आखिर वीवीआईपी की सुरक्षा में चूक दर चूक पर उठते सवालों का जवाब कौन देगा?
आखिर वीवीआईपी की सुरक्षा में चूक दर चूक पर उठते सवालों का जवाब कौन देगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार जिस देश में राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्रों की वजह से दो-दो प्रधानमंत्रियों की नृशंस हत्याएं हो चुकी हों, एक प्रधानमंत्री की विदेश में हुई मौत सवालों के घेरे में हो, कतिपय मुख्यमंत्री और मंत्रियों की भी हत्याएं हो चुकी हों, वहां पर वीवीआईपी की सुरक्षा व्यवस्था में सामने आ रही चूक दर चूक की घटनाओं को इतने हल्के में नहीं लिया जा सकता, जितने कि इसे हल्के में लेने के लिए हमारे नेता और प्रशासनिक अधिकारी आदी हो चुके हैं। वहीं, सर्वोच्च न्यायालय को भी पीएम नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई ताजा चूक की घटना पर स्वतः संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि उसके कतिपय निर्णय ने केंद्र सरकार के हाथ बांध दिए हैं, जिससे वह अक्षम राज्य सरकार पर भी ठोस कार्रवाई करने से महज इसलिए हिचकती है कि कहीं न्यायालय उसके फैसले को पलट नहीं दे। जी हां, हमारा इशारा किसी भी लापरवाह राज्य में तत्काल राष्ट्रपति शासन लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले कि न्यायिक समीक्षा से है, जिससे प्रतिपक्ष शासित ...