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यदि आप ट्रेन से बारात ले जाना चाहते हैं तो ऐसे बुक कीजिए ट्रेन

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यदि आप ट्रेन से बारात ले जाना चाहते हैं तो ऐसे बुक कीजिए ट्रेन @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत जैसे विकासशील देश में सड़क मार्ग की अपेक्षा रेल मार्ग से यात्रा करना ज्यादा आरामदायक और सुरक्षित होता है, बशर्ते कि लम्बी दूरी की यात्रा करनी हो। यहां पर लम्बी दूरी का अभिप्राय 150-200 किलोमीटर से अधिक लम्बी दूरी से है, जहां पर सड़क मार्ग से आवागमन थोड़ा कठिन हो जाता है। हालांकि, सरकार एक्सप्रेस-वे तो बना रही है, लेकिन इसका जाल पूरे देश में और राज्य विशेष के हर हिस्से में अभी पूरी तरह से नहीं फैला है। यही वजह है कि कार या बस की अपेक्षा ट्रेन को आवागमन का सस्ता, सुरक्षित और सर्वसुविधायुक्त साधन माना जाता है। #  रीति-नीति प्रधान देश है भारत, शादी-विवाह में बढ़ती है भीड़ भारत रीति-नीति प्रधान देश है। यहां शादी-विवाह के मौसम में यातायात के प्रचलित साधनों से यात्रा करना थोड़ा कठिन हो जाता है, क्योंकि रेल और सड़क मार्ग पर दबाव बढ़ने से बस अड्डों व रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ जाती है। इससे बचने के लिए कुछ लोग टूर ऑपरेटर के माध्यम से निजी कार या बस बुकिंग करके यात्रा तो करते हैं, ...

वार्ड नम्बर 74 को स्मार्ट वार्ड बनाने के लिए मिलीं 5 नई गाड़ियां

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वार्ड नम्बर 74 को स्मार्ट वार्ड बनाने के लिए मिलीं 5 नई गाड़ियां # पार्षद आशा भाटी ने लोगों से गीला व सूखा कूड़ा अलग अलग करके गाड़ियों में डालने का किया आह्वान कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। महापौर आशा शर्मा और नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने वार्ड नम्बर 74 को स्मार्ट वार्ड बनाने के लिए चुना है। इसके पीछे स्थानीय पार्षद आशा भाटी और पार्षद प्रतिनिधि नरेश भाटी की बहुत बड़ी भूमिका है। बीजेपी के युवा नेता नरेश भाटी को साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा का करीबी समझा जाता है। वहीं, वार्ड पार्षद आशा भाटी की निकटता महापौर आशा शर्मा से जगजाहिर है। यही वजह है कि वैशाली सेक्टर 6, वसुंधरा सेक्टर 13, 15, 17 एवं 19 को मिलाकर बने वार्ड नम्बर 74 क़ो स्मार्ट वार्ड बनाने के लिये निगम प्रशासन सामने आया है। पार्षद प्रतिनिधि नरेश भाटी ने बताया कि उनके वार्ड को स्मार्ट वार्ड बनाने के बाद उन्हें नगर निगम की तरफ़ से 5 गाड़ियाँ मिली हैं, जिनसे गीला व सुखा कूड़ा अलग अलग करके ढोया जाएगा। इन गाड़ियों को निगम पार्षद ने अपने वार्ड के सभी सेक्टरों में लगवा दी हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों से अनुरोध किया है कि गीला व सू...

नए साल में केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतनमान में फिर होगी बढ़ोत्तरी

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नए साल में केंद्रीय कर्मचारियों के न्यूनतम वेतनमान में फिर होगी बढ़ोत्तरी @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार नया साल और नया बजट 2022 केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशियों की सौगात लेकर आ रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार एक बार फिर उनके न्यूनतम वेतनमान में इजाफे का संकेत दे चुकी है। ऐसा इसलिए कि केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारियों की लंबे समय से एक मांग है कि उनके फिटमेंट फैक्टर को 2.57 फीसदी से बढ़ाकर 3.68 फीसदी कर दिया जाए। लिहाजा उम्मीद है कि 1 फरवरी 2022 को पेश होने वाले बजट से पहले केंद्रीय कर्मचारियों के फिटमेंट फैक्टर का फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल के स्तर से हो सकता है। इसके बाद कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में भी एक बार फिर तगड़ा इजाफा होगा। # जानिए, केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी और कैसे उसका कैलकुलेशन होगा मसलन, सातवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मचारियों की सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी और कैसे उसका कैलकुलेशन होगा, इसी बारे में हम नीचे आपको बताएंगे। बताया जाता है कि केंद्र और राज्य के कर्मचारियों का फिटमेंट फैक्टर 3 गुना बढ़ाने पर ज...

यूपीआई पेमेंट को लेकर आप बरतें पांच सावधानियां, अन्यथा हैकर्स लगा सकते हैं चूना

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यूपीआई पेमेंट को लेकर आप बरतें पांच सावधानियां, अन्यथा हैकर्स लगा सकते हैं चूना @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बैंकिंग व्यवस्था के लिए यूपीआई पेमेंट सिस्टम किसी बरदान की तरह है। इसकी तरलता और तीब्रता से बैंकर्स और उनके ग्राहकों को काफी फायदा हो रहा है। यही वजह है कि इसकी लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ती जा रही है।इससे ऑनलाइन बाजार व्यवस्था भी काफी लाभान्वित हुई है। महानगर से गांवों तक जिस तेज गति से इसकी पहुंच बढ़ी है, उतनी ही तेज गति से यदि इंटरनेट की स्पीड बढ़ी होती, तो संभव है कि इसका और अधिक विस्तार हुआ होता। भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन या डिजिटल लेनदेन में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो स्मार्ट फोन रखता हो और इसके जरिए ऑनलाइन या डिजिटल पेमेंट ना किया हो। हालांकि देखने में ये जितना आसान लगता है, कभी-कभी उतना ही खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसलिए इसके अनुप्रयोग के समय कतिपय सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि कोई आपको चुना नहीं लगा सके। जानकारों की मानें तो यूपीआई पेमेंट के कुछ खास फायदें हैं तो उससे सम्बंधित कतिपय नुकसान भी हैं, जिसे...

देश व समाज में सौहार्दपूर्ण बौद्धिक विमर्श कीजिए, अनावश्यक वाद विवाद कतई नहीं

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देश व समाज में सौहार्दपूर्ण बौद्धिक विमर्श कीजिए, अनावश्यक वाद विवाद कतई नहीं @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारतीय लोकतंत्र में महज बहुमत प्राप्ति के उद्देश्य से विभिन्न दलों व संगठनों के प्रतिनिधियों द्वारा एक दूसरे पर अनीतिपूर्ण दोषारोपण आम बात है। इसी कड़ी में यदा कदा जिस तरह की अनर्गल टिपण्णी और उस पर जवाबी प्रतिक्रिया क्रमशः अनायास व सुनियोजित रूप से कर दी जाती है, उससे पारस्परिक मतभेदों में इजाफा होता है। इस आपसी वैमनस्यता से हर किसी का चिंतित होना स्वाभाविक है।  दरअसल, विविधतापूर्ण भारतीय परिवेश में जिस तरह के राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक, साम्प्रदायिक व धार्मिक समन्वय की दरकार है, उससे हमारा संविधान कोसों दूर है। क्योंकि यह पुरातन भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से कम और आधुनिक पाश्चात्य दर्शन से ज्यादा प्रभावित है।समय समय पर इसमें किये गए लक्षित संशोधनों से वैचारिक व नीतिगत विरोधाभास और बढ़ा है।  इन सबकी भरपाई के लिए अक्सर उठने वाली समान नागरिक संहिता बनाने की मांग भी नक्कारखाने में तूती की आवाज की मानिंद दबकर रह गई है। इन सब बातों का नकारात्म...

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्या है? इसका लाभ कौन और कैसे उठा सकता है?

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प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना क्या है? यह कब से कब तक लागू है? इसका लाभ कौन और कैसे उठा सकता है? इसके विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालिए। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना केंद्र में सत्तारूढ़ मोदी सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य देश में सिंचाई प्रणाली में निवेश को आकर्षित करना है। इसके अलावा, देश में खेती योग्य भूमि का विकास और विस्तार करना, पानी की बर्बादी को कम करने के लिए खेत में पानी का उपयोग बढ़ाना, पानी की बचत करने वाली तकनीकों और सटीक सिंचाई को लागू करके प्रति बूंद फसल में वृद्धि करना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है। # कोई भी किसान कर सकता है ऑनलाइन आवेदन  प्रधानमंत्री कृषि सिचांई योजना के तहत कोई भी किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ततपश्चात किसानों को किसी भी अनुमन्य पंजीकृत फर्म से स्प्रिंकलर पाइप खरीदने के बाद उसके बिल के साथ आवेदन कार्यालय में जमा करना होगा। बता दें कि साल 2015 में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना शुरू की गई थी, जिसे अब दो साल के लिए बढ़ा दिया गया है। बताते चलें कि खेती करते वक्त किसानों को पानी ...

किसान नेता किशनपाल यादव को भारतीय किसान यूनियन यूपी एनसीआर का सचिव नियुक्त किया

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किसान नेता किशनपाल यादव को भारतीय किसान यूनियन यूपी एनसीआर का सचिव नियुक्त किया कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। राष्ट्रीय किसान आंदोलन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले किसान नेता किशनपाल यादव को भारतीय किसान यूनियन का एनसीआर सचिव नियुक्त किया गया है। बताया जा रहा है कि श्री यादव की कर्तव्यनिष्ठा व अथक मेहनत के चलते उन्हें ईनाम के रूप में इस महत्वपूर्ण पद से नवाजा गया है।  बता दें कि विगत एक वर्ष से अधिक समय तक चले राष्ट्रीय  किसान आंदोलन के दौरान किसान नेता किशनपाल यादव अपने समर्थकों के साथ पूरे लग्न व मेहनत से किसानों की आवाज बुलंद करते रहे थे। जिसके मद्देनजर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष राजवीर जादौन, भारतीय किसान यूनियन के यूपी एनसीआर अध्यक्ष मांगेलाल त्यागी ने एक मत से किसान नेता किशनपाल यादव को उत्तर प्रदेश एनसीआर का सचिव नियुक्त करने की अनुशंसा की, जिसे नेतृत्व ने मान लिया और इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त कर दिया। ...