जनसमस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव पहल करूंगा: के के मिश्रा

# खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका परिषद को मिला बेहतर सूझबूझ वाला अधिकारी

# जनसमस्याओं को दूर करने के लिए हर संभव पहल करूंगा: के के मिश्रा

# पेयजल, सड़क निर्माण, जलजमाव मुक्ति, भूमिगत विद्युतीकरण, गंदाजलनिकासी, सौंदर्यीकरण और स्थायी लैंडफिल देने को प्राथमिकता दूंगा: अधिशासी अधिकारी

@ कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो

गाजियाबाद। खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी के के मिश्रा ने नगरपालिका क्षेत्र को विभिन्न जनसमस्याओं से मुक्त करने की प्रतिबद्धता जताई है। बता दें कि इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र रहे श्री मिश्रा की चौथी बार हुई पदस्थापना में दिल्ली से सटे गाजियाबाद जनपद के खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका जैसा महत्वपूर्ण संस्थान मिला है, जो उनकी नेकनीयती और कर्तव्यनिष्ठा से एक नई मुकाम छूने की ओर अग्रसर है। 

बताते चलें कि ईओ श्री मिश्रा ने वर्ष 1995 में दशवीं और वर्ष 2000 में स्नातक और 2002 में स्नातकोत्तर अर्थशास्त्र से करने के बाद वर्ष 2013 में उत्तरप्रदेश के महोबा में अधिशासी अधिकारी का कार्यभार संभाला। फिर ईमानदारी और सद्व्यवहार की पूंजी के बूते महराजगंज और हमीरपुर में ईओ के पद पर ही सफल सेवाएं प्रदान की और जनहित के ढेरों कार्य किये। यही वजह है कि योगी प्रशासन ने उन्होंने खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका परिषद को दुरुस्त करने का जिम्मा दिया, जो कि हाल के वर्षों में काफी सुर्खियां बटोर चुका है।

दैनिक भास्कर से बातचीत में ईओ के के मिश्रा ने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल यानी गंगाजल पहुंचाना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए 12 ओवरहेड टैंक भी बनवाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि लोगों को पीने का पानी शीघ्रतापूर्वक और ततपरतापूर्वक उपलब्ध करवाने के लिए नगरपालिका प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधिगण गाजियाबाद व लखनऊ एक किये हुए हैं। उन्हें उम्मीद है कि क्षेत्रवासियों को इसका जल्द से जल्द लाभ दिलवाने में वे सफल होंगे।

उन्होंने कहा कि नगरपालिका की जो कच्ची सड़कें हैं, उन्हें शीघ्र ही पक्की सड़कों में तब्दील किया जाएगा। वहीं, जो पक्की सड़कें हैं, लेकिन उनके नीची होने से उसपर जलजमाव होता है तो ऐसी सड़कों को भी ऊंचा करवाकर उन्हें जलजमाव मुक्त बनाया जाएगा, ताकि लोगों को सहूलियत हो। ऐसी सड़कों के किनारे नालियों व फुटपाथों को भी बनवाया जाएगा, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

ईओ श्री मिश्रा ने कहा कि जिन इलाकों में जलजमाव हो रहे हैं, उन्हें भी जलजमाव मुक्त करने के लिए वो प्रयत्नशील हैं। लेकिन जबतक जलनिकासी हेतु सीवर लाइन नहीं डाली जाएगी, तबतक इस समस्या का पूर्व समाधान किये जाने में तकनीकी दिक्कतें हैं। उन्होंने कहा कि हिंडन नदी में नगरपालिका क्षेत्र का गंदा पानी सीधे नहीं डलवाया जा सकता है। इसलिए सीवर लाइन बिछाने और जगह जगह पर एसटीपी लगाने की जरूरत पड़ेगी। तभी शोधित जल का प्रवाह हिंडन नदी में करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि सीवर लाइन डालने और एसटीपी बैठाने के लिए जमीन की भी जरूरत पड़ेगी, जो यहां बहुत कम है। इसलिए जलनिकासी के अस्थायी उपाय किये गए हैं, जिससे जलजमाव वाले क्षेत्रों को काफी राहत मिलेगी।

ईओ श्री मिश्रा ने बिजली के ओपन वायर को अंडरग्राउंड करवाने की भी बात कही है। इससे आंधी-तूफान में संकरी सड़कों से गुजर रहे बिजली पोलों के लोगों के मकान की क्षतों से सटने का खतरा भविष्य में नहीं रहेगा। इससे नगरपालिका क्षेत्र की सुंदरता भी बढ़ेगी, क्योंकि पोल पर अवैध होर्डिंग्स लगवाने की गुंजाइश भी लगभग खत्म हो जाएगी।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान से मिली प्रेरणा के मुताबिक नगरपालिका क्षेत्र को हमेशा स्वच्छ व साफ सुथरा रखने की उनकी कोशिश बरकरार रहेगी। उन्होंने कहा कि डासना नगर पंचायत की तरह खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका के पास भी कोई लैंड फील साइट नहीं है और जो मिल रही है, वह काफी दूर है। इसलिए कूड़ा डालने के वास्ते एक साइट सुनिश्चित करना भी उनकी प्राथमिकता होगी। इसके लिए पड़ोसी जनपद से भी उचित चैनल से बातचीत हो रही है।

वहीं, एनएच 24 के किनारे समानांतर रूप से जा रही पालिका की सड़क का पक्कीकरण किया जाएगा। साथ ही, जमीन उपलब्ध होने पर वृक्षारोपण करके पूरे इलाके का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि सड़क पर अस्थायी रूप से अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ समयबद्ध अभियान चलाया जाएगी, जबकि स्थायी रूप से अतिक्रमण किये बैठे लोगों पर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

फोटोकैप्शन:-  के के मिश्रा, अधिशासी अधिकारी, खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका परिषद

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा के कूटनीतिक निहितार्थ

जनहितैषी सुझाव को शिकायत समझने की भूल न करें, अपेक्षित बदलाव के वाहक बनें

शिक्षक दिवस: जिलाधिकारी डॉ दिनेश चंद्र सिंह ने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया और बाल बाटिका का महत्व समझाया