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सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ पार्षद मंजू त्यागी ने नारियल तोड़कर किया

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सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ पार्षद मंजू त्यागी ने नारियल तोड़कर किया @ कमलेश पांडेय/गाजियाबाद गुरुवार को वार्ड नम्बर 54 वसुंधरा के सेक्टर-3 में सड़क निर्माण कार्य का शुभारंभ स्थानीय पार्षद श्रीमती मंजू त्यागी ने नारियल तोड़कर किया। इस सड़क का निर्माण डेंस द्वारा किया जा रहा है जिनके निर्माण में लगभग 13,00,000/- (तेरह लाख रूपये) की लागत आएगी। उन्होंने बताया कि इस सड़क के निर्माण की मांग स्थानीय निवासियों द्वारा पिछले कई वर्षों से की जा रही थी।  इस अवसर पर स्थानीय निवासियों ने पार्षद मंजू त्यागी को फूल माला पहनाकर स्वागत किया व सड़क का निर्माण करवाने के लिए उनका आभार प्रकट किया। इस शुभारंभ के अवसर पर मुख्य रूप से भाजपा नेता विनित त्यागी, सविता त्यागी, उमा शांडिल्य, हरीश मल्होत्रा, दीपक भट्ट, विवेक चंद्रा, सुरेंद्र पाल त्यागी  आदि सम्मानित निवासीगण उपस्थित रहे।

विधायक के जन्मदिन पर वार्ड नम्बर 87 के लोगों को मिला ओपन जिम का उपहार

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विधायक के जन्मदिन पर वार्ड नम्बर 87 के लोगों को मिला ओपन जिम का उपहार @ कमलेश पांडेय/गाजियाबाद इंदिरापुरम स्थित वार्ड नंबर 87 में ज्ञान खंड 4 टंकी वाले पार्क में साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा की निधि से ओपन जिम लगवाया गया। अपने जन्मदिन के मौके पर इस ओपन जिम को उन्होंने वार्ड नम्बर 87 की पार्षद निर्मला त्यागी के माध्यम से वार्ड वासियों को सुपुर्द किया।  इस मौके पर उपस्थित सभी भाई बहनों ने माननीय विधायक  को जन्मदिन की बधाई दी एवं वार्ड में ओपन जिम लगने से खुशी जाहिर की। निगम पार्षद निर्मला त्यागी ने बताया कि इससे आम आदमी, जिसको जिम में जाना पड़ता था, वह अब पार्क में ही जिम का अभ्यास निरन्तर कर लेंगे। इसका कोई शुल्क भी नहीं है। इस अवसर पर निगम पार्षद निर्मल त्यागी, किसान मोर्चा भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सलेक चंद त्यागी, गंगू, मनीषा कैन, डी एन सिंह, नेहा शर्मा, पूनम बंसल, तृप्ति त्रिपाठी, शिशिर कानूनगो, विशाल शर्मा आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

अब देश-प्रदेश की दलित-पिछड़ी राजनीति को चाहिए एक और नया नायक

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अब देश-प्रदेश की दलित-पिछड़ी राजनीति को चाहिए एक और नया नायक @ रोशनलाल गुप्ता, संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय जन अधिकार पार्टी  भारत समेत किसी भी समाज का सम्पूर्ण विकास तबतक नहीं हो सकता, जब तक कि वहां के पिछड़े वर्गों, अत्यंत पिछड़े वर्गों, दलितों, महादलितों, गरीब सवर्णों और पसमांदा मुसलमानों के समग्र उत्थान पर विभिन्न सरकारों द्वारा अपना ध्यान केंद्रित नहीं किया जाए। कहने को तो केंद्र सरकार, राज्य सरकार व जिला सरकार यानी स्थानीय निकायों द्वारा इन वर्गों के लिए अनेक लोकलुभावन योजनाएं बनाई हुई हैं। लेकिन इनका अनुपालन इतनी वैमनस्यता पूर्वक किया जाता है कि 'कहीं घृत घना, कहीं मुट्ठी भर चना, कहीं वह भी मना' वाली कहावत इनके ऊपर आजादी के 75 वर्ष बाद भी चरितार्थ हो रही है। ऐसा नहीं है कि इनकी बद से बदतर स्थिति के लिए कोई एक पार्टी या गठबंधन जिम्मेदार है, बल्कि सत्ता पक्ष और विपक्ष के तमाम दल इस मामले में सियासी हमाम में नंगे साबित हुए हैं। यही वजह है कि देश-प्रदेश की दलित-पिछड़ी राजनीति अब  एक और नए नायक की बाट जोह रही है। इन वर्गों पर अतिरिक्त ध्यान देने का मतलब सिर्फ स...

व्यापार क्रेडिट कार्ड क्या है? यह किसको दिया जाना है। इससे क्या-क्या लाभ होंगे?

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व्यापार क्रेडिट कार्ड क्या है? यह किसको दिया जाना है। इससे क्या-क्या लाभ होंगे? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तर्ज पर ही व्यापार क्रेडिट कार्ड देने की दिशा में आगे बढ़ रही है, क्योंकि वित्त मामलों पर संसद की स्थाई समिति ने सूक्ष्म लघु और मझोले उद्यमों यानी कि छोटे उद्यमियों के वास्ते किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर ही एक "व्यापार क्रेडिट कार्ड" देने की सिफारिश की है। यदि केंद्र सरकार इस सिफारिश को मान लेती है तो वैश्य वर्ग के कमजोर लोगों को इसका फायदा होगा। नोट बंदी, जीएसटी और कोरोना बंदिशों की मार झेलकर लगभग बर्बाद हो चुके इस वर्ग के लिए प्रस्तावित व्यापार क्रेडिट कार्ड किसी वरदान की तरह होगा। बताया जाता है कि वित्त मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने भुगतान स्कोर पर नजर रखने के लिए एक तंत्र स्थापित करने और छोटे व्यवसायों के लिए नियमित कर्ज तक पहुंच आसान बनाने के लिए सिडबी जैसी वित्तीय संस्थाओं में भी अहम सुधार की पेशकश की है, जो एक अहम बात है। गौरतलब है कि पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय स...

प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना क्या है? इससे किसको और क्या फायदा होगा?

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प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना क्या है?  इससे किसको और क्या फायदा होगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत की विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात को बेहतर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2019-20 के कोरोना काल में अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन राशि (प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव-पीएलआई) योजना शुरू की है, वह अब परवान चढ़ती जा रही है। जिस तरह से इस अभूतपूर्व योजना की लोकप्रियता बढ़ी है, उससे सब लोग पीएलआई योजना और इससे सम्बन्धित सेक्टर्स के बारे में जानना समझना चाह रहे हैं, ताकि वे भी इसका फायदा उठा सकें।  वाकई कोई भी देश तभी आगे बढ़ता है, जब वह विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाए। साथ ही उसके आयात-निर्यात में संतुलन स्थापित हो। इसलिए केंद्र की मोदी सरकार का जोर स्वदेशी पर है। अभी तक विदेश से आयात हो रही वस्तुओं को स्वदेश में ही निर्मित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। उदाहरणार्थ, मोबाइल फोन एवं उसके कंपोनेंट्स को ही ले लीजिए।  सभी जानते ...

क्लाउड किचन बिजनेस क्या है? इसका भविष्य कैसा है? इसकी शुरुआत कैसे करें?

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क्लाउड किचन बिजनेस क्या है? इसका भविष्य कैसा है? इसकी शुरुआत कैसे करें? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्लाउड किचन बिज़नेस आजकल बेहद लोकप्रिय होता जा रहा है। अब सरकार भी इस ओर ध्यान दे रही है ताकि अधिक से अधिक लोग इस उभरते बिजनेस सेक्टर का लाभ उठा सकें। प्रायः यह महसूस किया जाता है कि जब कोई व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाता है और उस पर दृढ़तापूर्वक अमल करता है तो उसकी राह में कई समस्याएं अकस्मात मुंह बाये खड़ी हो जाती हैं। चाहे वह धन प्रबंध से जुड़ी हुई हों या फिर अपनों के सपोर्ट से, सहयोग कम और ताने ज्यादा मिलते हैं।  वहीं, ऐसा व्यवसाय शुरू करने वाले ज्यादातर लोग अपने  ऑफलाइन कस्टमर को ध्यान में रखकर ही अपनी जगह और उस क्षेत्र में किस चीज की मांग (डिमांड) है, उसका व्यवसाय शुरू करते हैं। हालांकि, अब बदलते दौर में जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आ रही है, वैसे-वैसे लोग इससे अपडेट हो रहे हैं, जिसका असर बिज़नेस करने के तौर-तरीके पर भी  पड़ा रहा है।  # ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के ग्राहक बढ़ाने पर दीजिये ध्यान वैसे भी आजकल चाहे छोटा बिज़नेस हो या फिर बड़...

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) क्या है? इसकी तैयारी कैसे करें? जानिए विस्तार से

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कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) क्या है? इसकी तैयारी कैसे करें? जानिए विस्तार से @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर साल 2022 में पहली बार आयोजित किए जा रहे कॉमन यूनिवर्सिटीज एन्ट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से 12वीं पास विद्यार्थियों को एकल विंडो के जरिए देश की प्रतिष्ठित केन्द्रीय यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेने का सीधा अवसर मिल सकेगा। बता दें कि यूजीसी की इस नई शिक्षा नीति 2020 के अंतगर्त करीब 45 केन्द्रीय विश्वविद्यालय सूचीबद्ध हैं। गौरतलब है कि यह परीक्षा नीति उच्च शिक्षा विभाग द्वारा देश में पहली बार लागू की जा रही है। ऐसे में इस प्रवेश परीक्षा में लाखों विद्यार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। इसलिए इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स को एनटीए की वेबसाइट पर विज़िट करके आवेदन से पहले सभी जरूरी सूचनाएं हासिल कर लें। इससे उन्हें भावी रणनीति बनाने में आसानी होगी।  यूं तो सीयूईटी परीक्षा 2022 के लिए आवेदन करने की कोई आयु सीमा नहीं है। लेकिन परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। सीयू...