नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ इंडिया के फेलो के रूप में सम्मानित हुए डॉ अर्जुन खन्ना

नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ इंडिया के फेलो के रूप में सम्मानित हुए डॉ अर्जुन खन्ना 

# नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन द्वारा भारत में विभिन्न संस्थानों में बड़ी संख्या में पल्मोनोलॉजिस्ट को
किया जाता है प्रशिक्षित 

कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो
गाजियाबाद। डॉ अर्जुन खन्ना, सीनियर कंसल्टेंट, पल्मोनोलॉजी एंड क्रिटिकल केयर, यशोदा सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी, गाजियाबाद को नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन ऑफ इंडिया के फेलो के रूप में सम्मानित किया गया है। डॉ खन्ना देश के अन्य प्रसिद्ध पल्मोनोलॉजिस्टों में से एक हैं, जैसे प्रो० डॉ रणदीप गुलेरिया, निदेशक, एम्स। 

बता दें कि नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन की स्थापना 1959 में भारत में चेस्ट फिजिशियन के पहले संघ के रूप में हुई थी। इन वर्षों में, पल्मोनरी मेडिसिन ने न केवल जबरदस्त प्रगति की है, बल्कि भारत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण सुपर स्पेशियलिटी का रूप में भी स्थापित हुई है। नेशनल कॉलेज ऑफ चेस्ट फिजिशियन द्वारा भारत में विभिन्न संस्थानों में बड़ी संख्या में पल्मोनोलॉजिस्ट को प्रशिक्षित किया जाता है।

डॉ. अर्जुन खन्ना देश के कुछ डीएम पल्मोनोलॉजिस्ट में से एक हैं। उनकी रुचि के क्षेत्रों में इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, पल्मोनरी क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन, संक्रामक रोग और इंटरस्टीशियल लंग डिजीज शामिल हैं। उन्होंने एम्स नई दिल्ली में आंतरिक चिकित्सा में सहायक प्रोफेसर के रूप में काम भी किया है। पल्मोनोलॉजी के क्षेत्र में उनकी रुचि के क्षेत्रों में ब्रोन्कियल अस्थमा और सीओपीडी, इंटरस्टीशियल लंग डिजीज, स्लीप मेडिसिन, थोरैकोस्कोपी, ईबीयूएस टीबीएनए, ब्रोंकोस्कोपी, लंग कैंसर का इलाज शामिल हैं।

डॉ अर्जुन खन्ना ने 2011 में किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ से एमडी (मेडिसिन) और 2014 में सफदरजंग अस्पताल से डी० एम० (फुफ्फुसीय और क्रिटिकल केयर मेडिसिन) पूरा किया है और एलर्जी, अस्थमा, ब्रोंकोस्कोपी, एम्फिसीमा, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी, पल्मोनरी फंक्शन में उनकी विशेषज्ञता है।


फोटोकैप्शन:- डॉ अर्जुन खन्ना, वरिष्ठ फेफड़ा रोग एवं क्रिटिकल केयर विशेषज्ञ, यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी गाजियाबाद।

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