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पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा आम लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था की गति बनाए रखने की चिंता करना बात है बहुत बड़ी

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पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा आम लोगों की आजीविका और अर्थव्यवस्था की गति बनाए रखने की चिंता करना बात है बहुत बड़ी @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक एक अरसा बाद देश को एक ऐसा संवेदनशील प्रधानमंत्री मिला है, जो उच्चस्तरीय बैठकों में भी आम लोगों की आजीविका की चिंता और अर्थव्यवस्था की गति बनाए रखने की फिक्र रखता है। यह देशवासियों के लिए परम सौभाग्य की बात है। गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोविड-19 के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी तैयारियों तथा राष्ट्रीय कोविड-19 टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा के लिए राज्यों व केंद्र-शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों और उपराज्यपालों व प्रशासकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की थी। जिसमें उन्होंने बारीकीपूर्वक कोविड-19 और राष्ट्रीय कोविड-19 के टीकाकरण की प्रगति के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य से संबंधित तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने इस बैठक में केंद्रीय मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार आदि के अलावा वहां उपस्थित शीर्ष अधिकारियों से महामारी की स्थिति पर नवीनतम विवरण लेने के बाद उन्हें अवगत कर...

स्टेबल करेंसी क्या हैं? क्रिप्टो करेंसी के मुकाबले यह इतना लोकप्रिय क्यों हैं? समझिए।

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स्टेबल करेंसी क्या हैं? क्रिप्टो करेंसी के मुकाबले यह इतना लोकप्रिय क्यों हैं? समझिए। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार डिजिटल मुद्रा किसी भी प्रकार का भुगतान है जो विशुद्ध रूप से इलेक्ट्रॉनिक रूप में मौजूद है और कंप्यूटर का उपयोग करके इसका हिसाब और हस्तांतरण किया जाता है। वहीं, आभासी मुद्रा विशुद्ध रूप से इलेक्ट्रॉनिक रूप में मूल्य का एक डिजिटल प्रतिनिधित्व है, जो खुला या बंद और केंद्रीकृत या विकेंद्रीकृत हो सकता है। जबकि, फिएट मनी एक सरकार द्वारा जारी मुद्रा है जो किसी भौतिक वस्तु, जैसे सोना या चांदी द्वारा समर्थित नहीं है। इनसे इतर स्टेबल करेंसी/कॉइन्स जैसे स्थिर सिक्कों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे अस्थिरता का सामना करने के लिए इस तरह से बनाए गए हैं, जैसी कि रचना अन्य क्रिप्टोकरेंसी में नहीं की गई हैं।  दरअसल, क्रिप्टो करेंसी एक प्रकार जुआ और अस्थिरता है, जो हर किसी के लिए नहीं है। क्योंकि जहां एक ओर इस करेंसी के सिक्कों की कीमतें बढ़ती हैं, वहीं दूसरी ओर अचानक गिर भी जाती हैं, जिससे निवेशक परेशान हो जाते हैं। इसलिए आप अपने मस्तिष्क में यह बात दर्ज कर लें...

प्रथम स्टार्टअप इंडिया नवोन्मेषण सप्ताह के तहत देश भर में उद्यमिता को विस्तार व गहराई को प्रदर्शित करने का मिला मौका

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प्रथम स्टार्टअप इंडिया नवोन्मेषण सप्ताह के तहत देश भर में उद्यमिता को विस्तार व गहराई को प्रदर्शित करने का मिला मौका @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत भर में उद्यमिता के विस्तार और गहराई को प्रदर्शित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा स्टार्टअप इंडिया नवोन्मेषण सप्ताह 10-16 जनवरी मनाया गया। जिसके तहत उद्योग एवं आतंरिक व्यापार संवर्धन विभाग, डीपीआईआईटी ने प्रथम स्टार्टअप इंडिया नवोन्मेषण सप्ताह मनाया। इस वर्चुअल नवोन्मेषण कार्यक्रम का उद्वेश्य भारत की स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में ‘आजादी का अमृत महोत्सव‘ समारोह मनाना है। बता दें कि स्टार्टअप की दुनिया में वर्ष 2021 को ‘यूनिकॉर्न के वर्ष‘ के रूप में मान्यता दी गई है, जिसके दौरान 40 से अधिक यूनिकॉर्न जोड़े गए हैं। गौरतलब है कि स्टार्टअप के क्षेत्र में भी भारत एक वैश्विक इन्नोवेशन हब के रूप में उभर रहा है, जिसे विश्व की एक तिहाई स्टार्टअप परितंत्र का देश होने का गौरव हासिल है। डीपीआईआईटी ने अभी तक 61,000 से अधिक स्टार्टअप्स को मान्यता दी है, जो 55 उद्योगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। देश के प्रत्येक राज्य तथा केंद्र शासित...

यदि आप डायटीशियन द्वारा सुझाए हुए समुचित आहार पर ध्यान देंगे तो कोरोना के प्रकोप से सुरक्षित रहेंगे

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यदि आप डायटीशियन द्वारा सुझाए हुए समुचित आहार पर ध्यान देंगे तो कोरोना के प्रकोप से सुरक्षित रहेंगे @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार पिछले दो सालों से दुनिया कृत्रिम वैश्विक महामारी कोविड 19 यानी कोरोना और इससे उपजने वाले नाना प्रकार के वैरिएंट से जूझ रही है। कहने को तो इससे निपटने के लिए चिकित्सा विज्ञानियों ने विभिन्न प्रकार के वैक्सीन का भी ईजाद कर लिया है, बावजूद इसके यह अदृश्य और छुआछूत वाली बीमारी नियंत्रित नहीं हुई, बल्कि कई बार तो उनको भी अपनी चपेट में लेने में सफल रही, जिन्होंने टीके की दोनों डोज लगवा रखी थी। इसलिए अब बूस्टर डोज की जरूरत भी महसूस की जा रही है और लोग ले भी रहे हैं। ऐसे मैं कोरोना के नए ओमिक्रोन वैरियंट के एकाएक प्रसार यानी तीसरी लहर के अचानक फैलने से बचने के लिए अब एक ही रास्ता नजर आ रहा है कि कोरोना काल में स्वस्थ आहार लिया जाए ताकि रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रही। इस हेतु आहार विशेषज्ञ लोगों ने कोविड के दौरान रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण आहार और उनके कम्बीनेशन सुझाए हैं। आहार विशेषज्ञों यानी डायटीशियन्स की राय में कोई भी भोजन ...

जानिए, आने वाले आम बजट 2022 से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली, बजट प्रावधानों को समझने में होगी आसानी

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जानिए, आने वाले आम बजट 2022 से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली, बजट प्रावधानों को समझने में होगी आसानी @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार आगामी 1 फरवरी  2022 को केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अगले वित्त वर्ष 2022-23 के लिए आम बजट प्रस्तुत करने वाली हैं, जो मोदी सरकार का नौंवा बजट होगा। इसलिए इसमें बहुधा प्रयोग होने वाली महत्वपूर्ण शब्दावली के बारे में हम आपको विस्तार पूर्वक यहां बता रहे हैं, ताकि नए बजट प्रावधानों को समझने में किसी भी व्यक्ति को आसानी हो।  गौरतलब है कि संविधान के अनुच्छेद 112 के तहत अनुमानित प्राप्तियों और व्यय के विवरण को 'वार्षिक वित्तीय विवरण' कहा जाता है, जिसे भारत के वित्त मंत्री हर वर्ष संसद में वार्षिक बजट के रूप में प्रस्तुत यानी पेश करते हैं। फुल बजट प्रेजेंटेशन के दौरान कतिपय क्लिष्ट हिंदी शब्दों का प्रयोग किया जाता है। इसमें अक्सर राजकोषीय घाटा, राजस्व प्राप्तियां, बजट में संशोधित अनुमान व राजस्व बजट आदि कुछ महत्वपूर्ण कठिन शब्द प्रयोग में लाए जाते हैं, जो आम प्रचलन में नहीं हैं, इसलिए इनके अर्थ को बहुत से लोग नहीं समझ पाते हैं। लि...

जनसेवा के लिए चुनावी राजनीति में आऊंगा, किसी की बुराई के लिए नहीं: संजीव गुप्ता

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जनसेवा के लिए चुनावी राजनीति में आऊंगा, किसी की बुराई के लिए नहीं: संजीव गुप्ता # गाजियाबाद शहर विधानसभा सीट से शीर्ष उद्यमी, लोकप्रिय समाजसेवी व भाजपा कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता द्वारा टिकट की दावेदारी ठोकने से उनके प्रतिस्पर्धी नेताओं के होश उड़े, कैसे जानिए विस्तार से..... कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार गाजियाबाद। जब कोई राजनेता और टिकट प्रार्थी बीजेपी जैसे दुनिया के सबसे बड़े दल से यह कहे कि "मैं जनसेवा के लिए राजनीति में आना चाह रहा हूँ, मुझे किसी की बुराई नहीं करनी है।" तो दिग्गज राजनेता भी यही समझते हैं कि टिकट चाहने वाला लंबे रेस का सियासी घोड़ा है, जिस पर पार्टी यदि दांव लगाने का रिस्क लेती है तो यह अपने क्षेत्र में न केवल पार्टी को नई मंजिल देगा, बल्कि सियासत में अक्सर होनेवाली पारस्परिक आपाधापी में भी कभी थक कर नहीं बैठेगा, क्योंकि इस बात की गारंटी उसके शुरुआती लहजे से ही मिल रही है। जी हां, मैं बात कर रहा हूँ विगत 18 वर्ष से भाजपा में विभिन्न पदों पर रहते हुए कुशलता पूर्वक अपनी जिम्मेदारी निभा रहे लघु उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष, अंतर्राष्ट्रीय वैश्य ...

गाजियाबाद के पंजाबी समाज को अपने नेताओं के लिए चाहिए समुचित टिकट

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गाजियाबाद के पंजाबी समाज को अपने नेताओं के लिए चाहिए समुचित टिकट # अन्यथा करेंगे अपनी उपेक्षा करने वालों के खिलाफ बगावत, किया ऐलान कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। उत्तरप्रदेश में विधानसभा चुनाव 2022 की डुगडुगी चुनाव आयोग ने बजा दी है। इसलिए सत्ताधारी भाजपा एवं प्रमुख विपक्षी दल सपा के अलावा कांग्रेस, बसपा, आप आदि दलों व उनके नेतृत्व वाले गठबंधनों के द्वारा अपने-अपने उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसपर गाजियाबाद के पंजाबी समाज की नजरें भी गड़ी हुई हैं। क्योंकि आजादी के बाद हुए तीन विधानसभा चुनावों में गाजियाबाद विधानसभा सीट पर पंजाबी समाज से आने वाले कद्दावर कांग्रेस नेता सरदार तेजा सिंह का कब्जा हुआ करता था। इस नाते वो गाजियाबाद के पहले विधायक माने जाते हैं। लेकिन चौथे विधानसभा चुनाव में उन्हें गाजियाबाद विधानसभा सीट की बजाय पड़ोसी मुरादनगर विधानसभा सीट से लड़ाने की पार्टी की रणनीति विफल रही और वे चुनाव हार गए। इसके बाद से गाजियाबाद व आसपास की विधानसभा सीटों पर पंजाबी समाज के किसी भी नेता को बतौर विधायक, प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। उस भाजपा ...