कोरोना के इलाज में खर्च हुई रकम और मौत के बाद मिले मुआवजे पर नहीं लगेगा कोई टैक्स

कोरोना के इलाज में खर्च हुई रकम और मौत के बाद मिले मुआवजे पर नहीं लगेगा कोई टैक्स

@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार ने जनहित के नजरिए से निश्चय किया है कि कोरोना के इलाज में खर्च हुई रकम और मौत के बाद मिले मुआवजे पर किसी भी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने स्पष्ट कर दिया है कि कोरोना के इलाज में खर्च हुई रकम और मौत के बाद मिले मुआवजे पर किसी भी प्रकार का कोई कर (टैक्स) नहीं लगेगा। 

दरअसल, कोरोना के खिलाफ जारी लड़ाई को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए उन्होंने टैक्स में छूट देने की जो बात कही है, उससे कोरोना पीड़ितों को भारी राहत मिली है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह छूट उन लोगों को ही मिलेगा, जिन्होंने कोरोना के इलाज में अपने पैसे खर्च किए हैं। वहीं, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि मौत के बाद मिले मुआवजे पर भी कोई टैक्स नहीं लगेगा।

बता दें कि कोविड के इलाज के लिए कंपनी या किसी दूसरे व्‍यक्ति से ली गई रकम पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। यह छूट कारोबारी साल 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के लिए दी गई है। यही नहीं, सरकार टैक्स से जुड़े कागजात के कंप्लायंस की तारीख भी बढ़ा दी है। वहीं, वित्‍त राज्‍य मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया है कि महामारी के कारण कई लोगों की नौकरी चली गई। यहां तक कि उन्‍हें बीमारी के खर्च से भी जूझना पड़ा है। इसलिए सरकार उन्‍हें टैक्स रियायत देना चाहती है।

वित्त राज्यमंत्री श्री ठाकुर ने बताया कि अगर कोई कंपनी कोविड से दिवंगत हुए कर्मचारी के प्रभावित परिवार को अनुग्रह राशि का भुगतान (एक्स-ग्रेटिया पेमेंट) करती है तो उस रकम पर वित्तिय वर्ष 2019-20, 2020-21 और 2021-22 के लिए टैक्स एक्सएम्प्टेड रहेगा। यह छूट किसी व्यक्ति के द्वारा अपने दोस्‍त, रिश्‍तेदार या किसी दूसरे की मदद के लिए दी गई एक्स-ग्रेटिया पेमेंट पर ही मिलेगी। ऐसे रकम की सीमा 10 लाख रुपए होगी। 

वहीं, कोरोना संकट के बीच आयकर विभाग ने अस्पतालों के लिए भी राहत का ऐलान किया है। कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे अस्पतालों और चिकित्सा सुविधाओं आदि के लिए सक्रिय चिकित्सा संस्थाओं के लिए कर में विशेष छूट का ऐलान किया गया है। क्योंकि देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौर में कई राज्यों में अस्पताल मरीजों से भरे रहे। 

यही वजह है कि अब कोविड मरीजों के लिए अस्थायी बेड व अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं से युक्त बेड तैयार किए जा रहे हैं। लिहाजा, केंद्र सरकार की ओर से अब अस्पतालों और मेडिकल डिस्पेंसरीज़ के लिए भी राहत का ऐलान किया गया है। वित्त मंत्रालय आईटी अधिनियम 1961 की धारा 269 एसटी के प्रयोजन के लिए कोविड उपचार प्रदान करने वाले अस्पतालों और चिकित्सा औषधालयों को छूट देता है। इसलिए 1 अप्रैल से 31 मई, 2021 के दौरान कोरोना मरीज की ओर से भुगतान प्राप्त करने के लिए, रोगी और भुगतानकर्ता के पैन या आधार डिटेल मिलने पर यह छूट दी जा रही है।

वहीं, आयकर विभाग ने भी आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया कि, 'गंभीर कोरोना महामारी के मद्देनजर केंद्र सरकार द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269एसटी के प्रावधान के तहत अस्पतालों, चिकित्सा सुविधाओं आदि को कोरोना मरीजों के इलाज के एवज में लिए जाने वाले नकद भुगतान पर दो लाख या उससे अधिक कर राहत प्रदान करता है। वहीं मरीज और भुगतानकर्ता के पैन या आधार की डिटेल मिलने के बाद 1 अप्रैल 2021 से 31 मई 2021 की अवधि के लिए यह छूट दी जा रही है।'

बताते चलें कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर ने देश में भारी तबाही मचाई। पिछले साल के लॉकडाउन से उबर रही अर्थव्यवस्था को दूसरी लहर ने आकर फिर झटका दे दिया। इससे अर्थव्यवस्था की भरपाई दूसरी लहर में प्रभावित हुई है। वहीं, वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में आर्थिक गतिविधियों के लिए दूसरी लहर ने खतरा पैदा कर दिया था। वित्त मंत्रालय ने अप्रैल, 2021 के लिए एक इकोनॉमिक रिव्यू रिपोर्ट जारी की है, जिसमें अर्थव्यवस्था के दूसरी लहर की चपेट में होने की बात मानी है। वहीं, तीसरी लहर का आसन्न संकट भी सिर माथे पर है।

वहीं, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा था कि आरबीआई को नहीं लगता है कि अप्रैल, 2021 के ग्रोथ अनुमान में इस लहर के चलते कोई ज्यादा विचलन आएगा। उन्होंने कहा कि कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए विस्तृत और तेज कदम उठाने की जरूरत है और सेंट्रल बैंक तेजी से बदलती स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

बता दें कि कोरोना के इलाज को लेकर वित्त मंत्रालय से राहत भरी खबरें सामने आई हैं। पहली छूट आयकर विभाग ने कोरोना के इलाज को लेकर दी है। कोरोना के इलाज के लिए नियोक्ताओं या फिर किसी शुभचिंतक से प्राप्त वित्तीय मदद पर आयकर छूट की घोषणा की। यह व्यवस्था वित्त वर्ष 2019-20 यानी निर्धारण वर्ष 2020-21 और उसके बाद के वर्षों के लिए लागू होगी।

वहीं, दूसरी छूट ऐसे लोगों मिली है, जिनके परिवार में कोरोना काल में किसी की मौत के बाद नियोक्ता या शुभचिंतकों से मिली अनुग्रह राशि पर कर छूट का फैसला लिया गया है। वहीं, मृतक के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि पर टैक्स में छूट दी गई है। यदि नियोक्ताओं से कुछ छूट प्राप्त होता है, तो छूट बिना किसी ऊपरी सीमा के उपलब्ध है और यदि अन्य से प्राप्त होती है, तो छूट 10 लाख रुपये तक उपलब्ध होगी। वित्तीय वर्ष 2019-20 और उसके बाद के वर्षों के लिए छूट प्रदान की गई है।

वहीं, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने भी कहा कि कई करदाताओं को अपने नियोक्ताओं और शुभचिंतकों से कोरोना वायरस के इलाज के लिए किए गए अपने खर्चों को पूरा करने के लिए वित्तीय मदद मिली है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस खाते पर कोई आयकर देयता उत्पन्न न हो, वित्त वर्ष 2019 के दौरान करदाता द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए नियोक्ता या किसी व्यक्ति से कोविड-19 के उपचार के लिए प्राप्त राशि पर आयकर छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है।

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