स्टार सेशन में शेनिंगर ने दुनिया को दिया वर्किंग स्मार्टर एण्ड नाॅट हार्डर का मंत्र
स्टार सेशन में शेनिंगर ने दुनिया को दिया वर्किंग स्मार्टर एण्ड नाॅट हार्डर का मंत्र
# ‘डिजिटल लीडरशिप एंड लर्निंग’ विषय पर एरिक शेनिंगर के साथ ‘स्टार’ सेशन से शिक्षकों को मूल्यवान गंभीर ज्ञान मिला
# 'डिजिटल लीडरशिप एंड लर्निंग’ के ऑनलाइन सेशन में भारत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बांग्लादेश के स्कूलों और शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों ने बड़ी संख्या में वर्चुअल भागीदारी की
# सामर्थ्य टीचर्स ट्रेनिंग एकेडमी ऑफ रिसर्च (स्टार), गाज़ियाबाद ने पूरी दुनिया में मशहूर डिजिटल पायनियर और बेस्टसेलिंग लेखक एरिक शेनिंगर के संग शिक्षा में ‘डिजिटल लीडरशिप एंड लर्निंग’ का ऑनलाइन सेशन आयोजित किया
# एकेडमी ने अब तक 22,000 श्रम घंटे से अधिक प्रशिक्षण का संचालन किया है और 250 से अधिक स्कूल लाभान्वित हुए हैं इससे
# स्टार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 10,000 शिक्षकों का आईसीटी प्रशिक्षण का संचालन और स्कूलों के लिए करना है स्वास्थ्य शिक्षा पाठ्यक्रम का शुभारंभ
# स्टार एकेडमी को सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के तत्वावधान में जयपुरिया स्कूल ऑफ बिजनेस, गाजियाबाद का प्राप्त है समर्थन
कमलेश पांडेय/लोकनायक भारत न्यूज़
गाजियाबाद। सामर्थ्य टीचर्स ट्रेनिंग एकेडमी ऑफ रिसर्च (स्टार), गाज़ियाबाद ने पूरी दुनिया में मशहूर डिजिटल पायनियर और बेस्टसेलिंग लेखक एरिक शेनिंगर के संग शिक्षा में ‘डिजिटल लीडरशिप एंड लर्निंग’ का ऑनलाइन सेशन आयोजित किया शनिवार को आयोजित 'डिजिटल लीडरशिप एंड लर्निंग’ के ऑनलाइन सेशन में भारत, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और बांग्लादेश के स्कूलों और शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों ने बड़ी संख्या में वर्चुअल भागीदारी की। दो घंटे के इस सेशन में एरिक शेनिंगर ने शिक्षा में डिजिटल लीडरशिप के सात स्तंभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी, जिसमें विद्याथिर्यों की भागीदारी, सीखना और परिणाम, सीखने का माहौल, व्यावसायिक शिक्षा,
संवाद, जनसम्पर्क, ब्रांडिंग और अवसर पर विस्तृत रूप से पारस्परिक बातचीत हुई। जिससे यह निष्कर्ष निकाला गया कि प्रत्येक स्तंभ वतर्मान शिक्षा व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं में डिजिटल बदलाव की क्षमता पर प्रकाश डालता है। इस क्रम में शेनिंगर ने महत्वपूर्ण रणनीतियां बताई जिन्हें शिक्षक अविलंब लागू कर डिजिटल लेंस के माध्यम से इस पेशे के वतर्मान पहलुओं को मजबूत और व्यापक बना सकते हैं।
शेनिंगर ने 21वीं सदी की शिक्षा में डिजिटल लीडरशिप और ज्ञान को अहम बताते हुए कहा कि ‘‘इंटरनेट का चलन बढ़ने से हम एक ऐसे दौर में पहुंच गए हैं जिसमें विद्यार्थी जीवन में प्रौद्योगिकी अधिक प्रचलित होगी। और फिलहाल हमारे सामने महामारी की चुनौती भी है। आज हम दो सबसे अभूतपूर्व बदलाव महसूस कर रहे हैं जो हमें काम-काज के तरीकों पर मंथन करने और यह सोचने का अवसर दे रहे हैं कि भविष्य में बच्चों की पढ़ाई बाधित नहीं हो, इसके लिए हम कक्षाओं, स्कूलों के अलावा और हमारे देश में क्या क्या बदलाव कर सकते हैं। जब बात डिजिटल लीडरशिप और सीखने की हो तो हमारा विचार सबसे पहले सीखने के परिणामों में सुधार करना है। हमें बच्चों को मौलिक सोच, ज्ञान प्राप्त करने, तदनुसार कार्य करने और जीवन में आगे बढ़ने के लिए सशक्त बनाना होगा। सीखने के माहौल को डिजिटली बदलना होगा।’’
शेनिंगर ने दुनिया को ‘वर्किंग स्मार्टर एण्ड नाॅट हार्डर’ मंत्र दिया है। उन्होंने बताया कि कैसे आधुनिक शिक्षार्थी डिजिटल उपकरणों से समस्याओं का हल, बेहतर समझ का विकास और प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं। सेशन में मुख्य रूप से ‘राइगर/रेलेवेंस फ्रेमवर्क की व्याख्या की गई, जिसके माध्यम से शेनिंगर शिक्षकों को निर्देश, शिक्षा पद्धति और प्रौद्योगिकी के साथ और बिना विद्याथिर्यों के कार्य प्रदर्शन के विश्लेषण में मागर्दशर्न करते हैं। शेनिंगर ने तीन ‘आर’ पर जोर दिया: राइगर, रेलेवेंस और रिलेशनशिप, जिनके माध्यम से शिक्षा परिदृश्य के सभी भागीदारों के बीच लगाव और संवाद बढ़ाना होगा। उन्होंने कहा कि ‘‘यह सब अंततः आपसी संबंध पर निर्भर करता है। क्योंकि विश्वास के बिना कोई संबंध नहीं टिकता। संबंध के बिना सही अर्थों में सीखना नहीं होता है।”
उल्लेखनीय है कि भागीदारों को डिजिटल पायनियर ने डिजिटल पढ़ाई की गहरी समझ विकसित करने और शिक्षक की क्षमता बढ़ाने में भी मदद की। शिक्षकों को स्कूल के माहौल में सुधार के लिए व्यक्तिगत संबंधों से सीखने के विभिन्न तत्वों को जानने का मौका मिला। प्रौद्योगिकी के माध्यम से कार्य के प्रभाव को मापने, प्रभावी संवाद योजना तैयार करने और व्यक्तिगत संबंध के आधार पर पेशा कौशल बढ़ाने में कहानी की ताकत का लाभ लेने और सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। स्टार ने प्रत्येक भागीदार को ये मूल्यवान गंभीर ज्ञान देने के लक्ष्य से स्कूल के नेतृत्व और इकोसिस्टम पर छह पहले से रिकॉर्ड किए गए लेक्चर उपलब्ध कराया। प्रत्येक भागीदार को उपयोगी संसाधन सामग्री और स्टार में भागीदारी का प्रमाणपत्र भी मिला।
बता दें कि सामर्थ्य टीचर्स ट्रेनिंग एकेडमी ऑफ रिसर्च (स्टार) शिक्षकों के विशेष प्रशिक्षण का प्रमुख संस्थान है जो शिक्षा के सभी पहलुओं के गहन शोध के आधार पर उन्हें शिक्षा जगत की वैश्विक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है। एकेडमी ने अब तक 22,000 श्रम घंटे से अधिक प्रशिक्षण का संचालन किया है और 250 से अधिक स्कूल इससे लाभान्वित हुए हैं। स्टार की सबसे बड़ी उपलब्धियों में एक उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों के 10,000 शिक्षकों का आईसीटी प्रशिक्षण का संचालन और स्कूलों के लिए स्वास्थ्य शिक्षा पाठ्यक्रम का शुभारंभ करना है। एकेडमी को सेठ आनंदराम जयपुरिया ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस के तत्वावधान में जयपुरिया स्कूल ऑफ बिजनेस, गाजियाबाद का समर्थन प्राप्त है।
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