नेट डिसूजा और डॉली शर्मा ने जे पी नड्डा को आड़े हाथों लिया


नेट डिसूजा और डॉली शर्मा ने जे पी नड्डा को आड़े हाथों लिया

# संवाददाता सम्मेलन में सवालों की बौछार करके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से मांगी जवाब

# महिलाओं को कमतर आंकने की भूल नहीं करे भाजपा, लड़ कर लुंगी आधी आबादी का हकहुक़ूक़

कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता
गाजियाबाद। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेट डिसुजा व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता श्रीमति डॉली शर्मा ने सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा द्वारा कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी के महत्वपूर्ण मिशन ‘लड़की हूँ, लड़ सकती हूँ’ का उपहास उड़ाये जाने पर उन्हें आड़े हाथों लिया और कहा कि भाजपा और आरएसएस का महिला विरोधी रवैया जगजाहिर है। नेता द्वय गाजियाबाद स्थित वसुंधरा सेक्टर 10 में ब्लूम बैंकेट हॉल में आयोजित पत्रकार वार्ता को सम्बोधित कर रही थीं।

नेता द्वय ने तंज कसा कि पार्टी अध्यक्ष नड्डा भाजपा के पहले नेता नहीं हैं जिन्होंने ऐसा किया, पर भाजपा आखिर ऐसा क्यों कर रही है? उनको लड़कियों के सशक्तिकरण से क्या दिक़्क़त है? बात साफ़ है कि वह प्रियंका गांधी के इस अभियान पर हमला इसलिए कर रहे हैं क्योंकि वे नहीं चाहते कि महिलाएं स्वतंत्र हों, सशक्त हों। नेता द्वय ने कटाक्ष किया कि नारी शक्ति से केवल नड्डा ही नहीं, बल्कि उनकी पूरी पार्टी डरती है। उन्होंने उन्हें आगाह करते हुए कहा कि नड्डा जी, महिलाएँ सिर्फ़ कुरीतियों के ख़िलाफ़ या संकुचित मानसिकता के ख़िलाफ़ ही नहीं लड़ रही हैं, बल्कि वह सबसे बड़ी लड़ाई अपने हक़ की लड़ रही हैं। वह समानता की लड़ाई लड़ रही हैं, समान शिक्षा और अवसरों की लड़ाई लड़ रही हैं, और अब वह रुकने वाली नहीं हैं।

श्रीमती डिसूजा और शर्मा ने कहा कि दुर्भाग्य से श्री नड्डा और भाजपा को लगता है कि महिलाएं केवल एक बाथरूम और एक गैस सिलेंडर के लायक हैं। बार बार शौचालय और गैस सिलेंडर का हवाला दे कर आख़िर भाजपा क्या सिद्ध करना चाहती है? शौचालय एक अधिकार है- एक सुविधा है- किसी भी सरकार की ज़िम्मेदारी है, यह महिलाओं के ऊपर कोई उपकार नहीं है। इसी मानसिकता को बदलने की प्रियंका गांधी ने ठानी है, वह लड़कियों के लिए एक सुरक्षित परिवेश की बात करती हैं, जहां वह उन्मुक्त हों, निडर हों और हौसले की ऊँची उड़ान भरें। उन्होंने लड़कियों के लिए नौकरी, शिक्षा, स्वावलम्बन, सम्मान, सुरक्षा की क्रांति का आवाहन किया है और इसी बात से भाजपा परेशान है। भाजपा के नारी सशक्तिकरण की असलियत तो यह है कि ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की 80 प्रतिशत राशि तो पीएम मोदी ने अपने विज्ञापन में ही उड़ा दी। 

नेताओं ने कहा कि आज हम इस मंच के माध्यम से भाजपा अध्यक्ष नड्डा से कुछ सवाल पूछना चाहते हैं- वह यह कि
भाजपा अध्यक्ष ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ अभियान पर हमला कर रहे हैं क्योंकि उन्हें साफ़ दिख रहा है कि महिलाएँ ज़बरदस्त तरीक़े से इस अभियान से जुड़ रही हैं, वह एकजुट होकर एक ताक़त के रूप में उभर रहीं हैं। चाहे रैलियां हो या शक्ति संवाद, महिलाओं का इतनी बड़ी संख्या में आना इस बात का प्रमाण है कि वह एक शौचालय नहीं, बल्कि अपने सारे हक़ पाने के लिए लड़ने को तैयार हैं। क्या आप उनको हक़ देने के लिए तैयार हैं?

नेताओं ने आरोप मढ़ा कि भाजपा इस देश की आधी आबादी को महज एक शौचालय देकर मुँह मोड़ना चाहती है। नहीं मि. नड्डा, आज औरतें समानता और इज़्ज़त चाहती हैं। वह सिर्फ़ माँ, बहन, बेटी बन कर सीमित नहीं रहना चाहती। अगर आपके अंदर हिम्मत है तो हम महिलाओं को दोयम दर्जा देना बंद कीजिए, हम हर चीज़ में भागीदार हैं। हमारे संविधान ने महिलाओं को पुरुषों की तरह ही समान अधिकार दिए हैं, अब आप हमारे वजूद को नकार नहीं सकते, क्योंकि लड़कियाँ यह पक्षपात सहने को तैयार नहीं हैं। आप शौचालय और एक मुफ्त गैस सिलेंडर मात्र से महिलाओं के वजूद को नकारना कब बंद कर दीजिये?

एक और सवाल पूछना बनता है आपसे मि. नड्डा, आप और आपकी पार्टी इतने साल कहाँ थे जब कांग्रेस ने इस देश को पहली महिला मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और लोकसभा अध्यक्ष दीं? सच तो यह है अभी तक महिलाओं पर चुप रहने वालों, आप महिलाओं की चुनावी ताकत से अचानक डरने पर आज उनके बारे में बात करने को विवश हैं। पिछले 7.5 सालों में तो पीएम मोदी ने महिलाओं की कोई टोह नहीं ली, लेकिन अब वह अचानक केवल महिलाओं की रैली क्यों कर रहे हैं? क्यों प्रशासन को बसें भर कर महिलाओं को एकत्रित करना पड़ रहा है? वह अचानक नकद हस्तांतरण की घोषणा क्यों कर रहे हैं?

नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने तो प्रतिज्ञा ली है कि महिलाओं की राजनैतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए हम 40 प्रतिशत टिकट महिलाओं को देंगे। 20 लाख सरकारी नौकरियों में 40 प्रतिशत मतलब 8 लाख नौकरियाँ महिलाओं के लिए होंगी। पुलिस बल में 25 प्रतिशत पदों पर लड़कियों की नियुक्ति होगी। हम लड़कियों को ना सिर्फ़ स्मार्ट फ़ोन और स्कूटी देंगे, बल्कि हर जनपद में उनके लिए दक्षता विद्यालय भी खोलेंगे। हम आपकी तरह आँगनवाड़ी और आशा बहुओं का तिरस्कार ना कर उनका मानदेय सुनिश्चित करेंगे। आपके राज में लड़कियों के ख़िलाफ़ रोंगटे खड़े करने वाले अपराध हुए, पीड़िता की सुनवाई तो दूर उन्हीं को डराया धमकाया गया। इसीलिए कांग्रेस यह सुनिश्चित करेगी कि रेप जैसे जघन्य अपराधों में तुरंत जाँच ना होने पर सम्बंधित अधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्यवाही का क़ानून बने। अगर आपके अंदर हिम्मत है तो हम आपको इस मंच से चुनौती देते हैं, इनमें से कुछ भी कर के दिखाइए। पर आप कर नहीं पाएँगे, क्योंकि आपकी महिला विरोधी मानसिकता, जिसका परिचय हाथरस से ले कर उन्नाव और शाहजहाँपुर तक दिखा है, वह यह होने नहीं देगा। क्या आप इनमें से कुछ भी कर सकते हैं?

आज इस मंच से मैं आपसे पूछती हूँ कि आपकी केंद्र में बहुमत की सरकार है, फिर भी पिछले 7.5 सालों में सदन में महिला आरक्षण के बारे में पीएम मोदी या आपने एक शब्द तक क्यों नहीं बोला? अगर नियत साफ़ है तो क्या आप कानून पारित करके आधी आबादी की राजनैतिक भूमिका और भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं?

यह सच है कि प्रियंका गांधी और कांग्रेस पार्टी ने देश की राजनीति में महिलाओं की अहम भूमिका को लेकर एक मुहिम शुरू कर दी है और अब मि. नड्डा आप या कोई और महिलाओं को नजरअंदाज करने की हिम्मत नहीं कर सकता है। आपकी बातों से साफ़ है कि वास्तव में तो आप महिला विरोधी हैं, पर अब टोकन देने का वक्त बीत चुका है, आपकी मानसिकता जो औरतों को चूल्हे चौके तक सीमित रखना चाहती है अब बर्दाश्त नहीं।

प्रियंका गांधी पर आप लोगों के हमलों का मूल कारण भी उनका महिला होना है, क्योंकि वह एक महिला हैं और महिलाओं को अपने लिए लड़ने के लिए कह रही हैं। वक्त बदल चुका है मि. नड्डा, ज़रूरी है अपनी महिला विरोधी मानसिकता आप भी बदलिए, लड़कियों की आकांक्षाओं को समझिए और उनको आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाइए। क्योंकि लड़कियाँ सिसक सिसक कर अन्याय नहीं सहेंगी, वह एक शौचालय और गैस सिलेंडर ले कर चुप नहीं बैठेंगी, वह अपने हक़ के लिए लड़ेंगी और इस लड़ाई में उनका पुरज़ोर साथ प्रियंका गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी देगी। 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य एवं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता श्रीमती डॉली शर्मा, गाज़ियाबाद महानगर कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नरेन्द्र भारद्वाज, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश सचिव जितेन्द्र गौड़ धोबी, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य विजय चौधरी, वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी एन गर्ग, युवक कांग्रेस के ज़िला अध्यक्ष विकाश खारी, महानगर अध्यक्ष अमित यादव, कपिल यादव, शिव कुमार वर्मा, सहित अनेक कांग्रेस जन मौजूद रहे।

फोटोकैप्शन:- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेट डिसुजा के वसुंधरा, गाजियाबाद आगमन पर पुष्प गुच्छ प्रदान करके उनका स्वागत कर रहीं
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रवक्ता और जुझारू महिला नेत्री श्रीमती डॉली शर्मा अपने समर्थकों के साथ।

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