यूपीआई पेमेंट को लेकर आप बरतें पांच सावधानियां, अन्यथा हैकर्स लगा सकते हैं चूना
यूपीआई पेमेंट को लेकर आप बरतें पांच सावधानियां, अन्यथा हैकर्स लगा सकते हैं चूना
@ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
बैंकिंग व्यवस्था के लिए यूपीआई पेमेंट सिस्टम किसी बरदान की तरह है। इसकी तरलता और तीब्रता से बैंकर्स और उनके ग्राहकों को काफी फायदा हो रहा है। यही वजह है कि इसकी लोकप्रियता काफी तेजी से बढ़ती जा रही है।इससे ऑनलाइन बाजार व्यवस्था भी काफी लाभान्वित हुई है। महानगर से गांवों तक जिस तेज गति से इसकी पहुंच बढ़ी है, उतनी ही तेज गति से यदि इंटरनेट की स्पीड बढ़ी होती, तो संभव है कि इसका और अधिक विस्तार हुआ होता।
भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन या डिजिटल लेनदेन में कई गुना बढ़ोतरी हुई है। शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा, जो स्मार्ट फोन रखता हो और इसके जरिए ऑनलाइन या डिजिटल पेमेंट ना किया हो। हालांकि देखने में ये जितना आसान लगता है, कभी-कभी उतना ही खतरनाक भी साबित हो सकता है। इसलिए इसके अनुप्रयोग के समय कतिपय सावधानी बरतने की जरूरत है, ताकि कोई आपको चुना नहीं लगा सके।
जानकारों की मानें तो यूपीआई पेमेंट के कुछ खास फायदें हैं तो उससे सम्बंधित कतिपय नुकसान भी हैं, जिसे नजरअंदाज करना किसी के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इसके लिए आपको डरने की नहीं बल्कि सावधान व हर वक्त सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि बात आपकी मेहनत की गाढ़ी कमाई से जुड़ी है, जिसे एक झटके में गंवाना कोई भी पसंद नहीं करेगा।
बताया जाता है कि ऑनलाइन लेनदेन के बढ़ने से साइबर धोखाधड़ी की घटनाओं में भी इजाफा हुआ है। आये दिन ऐसी खबरें समाचार माध्यमों में भी देखने को मिल जाती हैं। चाहे मोहल्ले की किराना दुकान हो, या सब्जी का ठेला हो या फिर बड़ा शॉपिंग मॉल, आजकल हर जगह पर ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा मौजूद है। लोग भी अपने बटुए में पैसा लेकर चलने से बेहतर यूपीआई के जरिये भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। क्योंकि इसके माध्यम से बस कोड स्कैन कीजिए और फटाफट पेमेंट करिए।
लेकिन यदि आप कोई भी डिजिटल पेमेंट ऐप यानी गूगल पे या फोन पे या फिर पेटीएम का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आपके लिए नीचे बताई गईं बातों को ध्यान में रखना बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है। अन्यथा आपको कंगाल होने में देर नहीं लगेगी। क्योंकि थोड़ा सा क्लू मिलते ही ऑनलाइन हैकर्स एक झटके में ही आपका खाता खाली कर सकते है।उसके बाद भी यदि आप नहीं संभले तो ये वाकया आपके साथ दोहराया, तिहराया जा सकता है।
इसलिए यहां पर हम आपको कुछ विशेष बताई गईं बातों की अनदेखी करने की गलती नहीं करें। यहां पर हम पांच सुरक्षा टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें आपको यूपीआई पेमेंट करते समय हर वक्त ध्यान में रखना होगा।
# अपना यूपीआई एड्रेस किसी से भी साझा (शेयर) न करें
पहला, आपको यह सुझाव दिया जाता है कि अपना यूपीआई एड्रेस किसी से भी साझा (शेयर) नहीं करें। क्योंकि कई लोग पहले ऐसी गलती कर बैठते हैं और बाद में काफी पछताते हैं। इसलिए कृप्या करके आप ऐसी गलती नहीं करें। क्योंकि हर किसी के लिए अपने यूपीआई अकाउंट यानी एड्रेस को सुरक्षित रखना बहुत महत्वपूर्ण है। इसी वजह से आपको कभी भी अपना यूपीआई आईडी यानी एड्रेस किसी के साथ भी साझा (शेयर) नहीं करना चाहिए। बताते चलें कि आपका यूपीआई एड्रेस आपके फोन नंबर, क्यूआर कोड या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस (वीपीए) के बीच कुछ भी हो सकता है। आपको किसी भी भुगतान या बैंक एप्लिकेशन के माध्यम से किसी को भी अपने यूपीआई अकाउंट तक पहुंचने की अनुमति नहीं देनी चाहिए। यदि आप अज्ञानता वश ऐसा करते हैं तो किसी भी बड़े वित्तीय धोखे के लिए तैयार रहिये। क्योंकि आपकी सटीक यूपीआई जानकारी मिलते ही हैकर्स पलक झपकते ही आपके खाते खाली कर देंगे।
# अपनी मोबाइल में एक मजबूत स्क्रीन लॉक सेट करें
दूसरा, कुछ लोग बेहद सिंपल स्क्रीन लॉक या पासवर्ड और पिन सेट करते हैं। लेकिन आप ऐसी गलती कदापि न करें और एक मजबूत पासवर्ड सेट करें। जानकर बताते हैं कि आपको सभी तरह के भुगतान या वित्तीय लेनदेन ऐप के लिए एक मजबूत स्क्रीन लॉक सेट करना होगा। यही नहीं, यदि आप गूगल पे, फोन पे, पेटीएम या किसी अन्य प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं, तो एक तगड़ा पिन भी सेट करना महत्वपूर्ण है, जो कि आपकी जन्म तिथि या वर्ष, मोबाइल नंबर के अंक या कोई अन्य नहीं होना चाहिए। यही नहीं, आपको अपना पिन भी किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। यदि आपको यह संदेह हो कि आपका पिन उजागर हो गया है, तो इसे तुरंत बदल दें। यही बेहतर रहेगा।
# न तो अनवेरिफाइड लिंक पर क्लिक करें और न ही फेक कॉल अटैंड करें, सुरक्षित रहें
तीसरा, आपको यह सलाह दी जाती है कि बिना सोचे समझे ही किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। क्योंकि यूपीआई स्कैम एक आम तकनीक है जिसका इस्तेमाल हैकर यूजर्स को फंसाने के लिए करते हैं। इसलिए यहां पर ध्यान देने की बात यह है कि हैकर्स आमतौर पर लिंक शेयर करते हैं या कॉल करते हैं या फिर उपयोगकर्ताओं को वेरिफिकेशन के लिए एक थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने के लिए कहते हैं। इसलिए आपको कभी भी ऐसे लिंक पर क्लिक नहीं करना चाहिए। साथ ही अपना पिन या किसी अन्य जानकारी को किसी के भी साथ साझा (शेयर) नहीं करना चाहिए। क्योंकि स्थापित और सुप्रसिद्ध बैंक कभी भी ग्राहकों से पिन नम्बर, ओटीपी या कोई अन्य व्यक्तिगत जानकारी कदापि नहीं मांगते हैं। इसलिए मैसेज या कॉल पर ऐसी जानकारी मांगने वाला कोई भी व्यक्ति आपकी डिटेल और पैसा चुराना चाहता है। लिहाजा, ऐसे मामलों में आपको बेहद सतर्क रहना चाहिए। अन्यथा डिजिटल फ्रॉड आपको बड़ा चूना लगा सकते हैं।
# ज्यादा यूपीआई ऐप का उपयोग करने की बजाए सिर्फ एक का कीजिए, सुरक्षित रहेंगे
चौथा, कुछ लोग अपने फोन में ढेर सारी पेमेंट ऐप रखना पसंद करते हैं। लेकिन आप ऐसा नहीं करें। आप किसी विश्वसनीय व भरोसेमंद ऐप का ही इस्तेमाल करें। डिजिटल बैंकिंग एक्सपर्ट भी एक से अधिक यूपीआई या ऑनलाइन भुगतान ऐप का उपयोग न करने की सलाह देते हैं। वहीं, कई डिजिटल भुगतान ऐप भी हैं जो यूपीआई लेनदेन की अनुमति देते हैं। इसलिए आपको यह देखना होगा कि कौन सा ऐप कैशबैक और पुरस्कार जैसे बेहतर लाभ प्रदान करता है। इसलिए उसी के अनुसार यदि आप अपनी पसंद बनाएंगे तो बेहतर रहेगा।
# यूपीआई ऐप को नियमित रूप से करते रहें अपडेट
पांचवां, कुछ लोग जिस भी ऐप का इस्तेमाल करते हैं वो उसे अपडेट रखना भूल जाते हैं, जबकि ऐसा करना जरूरी होता है। इसके कई फायदे भी हैं। इसलिए आपको यह सुझाव दिया जाता है कि जो भी ऐप आप यूज करें, उसे हमेशा अपडेट करते रहें। टेक्निकल एक्सपर्ट की राय में, यूपीआई पेमेंट ऐप समेत हरेक ऐप को लेटेस्ट वर्जन में अपग्रेड करते रहना चाहिए, क्योंकि नए अपडेट बेहतर यूआई और नई सुविधाएं एवं लाभ लाते हैं। इसके अलावा, हर अपडेट अक्सर बग फिक्सर भी लाते हैं। यही वजह है कि किसी भी ऐप्स को हमेशा लेटेस्ट वर्जन में अपग्रेड करते रहने से आपका अकाउंट भी सुरक्षित रहता है। साथ ही सुरक्षा मानकों के उल्लंघनों की संभावना भी कम होती है। इसलिए उपर्युक्त बातों का अनुशरण हमेशा करते रहें। इससे आपकी गाढ़ी कमाई महफूज रहेगी।
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