाशित किया था। उन्होंने निगमीकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए इसे केंद्र सरकार का मनमाना कदम बताया था। तब कांग्रेस की तेजतर्रार प्रदेश प्रवक्ता डॉली शर्मा ने सोशल मीडिया फेसबुक के माध्यम से आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के इतिहास और देश की सीमाओं की सुरक्षा में अहम योगदान का जिक्र करते हुए कहा था कि आर्डिनेंस फैक्ट्रियां 220 वर्ष पुरानी हैं। आज़ादी के पहले देश में 18 आर्डिनेंस फैक्ट्रियां थीं। आर्डिनेंस फैक्ट्रियों ने 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965-1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध से लेकर कारगिल युद्ध में भी अहम भूमिका निभाई थीं। यहां तक कोविड 19 महामारी में भी कोरोना योद्धाओं के लिए मास्क, सेनेटाइजर, मेडिकल टेंट से लेकर पीपीई किट बनाने का काम किया था।

लिहाजा इतने पुराने और महत्वपूर्ण संगठन को सिर्फ अपने पूंजीपति मित्रों को बेचने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने इनका निगमीकरण करने की पहल किया है, जो कि भविष्य में देश की सीमाओं के लिए बहुत ही घातक कदम सिद्ध होगा। तब कांग्रेस नेत्री डॉली शर्मा ने कहा था कि आर्डिनेंस फैक्ट्रियों की स्थापना पंडित जवाहर नेहरू, इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर नो प्रॉफिट नो लॉस की नीति पर करवाई थीं। 

यहां तक कि केंद्र की भाजपा सरकार में रक्षा मंत्री रहे स्व. मनोहर पारीकर, स्व. जार्ज फर्नांडीज से लेकर सभी पूर्व रक्षा मंत्रियों स्व. प्रणव मुखर्जी, मुलायम सिंह यादव, ए. के एंटोनी तक ने आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से घातक कदम बताते हुए निगमीकरण को अपने कार्यकाल में खारिज कर दिया था। 

यही वजह है कि तब कांग्रेस प्रवक्ता डॉली शर्मा ने सभी देशवासियों से अपील की थी कि राष्ट्रीय सुरक्षा पर खतरे के मद्देनजर आर्डिनेंस फैक्ट्रियों के निगमीकरण का विरोध कर निगमीकरण के विरोध में सभी लोग अपनी आवाज़ बुलंद करें। उनका यह आह्वान सफल रहा और मोदी सरकार सी आई एल नामक कम्पनी के निगमीकरण के मामले में बैक फुट पर आई, जिससे कांग्रेस समर्थक और कर्मचारियों में खुशी व्याप्त है।

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