दिल्ली पब्लिक स्कूल वसुंधरा में हर्षोल्लास से मनाया गया आजादी का अमृत महोत्सव

दिल्ली पब्लिक स्कूल वसुंधरा में हर्षोल्लास से मनाया गया आजादी का अमृत महोत्सव

# हम कल बंधी हुई धरती पर खड़े थे, आज खुला आकाश है और आने वाले कल की हवाएं हमारे साथ होंगी, ऐसा विश्वास है। 

# जो देश अपना इतिहास भूल जाता है, उसका भूगोल भी बदल जाता है। इसलिए हमें अपने आजादी के इतिहास को हमेशा याद रखना है।

@ कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय चेतना को घर-घर तक पहुँचाने के लिए प्रत्येक वर्ष  की तरह इस वर्ष भी दिल्ली पब्लिक स्कूल वसुंधरा गाजियाबाद में 15 अगस्त 2022 को स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगांठ के लिए समर्पित ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम को बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय की गरिमा देखते ही बन रही थी। सारा स्कूल परिसर तिरंगे रंग में सराबोर दिखाई दे रहा था। तिरंगे ध्वज, तिरंगी पतंगें और तिरंगी झंडियों से पूरे परिसर को सजाया गया था।

आजादी का महोत्सव किसी विशेष जाति, धर्म अथवा राज्य नहीं बल्कि संपूर्ण भारत के लिए महत्वपूर्ण है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 13अगस्त से विभिन्न साहित्यिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन स्कूल परिसर में किया गया जो आगामी 21 अगस्त तक निर्विघ्न चलेगा। कार्यक्रम का प्रारंभ आजादी के अमृत महोत्सव के परिचय और ध्वजारोहण से किया गया। तदोपरांत स्कूल की संगीत शाखा के छात्र-छात्राओं के द्वारा सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा गीत का संस्कृत भाषा में गायन किया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती मंजू त्यागी, विशेष अतिथि के रूप में विनीत त्यागी, ग्रुप कैप्टन सतीश तिवारी, श्री मती नेहा देशवाल को आमंत्रित किया गया। स्कूल के प्रधानाचार्य त्रिलोक बिष्ट ने भारत की गौरवमयी एतिहासिक पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम कल बंधी हुई धरती पर खड़े थे, आज खुला आकाश है और आने वाले कल की हवाएं हमारे साथ होंगी, ऐसा विश्वास है। जो देश अपना इतिहास भूल जाता है, उसका भूगोल भी बदल जाता है। इसलिए हमें अपने आजादी के इतिहास को हमेशा याद रखना है।

उन्होंने भारत की परमाणु शक्ति, सैन्य शक्ति और वैज्ञानिक शक्ति पर भी प्रकाश डाला। जूनियर स्कूल की एच एम ने भी सभी अतिथियों और छात्र छात्राओं को संबोधित किया। चारों सदनों द्वारा देशभक्ति के गीतों पर नृत्य और संगीत की प्रतियोगिता आयोजित की गई। कार्यक्रम के अंत में पतंगबाजी का आयोजन भी किया गया, जिसमें आगंतुक अतिथियों और अभिभावकों ने बढ़चढकर हिस्सा लिया। राष्ट्रगान के साथ मिष्ठान और अमृत महोत्सव के प्रतीक चिन्ह वितरण कर कार्यक्रम का समापन हुआ।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के कूटनीतिक निहितार्थ

जनहितैषी सुझाव को शिकायत समझने की भूल न करें, अपेक्षित बदलाव के वाहक बनें

शिक्षक दिवस: जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया और बाल बाटिका का महत्व समझाया