वीर गाथा परियोजना के सुपर 25 विजेताओं में बिहार से कोई नहीं, आखिर ऐसा कैसे?
वीर गाथा परियोजना के सुपर 25 विजेताओं में बिहार से कोई नहीं, आखिर ऐसा कैसे?
@ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक
रक्षा मंत्रालय ने वीर गाथा परियोजना के सुपर 25 विजेताओं की घोषणा कर दी है, हालांकि इन दो दर्जन से अधिक विजेताओं में बिहार के किसी भी छात्र ने अपनी जगह नहीं बनाई है। ये उस बिहार की शैक्षणिक दुर्दशा को प्रकट करता है, जो पढ़ाई में अव्वल माना जाता है और देश के प्रशासनिक सेवाओं में जिसका सर्वश्रेष्ठ योगदान रहता आया है। इसलिए बिहार सरकार को, वहां सक्रिय निजी शिक्षा कारोबारियों को यह सोचना चाहिए कि आखिर ऐसा कैसे हुआ और इस स्थिति के लिए कौन, किस हद तक जिम्मेदार है।
आपको पता है कि गणतंत्र दिवस 2022 कई मायनों में विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में मनाया जा रहा है। आजादी के अमृत महोत्सव के हिस्से के रूप में, गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार कई नए कार्यक्रम किये जा रहे हैं। जीवन के सभी क्षेत्रों से उनकी भागीदारी को प्रोत्साहित करके इसे लोगों का उत्सव बनाने का प्रयास किया गया है। साथ ही गणतंत्र दिवस के आयोजनों की तैयारी की प्रक्रिया में भी लोगों में राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना पैदा करें या फिर से जगाने की कोशिश करें।
# वीर गाथा एक ऐसी अनूठी परियोजना है जिसे हमारे देश के स्कूली बच्चों को युद्ध नायकों और बहादुर लोगों की कहानियों से प्रेरित करने के लिए किया गया है शुरू
वाकई वीर गाथा एक ऐसी अनूठी परियोजना है जिसे हमारे देश के स्कूली बच्चों को युद्ध नायकों और बहादुर लोगों की कहानियों से प्रेरित करने के लिए शुरू किया गया है, और इसे पूरे देश से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह के हिस्से के रूप में, रक्षा मंत्रालय ने यह सोच रखी है कि स्कूली छात्रों को वीरता पुरस्कार विजेताओं के आधार पर परियोजनाओं, गतिविधियों को करने के लिए प्रेरित किया जाए। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्रालय, स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने पूरे देश में 21 अक्टूबर से 21 नवंबर, 2021 तक वीर गाथा परियोजना का आयोजन किया।
इस कड़ी में 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 4,788 स्कूलों के 8,03,900 से अधिक छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया और निबंध, कविता, चित्र और मल्टीमीडिया प्रस्तुतियों के रूप में अपनी प्रेरणादायक कहानियों को साझा किया। कई दौर के मूल्यांकन के बाद, 6 जनवरी, 2022 को 'सुपर 25' को चुना गया और विजेता घोषित किया गया। एक राष्ट्रीय स्तर की समिति ने सर्वश्रेष्ठ प्रविष्टियों का चयन किया है।
बता दें कि इसके विजेताओं को 10,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा और 25 जनवरी, 2022 को उनके नई दिल्ली आगमन पर सम्मानित किया जाएगा और वे रक्षा मंत्रालय के विशेष अतिथि के रूप में गणतंत्र दिवस परेड में भाग लेंगे। रक्षा मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और भारत सरकार सभी प्रतिभागियों को वीर गाथा परियोजना के प्रति उनके उत्साह के लिए बधाई और धन्यवाद देता है।
# सुपर 25 के नाम क्रमांक, विजेता का नाम, कक्षा, विद्यालय, राज्य, प्रतियोगिता के विवरण सहित हैं ये
सुपर 25 के नाम नीचे दिए गए हैं, जिनके क्रमांक, विजेता का नाम, कक्षा, विद्यालय, राज्य, प्रतियोगिता क्रमशः हैं। 1. पूरांजय गांधी, 5वीं, एसडी विद्या मंदिर, हरियाणा, कविता। 2. शिवानी पिंपलापुर, चौथी, सेंट जेवियर्स हाई स्कूल, हरियाणा, कविता। 3. दिव्यांशी दास, चौथी, एलआर डीएवी पब्लिक स्कूल, ओडिशा, पेंटिंग। 4. आरिवराज चोपड़ा, चौथी, फीनिक्स वर्ल्ड स्कूल, महाराष्ट्र, अनुच्छेद/निबंध। 5. नंदिका ए कुमार, 5वीं, सेंट पैट्रिक्स अकेडमी, कर्नाटक, अनुच्छेद/निबंध। 6. कुंतदी प्रथम किनी, 5वीं, अमृता विद्यालयम, कर्नाटक, अनुच्छेद/निबंध। 7. निध्यानासेठी, 7वीं, बाल भारती पब्लिक स्कूल, दिल्ली, वीडियो। 8. विधि दूबे, 7वीं,
सेंट अर्नॉल्ड कॉन्वेंट स्कूल, ओडिशा, कविता। 9. जिष्णु घोष, 8वीं, दुर्गापुर पब्लिक स्कूल, पश्चिम बंगाल, पेंटिंग। 10. देव कर्ण, 8वीं, डीपीएस नोएडा, उत्तर प्रदेश, वीडियो। 11. चेतना मराठे, 6ठी, एपीएस महू, मध्य प्रदेश, पेंटिंग। 12. निलय सेनगुप्ता, 8वीं, होली एंजेल सीनियर सेकंडरी स्कूल, उत्तर प्रदेश, पेंटिंग। 13. अन्या अनेषा मिश्रा, 9वीं, केवी ढेंकनाल, ओडिशा, पेंटिंग। 14. खैदम दिव्यश्री देवी,10वीं, डीएवी पब्लिक स्कूल, मणिपुर, पेंटिंग। 15. अमीशा ठाकुर, 10वीं, कार्मल कॉन्वेंट गर्ल्स सीनियर सेकंडरी स्कूल, मध्य प्रदेश, अनुच्छेद/निबंध। 16. शेशा कपूर, 9वीं, बाल भारती पब्लिक स्कूल, दिल्ली, वीडियो। 17. श्रेया, 9वीं, विकट डीएवी विद्या मंदिर, कर्नाटक, कविता। 18. अमृता एस, 9वीं, जनानदीपा स्कूल जावेली, कर्नाटक, पेंटिंग। 19. रुशल सुतर, 12वीं, सीडलिंग मॉर्डन पब्लिक स्कूल, राजस्थान, कविता। 20. गर्व जैन, 11वीं, महावीर सीनियर मॉडल स्कूल, दिल्ली, वीडियो। 21. श्रैया श्रीवास्तव, 11वीं, बाल भारती पब्लिक स्कूल, दिल्ली, अनुच्छेद/निबंध। 22. आकांक्षा वी माल्दे, 11वीं, सेंट जोसेफ्स इंडियन जीपीयू कंपोजिट कॉलेज, कर्नाटक, कविता। 23. ऋषभ सेठी, 11वीं, एपीएस उधमपुर, जम्मू और कश्मीर, कविता। 24. इशान कुमार नंदा, 11वीं, रोटरी पब्लिक स्कूल, ओडिशा, पेंटिंग। 25. आदिशा ग्रोवर, 11वीं, आचार्यकुलम, उत्तराखंड, पेंटिंग।
मेरी स्पष्ट राय है कि जिंदगी के हरेक क्षेत्र में एक समान प्रतिनिधित्व की बातें करने वाली सरकार जब राष्ट्रीय स्तर पर कोई खुली प्रतियोगिता आयोजित करती है तो उसे परिणाम घोषित करते वक्त भी प्रतिभाओं के साथ साथ क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व पर भी गौर फरमाने की परंपरा विकसित विकसित करनी चाहिए, जो कि आरक्षण का मूल मर्म है। यदि यह जातीय या धार्मिक नजरिए से जायज है तो क्षेत्रीय नजरिया भी ऐसा ही होना चाहिए। कई राज्यों को एक से अधिक प्रतिनिधित्व और कुछ राज्यों का शून्य प्रतिनिधित्व आज ही नहीं, कल भी कई सवाल खड़े करेगा और इस पर सियासत भी होगी। इसलिए भविष्य में इसे नजरअंदाज नहीं किया जाए, खासकर अहम मौके पर, ताकि बच्चों को न केवल उनका समसामयिक रोल मॉडल मिले, बल्कि किसी तरह की हीन भावना के शिकार होने से भी बचें। हिन्द आत्मा समूह शैक्षणिक विषमता दूर करने और उपलब्धिगत समानता पैदा करने की पुरजोर वकालत करता है।
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