पूछता है गाजियाबाद! नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का जिक्र करना आखिर क्यों भूल गए प्रधानमंत्री जी!
गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र के तालाब उद्धारक अधिकारी
पूछता है गाजियाबाद! नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का जिक्र करना आखिर क्यों भूल गए प्रधानमंत्री जी!
# सम्बंधित केंद्रीय मंत्रालयों से जुड़े लोग ट्वीटर पर सार्वजनिक रूप से सराहना कर चुके हैं नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर की सार्थक पहल की।
कमलेश पांडेय/ब्यूरोचीफ, दैनिक भास्कर
गाजियाबाद। भले ही नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के अथक प्रयत्नों से गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र के तालाबों की माली हालत सुधरी हो, लेकिन इसका यश लूट गए गौतमबुद्धनगर स्थित ग्रेटर नोएडा के पॉन्ड मैन रामवीर तंवर! उधर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीभ फिसली और अपने मन की बात कार्यक्रम में उन्होंने पॉन्ड मैन रामवीर तंवर की जमकर तारीफ करते हुए उन्होंने गाजियाबाद का बता दिया।
यदि उन्होंने पुराने जनपद के हिसाब से गौतमबुद्ध नगर की जगह गाजियाबाद का नाम ले लिया तब तो यह ठीक है। लेकिन गाजियाबाद में पिछले 1 वर्ष से शहरी क्षेत्र के तालाबों के जीर्णोद्धार के लिए स्थानीय मीडिया और लोगों की जुबां पर जो नाम छाया है, वह है नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर का। जिसकी सराहना केंद्रीय मंत्रालयों के अधिकारियों ने सार्वजनिक रूप से ट्वीटर तक पर की है।
इसलिए मेरी जेहन में पहला सवाल यही उठा कि कहीं मोदी जी और योगी जी अपने अधिकारी को प्रोत्साहित करने में चूक तो नहीं कर बैठे। इसलिए लिए मैंने गूगल का सहारा लिया और अपनी शंकाएं दूर तो कर ली, लेकिन सवाल फिर वही कि जब पॉन्ड मैन रामवीर तंवर की सार्वजनिक सराहना पीएम मोदी कर सकते हैं, तो पॉन्ड प्रेमी ऑफिसर महेंद्र सिंह तंवर (नगर आयुक्त, गाजियाबाद) के बारे में दो शब्द बोलना कैसे भूल गए, या उन्हें फीड बैक देने वाले अधिकारियों ने मिस्टेक कर दिया, यह चर्चा गाजियाबाद में दोपहर में ही छिड़ गई। क्योंकि गाजियाबाद नगर निगम क्षेत्र के उपेक्षित और अतिक्रमित तालाब का जीर्णोद्धार जिस सलीके से उन्होंने करवाया, उसके लिए यदि प्रधानमंत्री मोदी दो शब्द बोल दिए होते तो पूरे राष्ट्र के अधिकारियों में एक नई स्फूर्ति का संचार होता।
क्योंकि सभी जानते हैं कि आबादी बढ़ने के साथ शहरी और ग्रामीण इलाकों में सबसे पहले सार्वजनिक तालाब ही कब्जाए गए और उनको भरकर मनमाफिक उपयोग किया गया। यदि उन्हें पुरानी अवस्था में लाना है तो तमाम तरह की जोखिम उठाकर उन्हें अतिक्रमण मुक्त करवाने और उसे जलचर योग्य बनाने के लिए तत्पर अधिकारियों की सराहना भी की जानी चाहिए। हालांकि इसके लिए कोई आईएएस अधिकारी लालायित नहीं होता। क्योंकि वह तो सफल कर्मयोगी होता है, जो देश की सर्वोत्कृष्ट जनसेवाओं का अधिकारी बनकर राष्ट्रकल्याण के लिए ततपर रहता है।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मन की बात कार्यक्रम में ग्रेटर नोएडा, गौतमबुद्ध नगर, यूपी के रहने वाले रामवीर तंवर का भी जिक्र किया है, वो भी तालाबों के सुंदरीकरण और उन्हें पुनर्जीवित करने का काम पिछले 6 सालों से कर रहे हैं। इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में उन युवाओं का जिक्र किया, जो समाज हित में कुछ अलग हटकर काम कर रहे हैं। बताया जाता है कि पौंड मैन श्री तंवर गौतम बुध नगर, गाजियाबाद, सहारनपुर, हरियाणा के पलवल, मानेसर, दिल्ली समेत करीब 40 तालाबों को वह अभी तक पुनर्जीवित कर चुके हैं। उन्होंने इस अभियान की शुरुआत 2015 से की थी। इससे पहले यह अभियान तलाब के बारे में लोगों को जागरूक करने तक सीमित था, लेकिन बाद में वह इसमें पूरी तरह से जुट गए और तालाबों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका सुंदरीकरण एवं पुनर्जीवित करने का काम शुरू कर दिया। आज 14 लोगों की टीम इस काम में जुटी है।
बताया जाता है कि पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर रामवीर तंवर ने 2018 में अपनी नौकरी छोड़ दी और तालाब के सुंदरीकरण के काम में पूरी तरह जुट गए। उनकी पहचान पोंड मैन ऑफ इंडिया के रूप में स्थापित हो चुकी है। लोगों को तालाबों से जोड़ने के लिए उन्होंने सेल्फी विद पोंड की भी शुरुआत की थी, ताकि लोगों को तालाबों के महत्व और उनकी दुर्दशा के बारे में जानकारी हो और तालाबों को बचाया जा सके। लगता है कि रामवीर तंवर का यही कार्य पीएम मोदी को पसंद आ गया और उन्होंने अपने मन की बात कार्यक्रम में जमकर तारीफ की। उन्होंने रामवीर तंवर को अन्य लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
वहीं, पीएम मोदी के मुंह से अपनी तारीफ सुनकर रामवीर काफी खुश हैं और उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी का धन्यवाद किया है। रामवीर तंवर के जानने वाले दोस्त व करीबी लोग इसके लिए उन्हें बधाई भी दे रहे हैं। लेकिन गाजियाबाद के लोगों, जिसमें मैं भी शामिल हूँ, को इस बात की कसक जरूर रह गई कि जब पीएम मोदी ने गाजियाबाद का ज़िक्र किया तो अपने पसंदीदा अधिकारी के तालाब जीर्णोद्धार सम्बन्धी किये गए कार्यों को कैसे भूल गए, क्या सिर्फ इसलिए कि वो अधिकारी हैं!
या फिर इसलिए कि आगामी यूपी विधानसभा चुनावों के लिहाज से पिछड़े वर्ग को लुभाने के लिए महेंद्र सिंह तंवर से ज्यादा मुफीद रामवीर तंवर होंगे। गुर्जर सम्राट मिहिर भोज की जातीयता को लेकर पिछले दिनों ग्रेटर नोएडा में पक्ष-विपक्ष की जो राजनीति दिखाई दी, उसके मद्देनजर भी हो सकता है कि पीएम ने ग्रेटर नोएडा का नाम लेने से परहेज किया हो और पुराने जनपद गाजियाबाद को ही महिमामण्डित कर दिया हो। खैर जो भी हो, लेकिन पॉन्ड मैन की चर्चा करके पीएम ने तालाबों को जिंदा करने की जिम्मेदारी हम सब पर छोड़ दी है। एक लोकल राष्ट्रीय दैनिक भी इस तरह की जनजागरूकता का सफल मुहिम चला चुका है इस क्षेत्र में।
गाजियाबाद नगर निगम ने शहरवासियों की सुविधा को दृष्टिगत रखते हुए तालाबों को पुनर्जीवित किया, जिससे शहर में जलस्तर में भी काफी वृद्धि आई है। कई करोड़ लीटर पानी एक साथ तालाब में मानसून के दौरान एकत्र हुआ, जिसका गाजियाबाद के ग्रामीण क्षेत्रों को भी काफी फायदा मिला है।
मेयर आशा शर्मा, मुंसिपल कमिश्नर महेंद्र सिंह तंवर, निगम पार्षद गण, गाजियाबाद नगर निगम के अधिकारी तथा क्षेत्रीय निवासियों के सहयोग से तालाबों की सफाई की गई तथा कई तालाबों को भू-माफियाओं से कब्जा मुक्त कराया गया और उनको पूर्ण जीवित किया गया।
बता दें कि गाजियाबाद नगर निगम व सेव अर्थ संस्थान ने तालाबों को योजना बनाते हुए साफ किया तथा कई चरणों को पूर्ण करते हुए तालाबों को सुंदर पर्यटक स्थलों में परिवर्तित किया गया। जिससे ग्रामीण वासियों को सुंदर मनमोहक तालाब वापस मिले, जो कि गंदगी के ढेर बन चुके थे। वहीं, नगर आयुक्त गाजियाबाद ने शहरवासियों की सहूलियत को बढ़ाते हुए तालाबों के आसपास सुंदर सुंदर पेड़ पौधे लगाने के साथ-साथ सुंदर फुटपाथ का निर्माण कराया तथा तालाबों का जल स्वच्छ रहे उस हेतु भी योजना बनाई गई। समस्त ग्रामीण वासियों द्वारा इस पुनीत कार्य पर गाजियाबाद नगर निगम को धन्यवाद कई बार प्रेषित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गाजियाबाद के तालाबों की प्रशंसा सुन, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश योगी आदित्यनाथ द्वारा ट्वीट करते हुए प्रशंसा की गई जिससे समस्त निगम पार्षदों द्वारा महापौर तथा नगर आयुक्त को इस सराहनीय कार्य पर बधाई दी। साथ ही सेव अर्थ संस्थान से रामवीर तंवर को भी बधाई दी गई।
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