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1 फरवरी 2022 से तीन प्रमुख बैंकों- एसबीआई, पीएनबी और बीओबी बैंक के नियमों में होंगे ये-ये बदलाव

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1 फरवरी 2022 से तीन प्रमुख बैंकों- एसबीआई, पीएनबी और बीओबी बैंक के नियमों में होंगे ये-ये बदलाव @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि आगामी 1 फरवरी 2022 से कई बैंक अपने आईएमपीएस ट्रांजेक्शन, चेक क्लीयरेंस और डेबिट अकाउंट ट्रांजैक्शन समेत कई सर्विस पर चार्ज बढ़ाने जा रहे हैं। यदि नहीं तो यह जान लीजिए कि एसबीआई, पीएनबी और बीओबी बैंक अपने कुछ नियमों में भारी बदलाव करने जा रहे हैं, जो अगले 1 फरवरी 2022 से सभी खाताधारकों के लिए एक समान रूप से लागू हो जाएंगे।  बता दें कि सार्वजनिक या निजी बैंक समय-समय पर अपने ही नियमों में बदलाव करते रहते हैं, लेकिन कई बार ग्राहक सही समय पर इन बदलावों से अवगत नहीं हो पाते हैं, जिससे उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए यहां पर हम आपको एसबीआई, पीएनबी और बीओबी बैंक में होने वाले बदलावों से अवगत कराएंगे। यूं तो ये बैंक अपने खाताधारकों को अपने नियम बदलने को लेकर कई बार जानकारी दे चुके हैं, फिर भी कई ऐसे लोग हैं जिन्हें इन बदलावों के बारे में पूरी तरह से नहीं पता है।  ऐसे ही लोगों के लिए हम यहां पर परिवर्तित होने व...

बढ़ती ठंड में हड्डी और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो तो चिकित्सक की सलाह पर कीजिए ये उपाय

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बढ़ती ठंड में हड्डी और जोड़ों में दर्द की शिकायत हो तो चिकित्सक की सलाह पर कीजिए ये उपाय @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार सर्दी के मौसम में कई तरह के संक्रमण के साथ हड्डियों व उनके जोड़ों में दर्द की समस्याएं भी अचानक बढ़ जाती हैं। खासतौर पर उम्र बढ़ने के साथ महिलाओं में यह दिक्कत आम हो जाती है। जैसे-जैसे कंपकंपाने वाली ठंड बढ़ती है, वैसे-वैसे लोगों में जोड़ों के दर्द की परेशानियां भी बढ़ने लगती है। चूंकि ठंड के मौसम में लोग शारीरिक काम गर्मियों के मुकाबले कम करते हैं। इसलिए उनकी हड्डी अकड़ने के साथ कमजोर हो जाती है। ऐसे में विटामिन-डी हड्डियों की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है।  चिकित्सकों के मुताबिक, ठंड के मौसम में खासकर वृद्धों में हड्डी संबंधी बीमारियां बढ़ गई हैं। उनके जोड़ों का दर्द उनकी परेशानियों  का सबब बन गया है। पर्याप्त मात्रा में विटामिन-डी नहीं मिलने से इस तरह की बीमारियों का प्रकोप बढ़ता है। वहीं, ठंड में बच्चों में रिकेट नामक व वयस्कों में ओस्टोमलेशिया नामक बीमारी बढ़ती है। भीषण ठंड में घुटने, कमर, पीठ व शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द की शिकायत...

पार्षद निर्मल त्यागी ने नगर निगम बालिका उच्च विद्यालय, मकनपुर, इंदिरापुरम में किया झंडोत्तोलन

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पार्षद निर्मल त्यागी ने नगर निगम बालिका उच्च विद्यालय, मकनपुर, इंदिरापुरम में किया झंडोत्तोलन  लोकनायक भारत न्यूज़ गाजियाबाद। गणतंत्र दिवस के मौके पर वार्ड नम्बर 87 की निगम पार्षद निर्मल त्यागी ने नगर निगम बालिका उच्च विद्यालय, मकनपुर, इंदिरापुरम में झंडोत्तोलन किया। इस मौके पर बीजेपी नेता और पार्षद पति सलेक चंद त्यागी, युवा मोर्चा के महामंत्री अभिषेक त्यागी, प्रधानाचार्य भारती रावत, डॉक्टर स्मृति, सुधार, करुणा आदि मौजूद रहे। इस मौके पर नगर निगम बालिका हाईस्कूल मकनपुर के बच्चों को सम्बोधित करते हुए निगम पार्षद निर्मल त्यागी ने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों का भी बोध होना चाहिए। हमारा संविधान हमें यही शिक्षा देता है। हमें किसी भी परिस्थिति में नियम कानून को अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। हमें सबका सहयोग करना चाहिए, ताकि हमारा गणतंत्र सफल हो। उन्होंने लड़कियों से खूब पढ़ने और जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

पार्षद निर्मला त्यागी ने समर्थक बहनों के साथ मतदाताओं को भाजपा की उपलब्धियां बताते हुए वोट देने के लिए प्रेरित किया।

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पार्षद निर्मला त्यागी ने समर्थक बहनों के साथ मतदाताओं को भाजपा की उपलब्धियां बताते हुए वोट देने के लिए प्रेरित किया। # जय भाजपा तय भाजपा, नारी शक्ति ने ठाना है, भाजपा को जिताना है लोकनायक भारत न्यूज़ गाजियाबाद। वार्ड नम्बर 87 की निगम पार्षद निर्मला त्यागी के नेतृत्व में साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी सुनील शर्मा के प्रचार प्रसार हेतु महिला मोर्चा इंदिरापुरम मंडल तथा शिप्रा रिवेरा सोसायटी की बहनों द्वारा महिला जनसंपर्क अभियान चलाया गया। जिसके तहत शिप्रा रिवेरा सोसाइटी में पूनम बंसल के निवास स्थान पर सभी बहनों के साथ चौपाल बैठक की गयी। इस मौके पर मुख्य वक्ता पार्षद निर्मला त्यागी के मार्गदर्शन में सभी बहनों ने मतदाताओं को भाजपा की उपलब्धियां बताते हुए वोट देने के लिए प्रेरित किया। बैठक में पार्षद निर्मला त्यागी, महिला मोर्चा महामंत्री पूजा तिवारी, कार्यकारिणी सदस्य किरण वर्मा और अन्य सामाजिक बहने संगीता शिंदे, हीरादेवी, तृप्ति त्रिपाठी, ममता तिवारी, पुष्पा, संध्या रायजादा, कृष्णा, प्रिया विश्वास, अनीता चौहान, शारदा भदोरिया, अभिषेक त्यागी, नकुल त्यागी, नेहा शर्म...

हे गणतंत्र! तुझे सलाम! तुझसे से ही है सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा..

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हे गणतंत्र! तुझे सलाम! तुझसे से ही है सारे जहां से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा.. @ कमलेश पांडेय/स्थानीय संपादक, लोकनायक भारत 26 जनवरी 2022 को भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मनाएगा। इस बार गणतंत्र दिवस पर अलग यह होगा कि गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम 23 जनवरी यानी सुभाष चंद्र बोस जयंती से शुरू होगा, जबकि पिछले साल तक यह 24 जनवरी से शुरू होता था। वहीं, इस बार इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति नहीं जली होगी, क्योंकि इसका विलय राष्ट्रीय युद्ध स्मारक (नेशनल वॉर मेमोरियल )में कर दिया गया है। भारत के राष्ट्रपति गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में आयोजित समारोह में ध्वजारोहण करते हैं। गणतंत्र दिवस समारोह में राष्ट्रपति भव्य परेड की सलामी लेते हैं। राज्यों में वहां के राज्यपाल राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं। वहीं, स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली में प्रधानमंत्री तिरंगा फहराते हैं और राज्यों में मुख्यमंत्री ध्वजारोहण करते हैं। गणतंत्र दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है। इसे हर साल 26 जनवरी को धूमधाम से मनाया जाता है। देश में गणतंत्र दिवस या रिपब्लिक डे के अवसर पर स्कूल-कॉलेजों में कार्यक्रम होते हैं। इस दिन राष्ट्रीय अवका...

गणतन्त्र दिवस पर आप भी कुछ संकल्प लीजिए, पीएम की तरह दृढ़ता दिखाइए

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गणतन्त्र दिवस पर आप भी कुछ संकल्प लीजिए, पीएम की तरह दृढ़ता दिखाइए @ कमलेश पांडेय, स्थानीय संपादक, लोकनायक भारत  देश अपना 73वां गणतन्त्र दिवस मना रहा है। ऐसे में हम सभी को अपने देश के समग्र उत्थान के लिए, पारस्परिक प्रेम व सद्भाव कायम रखने के लिए कुछ नए संकल्प लेने चाहिए। ये संकल्प ऐसे हों जिन्हें हमारे शासकों-प्रशासकों ने भी देखे हों। शासकों-प्रशासकों का मतलब ग्राम प्रधान से लेकर प्रधानमंत्री तक और ग्राम सचिव से लेकर राष्ट्रपति तक से है। ऐसा इसलिए कि जब हम सभी के संकल्प एक समान उद्देश्य से अभिप्रेरित होंगे तो उनके पूरे होने के आसार भी प्रबल होंगे।  मसलन हमारे ये संकल्प समाज के लिए, देश के लिए और पूरे विश्व के भविष्य के लिए भी हो सकते हैं। जैसे कि सभी के लिए रोटी, कपड़ा और मकान, शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान, परिवहन, गैजेट्स और कैपिटल यानी पूंजी की सर्वसुलभता सबके लिए एक समान होनी चाहिए। हर हाथ को काम भी उतना ही जरूरी है। महामारी से निपटने के लिए भी सबका सहयोग जरूरी है। पर्यावरण का उदाहरण हमारे सामने है। भारत पर्यावरण की दिशा में आज इतना कुछ कर रहा है कि उसका लाभ पूरे ...

भारत की अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करने का संकल्प

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भारत की अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करने का संकल्प  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी कुछ कहते हैं तो देश-दुनिया के लोग उसे बड़े ही गौर से सुनते हैं, क्योंकि उनके वक्तव्यों में आम आदमी की चिंता से लेकर खास आदमी की जिजीविषा तक समाहित होती है। गांव की पगडंडियों से लेकर राष्ट्र के राजमार्गों तक के कटु-मधु अनुभवों का सार उसमें मौजूद रहता है। हाल ही में पराक्रम दिवस के मौके पर उन्होंने जो कुछ कहा, उसका सार यही है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उनकी यह सोच सराहनीय है और इस हेतु किया जा रहा हर कर्म अनुकरणीय। क्योंकि यह जो विशाल आसेतु हिमालय प्रदेश भारत वर्ष है, वह हम सबका ही विराट स्वरूप है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठीक ही कहा कि आज़ादी के अमृत महोत्सव का संकल्प है कि भारत अपनी पहचान और प्रेरणाओं को पुनर्जीवित करेगा। क्योंकि ये दुर्भाग्य रहा कि आजादी के बाद देश की संस्कृति और संस्कारों के साथ ही अनेक महान व्यक्तित्वों के योगदान को मिटाने का काम किया गया। स्वाधीनता संग्राम में ...