मेरे ऊपर न तो कोई दबाव है, और न ही मैं किसी के दबाव में आने वाला हूं: महेंद्र सिंह तंवर


मेरे ऊपर न तो कोई दबाव है, और न ही मैं किसी के दबाव में आने वाला हूं: महेंद्र सिंह तंवर

# गाजियाबाद नगर निगम के समग्र हित काम कर रहा हूँ, इसलिए बिना सबूत के दोषारोपण से परहेज करें: नगर आयुक्त

# भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा स्थापित संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप निगम सदन के सदस्य गण करें आचरण: आशा शर्मा

# गाजियाबाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में ब्रेक के बाद होते रहे वाद-विवाद

#  अधिकांश प्रस्तवि पारित, कुछ प्रस्ताव शासन को अग्रसारित, कुछेक अव्यवहारिक प्रस्ताव निरस्त किए गए

कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो
गाजियाबाद। सोमवार को गाजियाबाद नगर निगम के माननीय सदन की बैठक लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में संपन्न हुई। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन से यह बैठक शुरू हुई। महापौर आशा शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने सदन का संचालन सदन सचिव सह अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार के सहयोग से किया। 

राष्ट्रीय गीत के गायन के तुरंत बाद भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी को उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सदस्यों ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की सराहना करते हुए गाजियाबाद से उनके खास लगाव की भी चर्चा की। सदन के वरिष्ठ सदस्य राजेन्द्र त्यागी और कांग्रेस नेता मनोज चौधरी समेत कई पार्षदों ने उनकी कतिपय खास विशेषताओं से अवगत कराया। वहीं, महापौर आशा शर्मा ने यह अपेक्षा जाहिर करते हुए श्रद्धांजलि दी कि माननीय सदस्यगण इस छोटे से संसद को भी स्व. बाजपेयी द्वारा स्थापित राजनीतिक व सामाजिक मर्यादा के अनुरूप ही संचालित करेंगे। 

सदन में अपर नगर आयुक्त राजनारायण पांडेय, अपर नगर आयुक्त शिवपूजन यादव, मुख्य अभियंता धीरेंद्र कुमार चौधरी, मुख्य लेखाधिकारी राजेश कुमार गौतम, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ मिथिलेश, उद्यान अधिकारी डॉ अनुज, जलकल अभियंता श्रीवास्तव के
 अलावा सभी जोनों के जोनल अधिकारियों में वसुंधरा जोन के जोनल अधिकारी सुनील राय, सिटी जोन के जोनल अधिकारी सुधीर शर्मा, कविनगर जोन के जोनल अधिकारी बनारसी गुप्ता आदि उपस्थित रहे और अपने अपने विभाग को लेकर उठे सवालों को नगर आयुक्त के निर्देश पर नोट करते हुए उसे तत्काल दूर करने का भरोसा दिया।

माननीय सदन के एजेंडा में शामिल अधिकांश प्रस्तावों को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। वहीं, जो प्रस्ताव माननीय सदन के अधिकार क्षेत्र की सीमा से परे बताए गए, उन्हें शासन को अग्रसारित कर दिया गया। वहीं, जो प्रस्ताव विभिन्न दृष्टिकोणों से सदन को अव्यवहारिक प्रतीत हुए उन्हें निरस्त करते हुए उसका विकल्प सुझाने और अगले सदन की बैठक में उसे शामिल करने का आश्वासन दिया गया। इस दौरान विभिन्न मसलों को लेकर सदस्यों में न केवल लामबंदी दिखी, बल्कि उनके बीच कई बार तीखी बहस हो गई। 

वहीं, जब कुछ सदस्यों ने परोक्ष और प्रत्यक्ष रूप से नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर या उनके अधीनस्थ अधिकारियों पर निशाना साधने का दुस्साहस किया तो नगर आयुक्त ने उसका मजबूती से प्रतिकार करते हुए कहा कि वो किसी के दबाव में काम नहीं करते और न ही उनके ऊपर कोई दबाव डाल सकता है। उनके लिए नगर निगम का हित सर्वोपरि है और कानूनी व्यवस्थाओं के अंदर ही वो नगर निगम का काम करेंगे और करवाएंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें कुछ चीजें विरासत में मिली हैं, जिन्हें बदलने की कोशिश वह निरंतर कर रहे हैं, ताकि सदन और जनता का हित सध सके। 

वहीं, महापौर आशा शर्मा ने सदस्यों को सदन की मर्यादा का पालन करने की हिदायत बार बार दी और दो पार्षदों को बारी बारी से कड़ी झिड़की भी लगाई। लेकिन देश की संसद और विभिन्न राज्यों की विधान सभाओं में अमूमन दिखने वाली उद्दंडता की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए गाजियाबाद के माननीय सदन के कतिपय पार्षदों ने कभी जाति के नाम पर तो कभी क्षेत्र के नाम पर अशोभनीय व अव्यवहारिक तर्क पेश किए। गनीमत रही कि प्रबुद्ध सदन ने एक स्वर से उनकी बातों को खारिज कर दिया। 

बताते चलें कि विज्ञापन के ठेकों और उससे मिलने वाली धनराशि के अलावा इन ठेकों पर गुट विशेष के वर्चस्व की भी पार्षदों ने खूब आलोचना की। वहीं, पूर्वांचल भवन और उत्तरांचल भवन के लिए दी जाने वाली वैकल्पिक जमीन के प्रस्ताव के मुकाबले राजीव शर्मा ने जब परशुराम भवन की बात छेड़ी और कहा कि गाजियाबाद में ब्राह्मण समाज किसी से कमजोर नहीं है तो अन्य जातियों खासकर पिछड़ी, दलित व अल्पसंख्यक जातियों के पार्षदों ने कहा कि कौन सी जाति कमजोर है, ये बता दीजिए। इससे सदन कुछ क्षणों के लिए असहज हो गया। 

लेकिन पूर्वांचली नामित पार्षद अर्चना सिंह ने जब बताया कि पूर्वांचल समाज में सभी जाति के लोग आते हैं, तब अन्य सदस्यों ने बात संभालने की कोशिश की। सदस्यों ने डेयरियों, अतिक्रमण, बिजली-पानी की समस्या सहित ढेरों सवाल रखे, जिसकी गुणवत्ता के आधार पर उन्हें पारित या निरस्त कर दिया गया।

सदन की बैठक में पार्षद राजीव शर्मा, अजय शर्मा, हिमांशु लव, संजय सिंह, अनुभव जैन, मनोज गोयल, श्रीभगवान अग्रवाल, मंजू त्यागी, साक्षी नारंग, चंपा माहौर, जाकिर सैफी, आनंद चौधरी आदि ने अपने अपने महत्वपूर्ण सवाल उठाए और  नगर आयुक्त व महापौर से उनका जवाब हासिल किया।

फोटोकैप्शन:- 1. गाजियाबाद नगर निगम सदन की बैठक की अध्यक्षता करती हुई महापौर आशा शर्मा, साथ में बैठक का संचालन करते हुए नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर।

2. गाजियाबाद नगर निगम की बैठक में हंगामा करते हुए अपनी अपनी सीटों पर खड़े पार्षद गण।

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