क्रिकेट और बैडमिंटन के अच्छे खिलाड़ी हैं ईओ मनोज कुमार मिश्रा
क्रिकेट और बैडमिंटन के अच्छे खिलाड़ी हैं ईओ मनोज कुमार मिश्रा
# डासना नगर पंचायत क्षेत्र में खेल सुविधाओं के विस्तार हेतु हैं प्रयत्नशील
# देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। सिर्फ उन्हें उच्च कोटि के खेल के साजोसामान, समुचित प्रशिक्षण और बेहतर खेल वातावरण मिले तो वो देश-विदेश का हर मेडल अपने नाम करने की रखते हैं क्षमता
कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो
गाजियाबाद। डासना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी (ईओ) मनोज कुमार मिश्रा क्रिकेट और बैडमिंटन के एक
अच्छे खिलाड़ी भी हैं। इसलिए नगर पंचायत क्षेत्र में भी खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का वो कोई मौका नहीं गंवाते हैं। यहां के साढ़े आठ बीघा जमीन पर एक स्टेडियम बनवाने की योजना पर वो गम्भीरता पूर्वक विचार कर रहे हैं, जिससे स्थानीय जनप्रतिनिधि गण भी असहमत नहीं हैं। इसलिए आगामी नगर पंचायत बोर्ड बैठक में भी यह बात प्रमुखता से उठनी तय है।
वैसे भी केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार और उत्तरप्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जिस तरह से खेलों को प्रोत्साहित कर रही है, उससे प्रेरणा लेते हुए डासना नगर पंचायत की स्थानीय सरकार भी अपने क्षेत्र में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने और इसके लिए साजोसामान से लेकर बड़ा स्टेडियम बनवाने की योजना पर गम्भीर मंथन कर रही है। इसके लिए निजी खेल संगठनों ने भी डासना नगर पंचायत को हर संभव सहयोग देने का संकेत दिया है।
आने वाले दिनों में गाजियाबाद नगर निगम और डासना नगर पंचायत के बीच प्रस्तावित क्रिकेट मैच को भी इसी पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
डासना नगर पंचायत की चेयरमैन हज्जन हंसार के प्रतिनिधि हाजी आरिफ अली ने भी नगर पंचायत क्षेत्र में खेल सुविधाओं को बढ़ावा देने और खुद भी बतौर खिलाड़ी खेलने का निश्चय किया है, ताकि युवाओं पर इसका सकारात्मक असर हो। बताया जाता है कि डासना नगर पंचायत के पूर्व अधिशासी अधिकारी सत्यप्रकाश शर्मा के कार्यकाल में भी डासना में स्टेडियम बनवाने का प्रस्ताव लाया गया था, जो किसी कारण वश निरस्त कर दिया गया।
हालांकि इस बार डासना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मिश्रा खुद भी दिलचस्पी ले रहे हैं, क्योंकि वो एक अच्छे खिलाड़ी भी हैं। गाजियाबाद में लीजेंड्स क्लब की तरफ से वो अब भी खेलते हैं। उन्होंने बताया कि अधिशासी अधिकारी बनने के बाद खेल के लिए समय निकालना काफी मुश्किल होता जा रहा है, फिर भी अभिरुचि होने के कारण जब भी खेलने का मौका मिलता है तो उसे चूकना नहीं चाहते। अपने अतीत के सहपाठी खिलाड़ियों की चर्चा करते हुए उन्होंने खेल पुत्र के नाम से शुमार विजय देव और छात्रावास की टीम के कप्तान रहे मनीष सिंह की चर्चा की जो अब सब-रजिस्ट्रार हो चुके हैं।
यूपी के संतकबीरनगर जनपद अंतर्गत घोरकटा गांव निवासी ईओ मनोज कुमार मिश्रा अपने छात्र जीवन से ही एक होनहार खिलाड़ी रहे हैं। राजीव सरस्वती शिशु मंदिर, घोरकटा के खेल के मैदान से एक कप्तान के रूप में उन्होंने जो क्रिकेट का हुनर दिखाया, वह बीएनबी इंटर कॉलेज, जौनपुर के मैदान तक सराहा गया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय परिसर से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान भी उनकी गिनती एक अव्वल खिलाड़ी के रूप में होती रही। फिर जब प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी के सिलसिले में वो चार साल के लिए दिल्ली आए तो मुखर्जी नगर के मैदान में भी जमकर क्रिकेट खेला।
जब वे नगर पंचायत तंबौर में ईओ के पद पर पदस्थापित थे तो पीएसी ग्राउंड सीतापुर उनका खेल ठिकाना होता था। गाजियाबाद के भी अधिकांश खेल ठिकानों से वे सुपरिचित हैं। पावर, एसजी और बीडीएम के बल्ले से उन्होंने जो बल्लेबाजी की, और मारुति और एसजी के कॉर्क बॉल से जो बॉलिंग की, उसको याद कर आज भी उनका मन रोमांचित हो उठता है। यूनिक्स के बैडमिंटन सदैव उनके हाथों की शोभा बने रहे। महानगरों की भागमभाग जिंदगी में अभी भी वो बैडमिंटन खेलने के लिए कुछ वक्त निकाल ही लेते हैं।
उन्होंने बताया कि देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की कमी नहीं है। यदि उन्हें उच्च कोटि के खेल के साजोसामान मिले, समुचित प्रशिक्षण मिले और बेहतर खेल वातावरण मिले तो वो देश-विदेश का हर मेडल अपने नाम करने की क्षमता रखते हैं। डासना नगर पंचायत में भी ऐसी प्रतिभाओं को पहचानने और सबके सहयोग से उन्हें आगे बढ़ाने की कोशिश वो कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि हम होंगे कामयाब, एक दिन।
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