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उद्यमिता की एक मिसाल बन चुके हैं सुशील कुमार सिंह

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उद्यमिता की एक मिसाल बन चुके हैं सुशील कुमार सिंह # आप तभी जीतेंगे जबकि आप अंतिम समय तक मैदान में टिके रहेंगे # ब्रांड्स इम्पैक्ट ने सुशील कुमार सिंह को मोस्ट इंस्पायरिंग एंटरप्रेन्योर ऑफ द ईयर 2021 का राइट चॉइस अवार्ड प्रदान किया है कोरोना काल में भी उम्दा प्रदर्शन के लिए @ कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। यदि आप व्यक्तिगत या पारिवारिक कारणों वश अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ने को अभिशप्त होते हैं तो भी चिंता करने की कोई बात नहीं! क्योंकि यूपी में उद्यमिता की एक मिसाल पेश कर चुके जौनपुर निवासी सुशील कुमार सिंह का जीवन-दर्शन इस बात की साक्षी है कि किसी डिग्री के बिना भी देश-विदेश यानी भारत से अमेरिका तक अपना कारोबार फैलाया जा सकता है। बस लगन, हुनर और अपनी धुन के पक्का होना जरूरी है, भले ही स्वजन, परिजन या शेष दुनिया कुछ भी कहें। डासना नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी मनोज कुमार मिश्रा के बैचमेट रहे आईटी पेशेवर सुशील कुमार सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में बीएससी की पढ़ाई छोड़कर जब दिलवालों के शहर दिल्ली कूच करने का निर्णय लिया और दक्षिणी दिल्ली के बदरपुर ...

सनातन धर्म की लंका लगाने वाले 'सन्त' से बचिए!

सनातन धर्म की लंका लगाने वाले 'सन्त' से बचिए! @ राजपथ/अशोक कौशिक, समूह सम्पादक एक पंथनिरपेक्ष या धर्मनिरपेक्ष देश में धर्म और राजनीति में जुड़ाव व बिलगाव की क्या सीमाएं होनी चाहिए, इसे स्पष्ट न करते हुए हमारे संविधान निर्माताओं ने बहुत बड़ी भूल की है। इस सम्बन्ध में उनके द्वारा बनाये गए विधान और  उनके बाद उनके राजनैतिक उत्तराधिकारियों द्वारा किये गए संशोधनों ने इन जटिलताओं को और अधिक बढ़ा दिया है।  सच कहा जाए तो भारतीय संविधान ने हिन्दू धर्मावलंबियों की कीमत पर विभिन्न धर्मावलंबियों खासकर अल्पसंख्यकों को जो कतिपय सहूलियतें दी हैं, वह हिंदुओं को क्यों नहीं मिलनी चाहिए, इस सवाल का जवाब आजादी का 75वां वर्ष भी ढूंढ रहा है! वो भी तब जबकि भारत हिंदुओं के हिस्से वाला देश है। यह हकीकत है कि मुस्लिमों के हिस्से वाला देश पाकिस्तान और बाद में बना बंगलादेश है। इसलिए भारत में मुसलमानों को उतनी ही सुविधाएं मिलनी चाहिए, जितनी वो पाकिस्तान व बंगलादेश में हिंदुओं को देते हैं! कोढ़ में खाज यह कि संविधान का रखवाला हमारा सर्वोच्च न्यायालय भी इस प्रायोजित भेदभाव को अबतक नहीं बदल पाया है। इससे सत्ता व ...

क्या साहिबाबाद विधानसभा सीट से पूरा होगा डॉ सपना बंसल का सपना?

क्या साहिबाबाद विधानसभा सीट से पूरा होगा डॉ सपना बंसल का सपना? @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक राजनीतिक पतंगबाजी का अपना ही मजा है। इसको सिर्फ वही ले सकता है, जो सक्रिय सियासत में है। आखिर कब, कैसे और किसकी सियासी पतंग काटनी है, यह बात सिर्फ उसे ही पता होती है जो ऐसी चाल चलता या चलवाता है।राजनीतिक विश्लेषक बताते हैं कि इसकी भी एक अलग ही फितरत होती है, जिसका शिकार अक्सर सभ्य, सुशील  व सुसंस्कृत राजनीतिज्ञ ही होते हैं।  यूं तो उत्तरप्रदेश की सबसे बड़ी विधानसभा सीट साहिबाबाद पर सबकी नजर है। यह सीट अभी भाजपा के कब्जे में है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुनील शर्मा यहां के लोकप्रिय विधायक हैं। पार्टी ने उन्हें पंचायती राज समिति का अध्यक्ष बनवाकर दर्जा प्राप्त मंत्री का दर्जा दे दिया है। यहां पर बहुजन समाज पार्टी से पूर्व विधायक रहे अमरपाल शर्मा का इस बार समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ना तय है। पिछली बार उन्होंने कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़कर शिकस्त खाई है। चर्चा है कि कांग्रेस इस बार अपने पूर्व महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज या पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉली शर्मा को चुनाव लड़ने का निर्देश द...

सफाई की संस्कृति को अपनाइए, बेतुके बहाने मत बनाइए

सफाई की संस्कृति को अपनाइए, बहाने मत बनाइए @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक लोक आस्था का महापर्व चार दिवसीय छठ पूजा पूरे देश में धूमधाम से मनाया जा रहा है। बिहार में इसे बड़का पर्व कहा जाता है। देश-विदेश में फैले बिहार मूल के लोग इसे बड़े ही श्रद्धा भाव से मनाते हैं। इस पर्व में व्याप्त अद्भुत कष्ट निवारण क्षमता के कारण बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के निवासियों की देखा देखी इसके स्वरूप का लगातार विस्तार हो रहा है। शास्त्रों में सूर्य पूजा का बहुत महत्व है। नक्षत्र मंडल में सूर्य जब अपनी नीच राशि तुला का होता है तो उसके नकारात्मक प्रभाव से बचने के लिए सूर्य षष्ठी ब्रत का विधान सनातन संस्कृति में है। कार्तिक शुक्ल चतुर्थी से लेकर शुक्ल सप्तमी तक यह पूजा पूरी नियम निष्ठा से प्रतिपादित की जाती है। यह पर्व राजकृपा प्राप्त करने और वर्ष पर्यंत आरोग्यता लाभ के लिए मनाया जाता है। इसमें सामाजिक स्वच्छता का संदेश निहित है। यह पर्व समाज से ऊंच-नीच के भेदभाव को मिटाता है। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सामाजिक और व्यक्तिगत स्वच्छता की जो वकालत की है, उसके बीज इस महापर्व में ...

पेटीएम आईपीओ में ऐसे लगाएं पैसे? घर बैठे पेटीएम से करें निवेश

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पेटीएम आईपीओ में ऐसे लगाएं पैसे? घर बैठे पेटीएम से  करें निवेश @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार यदि आप पेटीएम के आईपीओ में पैसे लगाना चाहते हैं तो इसके ऐप के जरिये ही इस आईपीओ में अप्लाई कर सकते हैं। बता दें कि यहां पर अप्लाई करना भी बेहद आसान है। यदि आप ऑनलाइन एक्सपर्ट हैं तो चंद सेकंड में ही अपने मोबाइल के पेटीएम अकाउंट से इस आपीओ में अप्लाई कर सकते हैं। बताते चलें कि आईपीओ का प्राइस बैंड 2,080 से 2,150 रुपये प्रति शेयर रिटेल निवेशक को न्यूनतम 12,900 रुपये लगाने होंगे।  गौरतलब है कि देश का सबसे बड़ा पेटीएम आईपीओ मात्र तीन दिन के लिए ओपन हो गया है। सोमवार को खुला यह आईपीओ बुद्धवार को बंद हो जाएगा। यानी निवेशक इस आईपीओ में सिर्फ 10 नवंबर तक ही अप्लाई कर पाएंगे। इसलिए यदि आप इस आईपीओ में निवेश के लिए सोच रहे हैं और आपके पास डीमैट अकाउंट भी नहीं है तो भी आप यहां पर अप्लाई कर सकते हैं। आप बिना डीमैट अकाउंट के भी पेटीएम के आईपीओ में निवेश कर सकते हैं। यदि आप पेटीएम के आईपीओ में पैसे लगाना चाहते हैं तो पेटीएम के जरिये ही इस आईपीओ में अप्लाई कर सकते हैं। यहां अप...

जेम पोर्टल क्या है? इसका क्या उद्देश्य है? इससे किसको फायदा मिलेगा?

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जेम पोर्टल क्या है? इसका क्या उद्देश्य है? इससे किसको फायदा मिलेगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र सरकार अपने अधीनस्थ विभागों में आपको कारोबार (बिजनेस) करने का मौका देने जा रही है। इसलिए अब छोटे मोटे स्तर पर अपना काम-धंधा और उसका व्यापार करने वालों को ग्राहकों के लिए कहीं पर टकटकी लगाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि अब वह दिन दूर नहीं जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, जो सिर्फ बड़े-बड़े बिजनेसमैन के लिए उपयोगी प्लेटफॉर्म माने जाते थे, सरकार की एक सकारात्मक पहल से आमलोगों के लिए भी सहजता पूर्वक उपलब्ध होंगे।  वस्तुतः ई-कॉमर्स का कारोबार दुनियाभर में दिन दूना रात चौगुनी गति से बढ़ रहा है। इसलिए सरकार ने भी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जिसका संक्षिप्त नाम जीईएम (जेम) है, नामक पोर्टल बनवाया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेम के साथ जुड़कर बिजनेस कर सकता है। कई अर्थों में यह सर्वसुलभ और सस्ता है। इसलिए आमलोग या कारोबारी इसमें खास दिलचस्पी ले रहे हैं। गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस एक ऑनलाइन मार्केट है, जिससे कोई भी व्यक्ति सरकार के साथ बिजनेस कर सकता है। अमूमन क...

साइबर धोखाधड़ी के तहत बैंक खाते से चुराए गए धन को फिर से ऐसे प्राप्त करें? आरबीआई ने बताए हैं ये तरीके

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साइबर धोखाधड़ी के तहत बैंक खाते से चुराए गए धन को फिर से ऐसे प्राप्त करें? आरबीआई ने बताए हैं ये तरीके @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि यदि आपके बैंक अकाउंट से धोखाधड़ी हुई है तो समय पर बैंक को शिकायत करने के पश्चात आपको सारे पैसे वापस मिल जाएंगे? यदि नहीं पता तो यह याद रखिये कि इसका तरीका खुद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ही बताया है। जिसके मुताबिक यदि आपके बैंक खाते से कोई गलत तरीके से रकम निकाल लेता है तो आप तीन दिन के अंदर ही इस मामले के बारे में बैंक को शिकायत कर सकते हैं। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको यह नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। # आखिर क्यों आम बात हो चुकी हैं साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं  इस बात में कोई दो राय नहीं कि डिजिटल लेन-देन के बढ़ते प्रचलन के बीच बैंक खाता (अकाउंट) से धोखाधड़ी की घटनाएं आम बात हो चुकी हैं। ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जहां गैर कानूनी ढंग से बैंक अकाउंट से अनधिकृत लेनदेन  होते हैं। इसे ही ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल फ्रॉड या साइबर फ्रॉड (धोखाधड़ी) समझा जाता है। देखा जाता है कि हैकर्स एन केन प्रकारेण आपके अकाउंट की डिटेल्स...