अवेक क्रेनिओटोमी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन: डॉ मनीष कुमार, सीनियर न्यूरोसर्जन
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अवेक क्रेनिओटोमी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन: डॉ मनीष कुमार, सीनियर न्यूरोसर्जन
# निज अभिरुचि के मुताबिक हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति करवाते हुए करते हैं ऑपरेशन
कमलेश पांडेय/खास-बातचीत
गाजियाबाद/ दिल्ली। मरीज को बिना बेहोश किए उसके दिमाग का ऑपरेशन करने में प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ मनीष कुमार को महारत हासिल है। जिस तरह से वो किसी को हनुमान चालीसा पढ़वाते हुए, तो किसी से दुर्गा स्तुति करवाते हुए सफल ऑपरेशन कर रहे हैं, इससे हिंदुत्व समर्थकों में इनकी लोकप्रियता बढ़ रही है। इनकी चर्चा न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि देश-विदेश में भी हो रही है, क्योंकि अपनी इस अहम उपलब्धि का वीडियो क्लिप बनाकर वे सोशल मीडिया पर भी शेयर करते हैं। दैनिक भास्कर के ब्यूरोचीफ और वरिष्ठ पत्रकार कमलेश पांडेय ने इस सम्बन्ध में उनसे खास बातचीत की है, प्रस्तुत है उसके चुनिंदा अंश:-
सवाल: अवेक क्रेनिओटोमी यानी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन क्या है? यह क्यों किया जाता है?
जवाब: न्यूरोसर्जन डॉ मनीष कुमार बताते हैं कि अवेक क्रेनिओटोमी यानी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन करना आधुनिक विज्ञान का एक चमत्कार है। जहाँ आजकल जरुरत पड़ने पर और ज्यादातर बेहोशी वाली सर्जरी में ऐसा ही किया जाता है, जिसके माध्यम से रोगी को पूरी तरह से बेहोश कर उसके सांस को पूरी तरह से नियंत्रित किया जाता है और रोगी को मशीन के सहारे सांस दिया जाता है। वहीं, कुछ ख़ास ब्रेन सर्जरी में रोगी को पूरी तरह से बेहोश किये बिना सर्जरी किया जाता है। ब्रेन या दिमाग की सर्जरी के बाद बेहोशी, हाथ-पाँव की कमजोरी के अलावा बोलने-समझने में तकलीफ, याददाश्त खो जाना, बातें न समझना, देखने में तकलीफ आदि जैसी अनेक समस्याएं हो सकती हैं। यदि ब्रेन की बीमारी, जैसे- ट्यूमर या मिर्गी के दौरे पड़ने का कारण; ब्रेन के ऐसे भाग के नजदीक होता है जहाँ से ये महत्वपूर्ण काम का नियंत्रण होता है, तो सर्जरी के बाद इस तरह की समस्याएं होने की संभावना होती है। और ऐसे में साधारणतया सर्जरी करना काफी खतरनाक और मुश्किल हो जाता है, क्योंकि ऐसे में सर्जरी के बाद होने वाली कमजोरियों के कारण बहुत कठिनाई होती है और सामान्य जीवन जीना असंभव होने की संभावना होती है।
सवाल: अवेक क्रेनिओटोमी यानी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन कैसे किया जाता है?
जवाब: सुप्रसिद्ध और सिद्धहस्त न्यूरोसर्जन डॉ मनीष कुमार बताते हैं कि अवेक क्रेनिओटोमी की तकनीक से उन्होंने बहुत से रोगियों के दिमाग के ऐसे महत्वपूर्ण भाग का सर्जरी किया है, जो साधारणतया असंभव था। इस तरह से कई मिर्गी के रोगियों और ब्रेन ट्यूमर के रोगियों का सफल इलाज किया है। वो बताते हैं कि इस इलाज के पहले रोगी का चुनाव किया जाता है और उनको सर्जरी की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बतलाया जाता है। इस सर्जरी से होने वाले लाभ और संकटों के बारे में भी बतलाया जाता है। इस क्रम में रोगी के मन के भय और शंकाओं का समाधान किया जाता है। उनको स्पष्ट किया जाता है और उनकी चिंताओं को सभी सदस्य, सर्जन एनेस्थेटिस्ट, नर्सिंग स्टाफ, तकनीशियन- सभी प्लान करते हैं और सर्जरी के विभिन्न रोल समझते हैं, उनका रिहर्सल करते हैं, करते रहते हैं। कभी-कभी जरुरत के हिसाब से रोगी को बेहोश भी किया जाता है। डॉ मनीष आगे बताते हैं कि इस तरह की तकनीक से सर्जरी के दौरान होने वाले खतरे, दिमाग में इंजूरी और उससे होने वाले इफ्फेक्ट को रोका जाता है या कम किया जाता है।
सवाल: अपने बारे में बताइए, ताकि रोगीयों को आपके बारे में समझने और आपतक पहुंचने में कोई परेशानी न हो।
जवाब: मैं, डॉक्टर मनीष कुमार, मूलतः समस्तीपुर, बिहार का निवासी हूँ और अब द्वारिका, दिल्ली में रहता हूँ। पश्चिमी दिल्ली के हृदयस्थल नजफगढ़ में मेरा हॉस्पिटल है। दिल्ली में एक सुप्रसिद्ध हॉस्पिटल में भी मैं सीनियर न्यूरोसर्जन हूँ और कई महत्वपूर्ण अस्पतालों के भी इमरजेंसी पैनेल में शामिल हूँ। अपने हॉस्पिटल और आवासीय क्लिनिक से भी जरूरतमंद मरीजों की सेवा करना मेरा शगल है। मैंने अपोलो हॉस्पिटल, चेन्नई और सिम्स (एसआईएमएस ) हॉस्पिटल चेन्नई के अलावा दिल्ली और चेन्नई के कई अस्पतालों में ब्रेन तथा स्पाइन के सबसे कठिन तथा जटिल सर्जरी किये हैं। मेरा व्यक्तिगत अनुभव रहा है कि अवेक क्रेनिओटोमी की मदद से कम खर्च में कठिन सर्जरी करने का इनका तरीका बहुत कामयाब साबित हो रहा है। आप हमसे drmaknu@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं या हमारेे फेसबुक पर https://www.facebook.com/drmanku/ जुड़ सकते हैं या मोबाइल नंबर 9810325181 पर संपर्क कर सकते हैं।
फोटोकैप्शन: डॉ मनीष कुमार, सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन।
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