प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री को भेजा खत

प्रेस क्लब ऑफ इंडिया ने केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री को भेजा खत

# पत्रकारों के पीआईबी कार्ड के नवीनीकरण की तिथि बढ़ाई जाए: उमाकांत लखेड़ा

# विस्तारित तिथि 31 जनवरी 2022 को बढ़ाकर 31 दिसंबर 2022 किया जाए: विनय कुमार

# प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, रायसीना रोड, नई दिल्ली के अध्यक्ष उमाकांत लखेड़ा और महासचिव विनय कुमार ने केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को लिखा पत्र

कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, रायसीना रोड, नई दिल्ली के अध्यक्ष उमाकांत लखेड़ा और महासचिव विनय कुमार ने केन्द्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर को पत्र लिखकर पत्रकारों के पीआईबी कार्ड, 31 दिसंबर, 2022 तक के नवीनीकरण के सन्दर्भ में ध्यान आकृष्ट कराते हुए निम्नलिखित बातों की तरफ उनका ध्यान दिलाने की मंशा जताई है। उन्होंने बताया है कि आपके मंत्रालय के तहत आने वाले पत्र सूचना कार्यालय ने भारत सरकार से मान्यता प्राप्त पत्रकारों के पीआईबी कार्ड की वैधता की तारीख 31 जनवरी तक बढ़ाने की सूचना भेजी है। लेकिन अधिकारिक तौर पर नहीं बताया गया है कि पीआईबी कार्ड के नवीनीकरण में आखिर इतना अनावश्यक विलम्ब क्यों हो रहा है और इसमें किस तरह की अड़चन है।

पत्र में स्पष्ट कहा गया है कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहले इस तरह की स्थिति नहीं आयी थी। इस नाते समस्त पत्रकार समुदाय और संवाददाता इस बात को लेकर खासे चितित हैं। पत्रकारों के मन में गहरी आशंका व्याप्त हो रही है कि नवीनीकरण की जो प्रक्रिया हर साल नवंबर के शुरू से ही आरंभ हो जाती थी, उसमें इतनी देर क्यों की जा रही है। इस घटना से पत्रकारों में यह आशंका भी बलवती हो रही है कि सरकार विभिन्न मंत्रालयों में पत्रकारों के प्रवेश और उनके काम की गतिविधियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से रोकना तो नहीं चाहती है। इन मंत्रालयों में पत्रकारों की आवाजाही इस नाते भी जरूरी है ताकि किसी खबर पर सरकारी पक्ष की राय या विचारों को जाना जा सके।

पत्र में बताया गया है कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, इस नाते यह उसका अधिकार है कि वह सरकार के कामकाज की जानकारी और उसकी प्रतिक्रिया प्राप्त कर देश की आम जनता तक पहुंचाए। लेकिन इस बार पीआईबी कार्ड के नवीनीकरण के विलम्ब से ऐसा लग रहा है कि सरकार पत्रकारों और छायाकारों को उनके काम रोकना या उन पर बंदिशे लगाना चाहती है। जबकि हम सब इस तथ्य से वाकिफ है कि आजादी के बाद पत्रकारों को पीआईबी से मान्यता की सुविधा इसलिए दी गयी थी ताकि वे केन्द्र सरकार के विभागों और मंत्रालयों और संस्थाओं की गतिविधियों और योजनाओं से जुड़ी सूचनाएं एकत्र कर समाचार लिख सकें। उन्हें पीआईबी कार्ड की यह सुविधा उनके पत्रकारीय अनुभव व दक्षता की गहरी जांच-पड़ताल के बाद ही दी जाती है।

विदित है कि सरकार ने समय-समय पर नवीनीकरण की प्रक्रिया में बदलाव या संस्थानों के कोटे बढ़ाने के मामले में परिवर्तन की जरूरत महसूस की तो केंद्रीय पत्रकार सत्यापन समिति (सीपीएसी), प्रेस एसोसिएशन और वरिष्ठ पत्रकारों से साथ विचार विमर्श करके ही कोई कदम उठाया। लेकिन दुर्भाग्य से इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। चूंकि आप देश के पत्रकारों की समस्याओं से वाकिफ हैं और उनके प्रति हमदर्दी भी रखते हैं, इस नाते हम आपसे अनुरोध करते हैं कि इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर नवीनीकरण की प्रक्रिया को तत्काल आरंभ करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दें।

यह काम इस नाते भी आवश्यक है कि पांच राज्यों के चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें बड़ी संख्या में पत्रकारों को ड्यूटी पर जाना है। सुरक्षा की वजहों से बिना पीआईबी कार्ड के पत्रकारों को चुनाव आयोग को कवर करने की अनुमति नहीं होती। दूसरी ओर संसद कवर करने के लिए पास भी तभी बनते हैं जब उनके पास पीआईबी कार्ड हो। सीजीएचएस सुविधा भी इसी से जुड़ी हुई है। इसमें देरी से बहुत से पत्रकार कोरोना संकट के दौरान इस सुविधा से भी वंचित हो जाएंगे, जो जीवन रक्षक दवाओं पर निर्भर हैं।

आप अवगत होंगे कि कोरोना काल में कई अखबारों के बन्द होने के कारण बहुत से पत्रकार फ्रीलांसिंग करने पर मजबूर हैं। कई वरिष्ठ पत्रकार स्वतंत्र पत्रकारिता करके अपना जीवन यापन कर रहे हैं। मौजूदा स्थिति से उनका जीवन और कठिनाई भरा हो जाएगा। होना तो यह चाहिए था कि उनकी दशा को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार कोई पहल करती, लेकिन मौजूदा कदम से उनका संकट और बढ़ गया है। आपसे अनुरोध है कि इस समस्या का तत्काल निराकरण करें। अन्यथा पत्रकारों में असंतोष बढ़ेगा और भविष्य में वे विरोध में उतरने के लिए मजबूर होंगे। जाहिर है कि आप और हममें से कोई ऐसी अप्रिय स्थिति नहीं चाहेगा।

लिहाजा, मौजूदा हालात को देखते हुए आपसे आग्रह है कि यह अति आवश्यक हो गया है कि पीआईबी कार्ड की 31 जनवरी 2022 तक की वैधता को आगे 31 दिसंबर तक 2022 तक बढ़ा दिया जाए तथा कोरोना वेरियंट ओमिक्रोन के बढ़ते हालात को देखते हुए उन्हें विसरिस की औपचारिकताओं से मुक्त रखा जाए। भविष्य में कार्ड नवीनीकरण की आगे की प्रक्रिया के लिए विश्वसनीय व पारदर्शी व्यवस्था बने। साथ ही संबंधित पक्षों के साथ विमर्श के बाद ही अगला कदम उठाया जाए। आशा है आप जल्द ही समुचित करवाई करेंगे।

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