टोक्यो ओलंपिक के आखिरी दिन भारत ने इतिहास रचा: डॉ पी एन अरोड़ा

टोक्यो ओलंपिक के आखिरी दिन भारत ने इतिहास रचा: डॉ पी एन अरोड़ा

कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो
गाजियाबाद। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में अद्भुत प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। शनिवार को फाइनल मुकाबले में चोपड़ा ने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर का बेस्ट थ्रो करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही नीरज ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं।

इस ऐतिहासिक क्षण पर उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष डॉ पीएन अरोड़ा ने नीरज चोपड़ा को हृदय से बधाई दी एवं इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा ने आज जो हासिल किया है, उसे हमेशा याद रखा जायेगा। युवा नीरज ने असाधारण प्रदर्शन किया। वह काफी जुनून से खेला और उसने अद्वितीय संयम दिखाया।नीरज चोपड़ा ने आज जो हासिल किया है, उसे हमेशा याद रखा जायेगा। युवा नीरज ने असाधारण प्रदर्शन किया। वह काफी जुनून से खेला और उसने अद्वितीय संयम दिखाया।

डॉ अरोड़ा ने कहा कि नीरज ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं और भारत के लिए एक नया इतिहास रच दिया है। साथ ही, वह ओलंपिक के व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय एथलीट बन गए हैं। इससे पहले अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक (2008) एथलीट बन गए हैं। अभिनव बिंद्रा ने बीजिंग ओलंपिक में गोल्ड अपने नाम किया था। 
डॉ अरोड़ा ने कहा कि आज ओलंपिक का आखिरी दिन और इसका अंत बेहद शानदार रहा। भारत ने तेरह साल बाद ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता है। उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष के तौर पर डॉक्टर अरोड़ा को गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों सहित देशभर से उन्हें बधाई और शुभकामनाएं मिल रही हैं। 

उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ इस गोल्डन ब्वॉय के सामने नतमस्तक है और इस गोल्ड मेडल की बहुत ही जरूरत थी, नीरज आने वाले बहुत समय तक खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे और भविष्य में भारत में अनेकों ऐसे खिलाड़ी होंगे जो स्वर्ण पदक प्राप्त करेंगे।

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के कूटनीतिक निहितार्थ

जनहितैषी सुझाव को शिकायत समझने की भूल न करें, अपेक्षित बदलाव के वाहक बनें

शिक्षक दिवस: जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया और बाल बाटिका का महत्व समझाया