प्रीमैच्योर शिशु को माँ जितनी जल्दी गले लगाए उतनी जल्दी वह स्वस्थ होगा : डॉ दीपिका रस्तोगी
प्रीमैच्योर शिशु को माँ जितनी जल्दी गले लगाए उतनी जल्दी वह स्वस्थ होगा : डॉ दीपिका रस्तोगी # यशोदा हॉस्पिटल कौशाम्बी में 25 हफ्ते में हुए प्रीमैच्योर शिशु की भी हम जान बचा सके : डॉ अजीत कुमार कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। सामान्य तौर पर शिशु का जन्म नौ महीने या 40 हफ्ते के बाद होता है, किंतु कुछ शारीरिक एवं स्वास्थ्य गत व्यवधानों के कारण शिशु नौ महीने से पहले ही जन्म ले लेते हैं। सामान्य प्रसव काल से पहले जन्मे बच्चे को प्रीमैच्योर बेबी कहा जाता है। दुनिया भर में 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु का प्रमुख कारण समय से पहले पैदा होना है, इसीलिये संयुक्त राज्य अमेरिका और विश्व स्तर पर शिशु मृत्यु के लिए समय से पहले जन्म और इसकी जटिलताओं जैसे स्वास्थ्य संकटों के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए हर साल 17 नवंबर को, विश्व समयपूर्वता (वर्ल्ड प्रीमैच्योरिटी डे) दिवस मनाया जाता है। इस अवसर पर यशोदा सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, कौशाम्बी में बुधवार को एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हेल्थ टॉक को सम्बोधित करते हुए यशोदा...