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जेम पोर्टल क्या है? इसका क्या उद्देश्य है? इससे किसको फायदा मिलेगा?

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जेम पोर्टल क्या है? इसका क्या उद्देश्य है? इससे किसको फायदा मिलेगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र सरकार अपने अधीनस्थ विभागों में आपको कारोबार (बिजनेस) करने का मौका देने जा रही है। इसलिए अब छोटे मोटे स्तर पर अपना काम-धंधा और उसका व्यापार करने वालों को ग्राहकों के लिए कहीं पर टकटकी लगाने की जरूरत नहीं होगी। बल्कि अब वह दिन दूर नहीं जब ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, जो सिर्फ बड़े-बड़े बिजनेसमैन के लिए उपयोगी प्लेटफॉर्म माने जाते थे, सरकार की एक सकारात्मक पहल से आमलोगों के लिए भी सहजता पूर्वक उपलब्ध होंगे।  वस्तुतः ई-कॉमर्स का कारोबार दुनियाभर में दिन दूना रात चौगुनी गति से बढ़ रहा है। इसलिए सरकार ने भी गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, जिसका संक्षिप्त नाम जीईएम (जेम) है, नामक पोर्टल बनवाया है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेम के साथ जुड़कर बिजनेस कर सकता है। कई अर्थों में यह सर्वसुलभ और सस्ता है। इसलिए आमलोग या कारोबारी इसमें खास दिलचस्पी ले रहे हैं। गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस एक ऑनलाइन मार्केट है, जिससे कोई भी व्यक्ति सरकार के साथ बिजनेस कर सकता है। अमूमन क...

साइबर धोखाधड़ी के तहत बैंक खाते से चुराए गए धन को फिर से ऐसे प्राप्त करें? आरबीआई ने बताए हैं ये तरीके

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साइबर धोखाधड़ी के तहत बैंक खाते से चुराए गए धन को फिर से ऐसे प्राप्त करें? आरबीआई ने बताए हैं ये तरीके @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि यदि आपके बैंक अकाउंट से धोखाधड़ी हुई है तो समय पर बैंक को शिकायत करने के पश्चात आपको सारे पैसे वापस मिल जाएंगे? यदि नहीं पता तो यह याद रखिये कि इसका तरीका खुद भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने ही बताया है। जिसके मुताबिक यदि आपके बैंक खाते से कोई गलत तरीके से रकम निकाल लेता है तो आप तीन दिन के अंदर ही इस मामले के बारे में बैंक को शिकायत कर सकते हैं। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपको यह नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। # आखिर क्यों आम बात हो चुकी हैं साइबर धोखाधड़ी की घटनाएं  इस बात में कोई दो राय नहीं कि डिजिटल लेन-देन के बढ़ते प्रचलन के बीच बैंक खाता (अकाउंट) से धोखाधड़ी की घटनाएं आम बात हो चुकी हैं। ऐसी घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जहां गैर कानूनी ढंग से बैंक अकाउंट से अनधिकृत लेनदेन  होते हैं। इसे ही ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल फ्रॉड या साइबर फ्रॉड (धोखाधड़ी) समझा जाता है। देखा जाता है कि हैकर्स एन केन प्रकारेण आपके अकाउंट की डिटेल्स...

सुप्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ मनीष कुमार का शानदार हॉस्पिटल

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अब तक सफल दिख रहा योगी का राजनीतिक हठयोग, आगे प्रभु राम जानें!

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अब तक सफल दिख रहा योगी का राजनीतिक हठयोग, आगे प्रभु राम जानें! @ राजपथ/अशोक कौशिक, संपादक, हिन्द आत्मा उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का राजनैतिक प्रबंधन काबिले तारीफ है। अपनी बात मनवाने की उनकी सियासी अदाएं भी दिलचस्प हैं। उन्होंने प्रशासनिक सक्रियता का भी एक अद्भुत उदाहरण पेश किया और कराया है। शासन के विभिन्न जटिल आयामों को उन्होंने जिस खूबसूरती से सुलझवाया है, उसे देख-सुनकर बड़े-बड़े लोग भी दंग रह जाते हैं।  एक संत से राजनेता बनने के बावजूद हिंदुत्व के पैमाने पर उन्होंने जिस साम, दाम, दंड और भेद की नीति को प्रश्रय दिया है, उससे उनके सारे विरोधी चित्त होते जा रहे हैं। इसे उनका सियासी हठयोग भी समझा जा रहा है। अपनी टीम का चयन उन्होंने जिस कार्यकुशलता के साथ किया है और वक्त वक्त पर उसमें जो बदलाव वो करते आ रहे हैं, उसका लाभ शासन-प्रशासन होते हुए आमजन को भी मिला है। इसलिए उनकी लोकप्रियता अपने चरम पर है।  केंद्रीय गृह मंत्री मंत्री अमित शाह का यह कहना कि 2024 में पीएम नरेंद्र मोदी की तीसरी जीत सुनिश्चित करने के लिए 2022 में सीएम योगी आदित्यनाथ की दूसरी जीत सु...

कहीं दीप जले, कहीं दिल, जीवन-यापन कितनी मुश्किल

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कहीं दीप जले, कहीं दिल, जीवन यापन कितनी मुश्किल! @ राजपथ/अशोक कौशिक, सम्पादक, हिन्द आत्मा लोकपर्व दीपावली चार नवंबर को मनाई जाएगी। लोग अपने घर व प्रतिष्ठान को सजायेंगे, लक्ष्मी-गणेश की पूजा करेंगे, मिठाई आदि उपहार अपने परिचित जनों को बांटेंगे। आतिशबाजी करेंगे। यह उत्सव हमलोग देश-विदेश में मनाएंगे, कहीं कम-कहीं ज्यादा। वैसे भी साधन-संपन्न लोगों की तो हर रोज दीवाली होती है। दिवाला तो उनका निकलता है जो दाने दाने को मोहताज होते हैं। हमारी व्यवस्था में हाशिए पर धकेल दिए गए होते हैं।  बहुत सारे लोग श्रमवीर होते हैं, लेकिन उनके श्रम का उचित मूल्य उन्हें नहीं मिल पाता है। बमुश्किल अपने जीवन का गुजारा तो कर लेते, पर पर्व-त्यौहार मनाने व तड़क भड़क वाली जिंदगी जीने लायक वो नहीं बचते! चाहकर भी कुछ नहीं कर पाते। खुद को तो मना लेते हैं, लेकिन बीबी-बच्चों कैसे मनाएं। जब इंसान पंच बराबर यानी सगे-सम्बन्धियों, मित्रों-पड़ोसियों के स्तर का नहीं होता तो अफसोस के अलावा वो कर भी क्या सकता।  इसलिए कहा जाता है कि दीपावली एक ऐसा उत्सव है जहां कहीं दीप जलते हैं तो कहीं दिल। जब से हमारे समाज ने...

नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने अपने काव्य पाठ से अवसरवादियों को झकझोरा

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नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने अपने काव्य पाठ से अवसरवादियों को झकझोरा # मंचस्थ कवियों ने भी मानवीय चेतना को शब्द तीर से कुरेदा # मैं भी शुरुआत करता हूँ, महेंद्र हूँ मोहब्बत की बात करता हूँ: नगर आयुक्त # गिला इस बात का नहीं कि उनको जल्दी थी जाने की, शिकायत तो ये रहती है कि ऐसे लोग मिलने क्यों आते हैं: महेंद्र सिंह तंवर कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर एक सुलझे हुए आईएएस अधिकारी ही नहीं, बल्कि बातों ही बातों में अवसरवादी लोगों के हावभाव पर गहरी चोट करने वाले एक कवि भी हैं। यह बात मैं नहीं कह रहा, बल्कि गाजियाबाद नगर निगम द्वारा आयोजित दीपावली मेले में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कविता पाठ करते हुए उनमें जो मानवीय संवेदनाएं झलकी, उससे यह बात स्पष्ट हुई है।  रामलीला मैदान, कविनगर के काव्य मंच पर गणमान्य कवियों- विनीत चौहान और तेज नारायण के हाथों एक कवि के रूप में पुष्प गुच्छ और रेशमी शॉल से सम्मानित होने के बाद वहां उपस्थित श्रोताओं को आश्वस्त करते हुए उन्होंने कहा कि "मैं भी शुरुआत करता हूँ, महेंद्र हूँ, मोहब्बत की बात करता हूँ।...

दीनदयाल अंत्योदय योजना : राष्ट्रीय आजीविका मिशन क्या है? इससे किसको लाभ मिलेगा।

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दीनदयाल अंत्योदय योजना : राष्ट्रीय आजीविका मिशन क्या है? इससे किसको लाभ मिलेगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय आजीविका मिशन (डीएवाई-एनएलएम), भारत सरकार की एक महत्‍वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्‍य ग्रामीण एवं शहरी गरीबों के सतत विकास हेतु सामुदायिक संस्था‍नों की स्‍थापना करना तथा इसके माध्यम से ग्रामीण व शहरी गरीबी समाप्त करने के लिए आजीविका के विविध स्रोतों को प्रोत्‍साहन देना है। केन्‍द्र द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम को गांवों में ग्रामीण विकास मंत्रालय और शहरों में शहरी विकास मंत्रालय द्वारा राज्‍यों के सहयोग से लागू किया गया है। गौरतलब है कि आजीविका- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण विकास विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जून 2011 में शुरू किया गया था। जिसे बाद में शहरी क्षेत्रों में राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन के तौर पर शहरी विकास मंत्रालय द्वारा लागू किया गया। वहीं, नवंबर 2015 में, इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नाम बदलकर 'दीनदयाल अंत्योदय योजना- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन' (डी...