जानिए, फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान क्या है? आखिर इसे ही क्यों खरीदना चाहिएॽ

जानिए, फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान क्या है? आखिर इसे ही क्यों खरीदना चाहिएॽ

@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

कहा जाता है कि स्वास्थ्य ही धन है। लेकिन जब किसी की तबियत खराब होती है तो उसे दिन में ही तारे नजर आने लगते हैं। क्योंकि तब या तो सगे-सम्बन्धी और करीबी मित्र काम आते हैं या नगदी काम आती है या फिर व्यक्तिगत या सामूहिक स्वास्थ्य बीमा। उसमें भी इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस कम और फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस अधिक, क्योंकि इसमें इंश्योरेंस लिमिट अधिक होती है। इसलिए आपके शुभचिंतक या जागरूक लोग आपसे एक सवाल अवश्य पूछेंगे कि क्या आपने हेल्थ पॉलिसी खरीद ली है? यदि नहीं तो यह सलाह अवश्य देंगे कि अब विलम्ब मत कीजिये। 

ऐसा इसलिए कि महानगरों या बड़े शहरों में सबके पास समय की किल्लत होती है। लेकिन जब किसी की तबियत गड़बड़ाती है तो लोग उसे निजी हॉस्पिटल पहुंचा देते हैं, क्योंकि सरकारी हॉस्पिटल हर जगह उपलब्ध नहीं हैं। यदि हैं भी तो स्तरीय सुविधाओं की किल्लत है, जिससे वो अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं। जब आपको किसी निजी अस्पताल में ले जाया जाएगा तो उनका पहला सवाल होता है कि हेल्थ इंश्योरेंस है या नहीं! यदि नहीं तो कैश काउंटर पर नगदी जमा करवाइए, फिर इलाज होगा। इसलिए कहना चाहूंगा कि जब भी स्वास्थ्य बीमा करवाइए तो इंडिविजुअल हेल्थ प्लान की बजाय फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंस्योरेंस प्लान को विशेष तरजीह दीजिए। 

कहना न होगा कि निवेश का कोई भी कदम उठाने से पहले आपके पास हेल्थ इंश्योरेंस प्लान होना बहुत जरूरी है। इसे खरीदने में भी यह तय करना होता है कि आपको इंडिविजुअल हेल्थ प्लान लेना चाहिए या फिर फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान। वैसे, ये दोनों ही 'इनडेमनिटी' प्लान हैं, जिसका तातपर्य यह है कि इनमें अस्पताल में भर्ती होने के दौरान हुए खर्च आपको वापस मिलते हैं। हां, इतना अवश्य है कि यह रकम पॉलिसी में बीमित राशि पर ही निर्भर करती है।

# ऐसे निर्धारित होता है बीमा क्लेम दावा

दरअसल, हेल्थ इंश्योरेंस प्लान में जितनी बीमित राशि होती है, उतनी रकम का ही दावा (क्लेम) किया जा सकता है। क्योंकि बीमा पॉलिसी की शर्तों के मुताबिक ही इस क्लेम का निपटारा किया है। उदाहरण के लिए, अगर बीमित राशि 4.5 लाख रुपये है और अस्पताल का बिल 1 लाख रुपये है तो बीमा कंपनी 1 लाख रुपये का भुगतान करेगी। और बाद बाकी 3.50 लाख रुपये बने रहेंगे। हां, इसका इस्तेमाल तब किया जाएगा, जब दोबारा कभी भर्ती होने की आवश्यकता पड़ेगी। यहां पर यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि कवरेज पीरियड यानी कि पॉलिसी की नियत अवधि के दौरान ही ये लाभ मिलता है। आमतौर पर किसी भी पॉलिसी की मियाद महज एक साल की होती है। लेकिन कुछ खास शर्तों के साथ इसमें कमी-बेसी होती रहती है।

आपको बता दें कि कई बार इंडिविजुअल हेल्थ प्लान या फैमिली फ्लोटर के बीच चुनाव करना एकदम मुश्किल कार्य  हो जाता है। लिहाजा, यह काम आसान बनाने के लिए हम यहां दोनों के बारे में बता रहे हैं:- पहले आप यह जानिए कि आखिर कैसे काम करता है इंडिविजुअल हेल्थ प्लानॽ बता दें कि इंडिविजुअल हेल्थ प्लान प्रत्येक व्यक्ति के नाम पर लिया जाता है। जबकि, फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंस्योरेंस प्लान में पति-पत्नी, बच्चे और माता-पिता तो शामिल हो सकते हैं। लेकिन लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले व्यक्ति इसके हकदार नहीं हो सकते। यही नहीं, दादा-दादी, चाचा-चाची, फुआ-फूफा, मामा-मामी और मौसी-मौसा आदि भी इसमें शामिल नहीं किये जा सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि प्रीमियम की राशि प्रत्येक व्यक्ति की आयु और संबंधित बीमा राशि के अनुसार होगा। हालांकि, फैमिली फ्लोटर हेल्थ इन्श्योरेंस पालिसी में कोई भी बीमा कंपनी कुल प्रीमियम पर 10 फीसदी की छूट देती हैं, बशर्ते कि परिवार के एक से अधिक सदस्यों का बीमा एक साथ लिया जाए।

# जानिए कि कैसे काम करता है फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लानॽ

दरअसल, फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के मामले में एक ही प्लान में एक से ज्यादा सदस्य कवर हो जाते हैं। यानी कि सभी के लिए अलग-अलग कवर लेने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। उदाहरण के लिए, किसी भी माता-पिता और उनके बच्चों को एक साथ कवर किया जा सकता है। इसके तहत अलग-अलग प्रीमियम भुगतान की बजाय एक ही प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है। जानकारों के मुताबिक, 95 फीसदी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं को इस तरह से ही डिजाइन किया गया है कि पॉलिसी में सबसे उम्र दराज व्यक्ति के आधार पर ही प्रीमियम की राशि तय हो।

फैमिली फ्लोटर हेल्थ प्लान के तहत पूरी बीमा राशि का लाभ किसी एक या सभी सदस्यों को मिलता है। क्योंकि इंडिविजुअल हेल्थ पॉलिसी के उलट यह किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं होता है। दरअसल, फैमिली फ्लोटर प्लान को बनाने के पीछे अवधारणा यह है कि परिवार के सभी सदस्यों के एक साथ बीमार पड़ने की आशंका बिल्कुल कम रहती है। इसलिए, इसे थोड़ा और ज्यादा समझते हैं। मान लेते हैं कि किसी परिवार में चार सदस्य हैं। यदि आप इन सबके लिए अलग-अलग 2-2 लाख रुपये का इंडिविजुअल हेल्थ प्लान खरीदते हैं, तो प्रत्येक को दो लाख रुपये का ही कवर मिलेगा। इसके ठीक उलट यदि आप आठ लाख रुपये का फैमिली फ्लोटर प्लान खरीदते हैं तो सभी चार सदस्यों को दो-दो लाख रुपए की बजाय आठ लाख रुपये का कवर मिलेगा। जिससे किसी भी व्यक्ति की बीमारी को थामा जा सकता है।

# सवाल है कि क्या है कीमत में अंतरॽ और बच्चों के लिए क्या है आयु सीमा? और किसी भी व्यक्ति को क्या करना चाहिए।

यदि कोई व्यक्ति 30 से 35 साल का है तो उसे 10 फीसदी छूट के बाद भी 5 लाख रुपये की बीमा के लिए इंडिविजुअल हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के मामले में करीब 12,497 रुपये का प्रीमियम आएगा। जबकि, इतनी ही बीमा राशि वाले फैमिली फ्लोटर प्लान के मामले में कुल प्रीमियम की रकम लगभग 10,416 रुपये बैठेगी, जो लगभग 20 फीसदी कम है। यही नहीं, आपको यह भी जानना चाहिए कि फैमिली फ्लोटर प्लान में माता-पिता की उम्र कोई खास मायने नहीं रखती है। लेकिन, बच्चों की उम्र का बहुत फर्क पड़ता है। आमतौर पर अलग-अलग प्लानों में बच्चों की उम्र 18 से 25 साल के बीच मानी जाती है। क्योंकि इस उम्र के बाद उन्हें वयस्क माना जाता है। इसलिए यदि आपके बच्चे छोटे हैं तो फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान लेने में ही आपकी समझदारी है। क्योंकि फ्लोटर प्लान कम लागत में बेहतर कवर की पेशकश करता है। यही नहीं, इसके लिए अलग-अलग प्लान खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती है। जिससे यह सबको सस्ता और सुविधाजनक प्रतीत होता है और है भी।

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