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जल शक्ति मिशन क्या है? यह कबतक और कितनी कारगर साबित होगी?

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# जल शक्ति मिशन क्या है? यह कबतक और कितनी कारगर साबित होगी?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार जुलाई 2019 में केंद्र सरकार ने जल शक्ति मिशन की योजना बनाते हुए यह तय किया कि 2024 तक समस्त घरों को जल सप्लाई करना हैं। सरकार ने इस अभियान पर बल देते हुए स्पष्ट कर दिया है कि हर घर जल कार्यक्रम पर फोकस करना जरुरी हैं। इसके लिए सरकार ने पूरे भारत में जल की समस्या से जूझते 256 जिलों में से 1,592 ब्लॉक्स को पहचानने की प्रक्रिया शुरू किया और फिर उन्हें पेयजल उपलब्ध करवाया। आज भी यह कार्य जारी है। वास्तव में जल शक्ति मिशन, जिसे जल जीवन मिशन भी कहा जाता है, इसका विजन सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है, बल्कि ये विकेंद्रीकरण का भी एक बहुत बड़ा मूवमेंट है। ये विलेज ड्रिवेन, वीमेन ड्रिवेन मूवमेंट है। इसका मुख्य आधार, जन आंदोलन और जन भागीदारी है। इसलिए जल जीवन मिशन को अधिक सशक्त, अधिक पारदर्शी बनाने के लिए हाल ही में कई और कदम भी उठाए गए हैं।  वास्तविकता यह है कि राज्य सरकारें प्राकृतिक जलाशयों जैसे झील, तालाब, कुंए और नदियों का संरक्षण नहीं कर पा रही हैं, जबकि पर्य...

समाजवादी सियासत के ध्रुवतारा हैं नीतीश कुमार, देश-प्रदेश को है उन पर नाज: संजय कुमार

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समाजवादी सियासत के ध्रुवतारा हैं नीतीश कुमार, देश-प्रदेश को है उन पर नाज: संजय कुमार #  हमने "शराब छोड़ो, दूध पीयो" मुहिम को चलाया है, इसे मुकाम तक पहुंचा कर ही दम लूंगा: राष्ट्रीय अध्यक्ष, युवा जदयू @ कमलेश पांडेय/ब्यूरोचीफ, दैनिक भास्कर नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्तर पर "शराब छोड़ो, दूध पीयो” जनांदोलन के प्रणेता और युवा जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय कुमार समाजवादी सियासत के भविष्य के रूप में  एक नहीं बल्कि कई छाप छोड़ चुके हैं। समसामयिक समाजवादी सियासी गलियारे में उन्हें सोशलिस्ट यूथ आइकॉन के रूप में देखा, जाना और पहचाना जा रहा है। भारत के विभिन्न हिस्सों में अपने उल्लेखनीय जनांदोलनों के द्वारा उन्होंने युवाओं को जिस तरह से जगाया है, उससे समाजवादी सोच को एक नई बुलंदी मिली है। यही वजह है कि दैनिक भास्कर के ब्यूरोचीफ कमलेश पांडेय ने उनके आवासीय कार्यालय सीआर पार्क में खास बातचीत की है, ताकि भारतीय राजनैतिक क्षितिज पर समाजवादी युवाओं की भावी योजनाओं का अंदाजा लगाया जा सके। # सवाल:- कभी कांग्रेस का विकल्प समझी जाने वाली समाजवादी सियासत आज कहां खड़ी है? जवाब:- सुप्रसिद्...

सादा जीवन उच्च विचार के प्रतिमूर्ति थे पत्रकार ए एन शर्मा

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सादा जीवन उच्च विचार के प्रतिमूर्ति थे पत्रकार ए एन शर्मा  कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार नई दिल्ली। पत्रकारिता और जनसंपर्क के पेशे में स्व. अरविंद नारायण शर्मा उर्फ ए एन शर्मा की एक  अपनी पहचान रही, जिसे चाहकर भी दिल्ली वाले भूल नहीं सकते। पूर्व उपप्रधानमंत्री और गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी के मीडिया सलाहकार और इससे पहले दिल्ली पुलिस का प्रवक्ता रहने की वजह से राजधानी वासियों के लिए वह परिचित व्यक्तित्व बने रहे। पीआईबी से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार के रूप में भी उन्होंने लोगों के मनमस्तिष्क पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। सादा जीवन, उच्च विचार के प्रतिमूर्ति थे वो। लोकसभा के पूर्व महासचिव व दिग्गज आईएएस अधिकारी योगेंद्र नारायण से उनकी अच्छी बनती थी, इसलिए इंटेक में भी वो मीडिया सलाहकार रहे थे। उन्हें दिल्ली का चलता फिरता इंसाइक्लोपीडिया भी कहा जाता था। किसी भी अजनबी को अपना बना लेने की जो उनकी दक्षता थी और अपरिचित व्यक्ति पर भी जितना अटूट विश्वास कर लेते थे, यही उनकी लोकप्रियता का कारक साबित हुआ। यदि आप किसी जेन्विन काम के लिए राह चलते भी उनसे आप पूछ बैठते तो...

साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने चाय पर चर्चा कार्यक्रम में शिरकत की

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साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने चाय पर चर्चा कार्यक्रम में शिरकत की # जब लोगों ने अपनी समस्याएं उठाई तो विधायक ने उपलब्धियों की झड़ी गिनाते हुए कहा कि शतप्रतिशत समस्याएं दूर होंगी, 24 घण्टे आपके लिए उपलब्ध हूं भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर 3 में साहिबाबाद विधायक व पंचायती राज समिति के अध्यक्ष सुनील शर्मा ने स्थानीय  लोगों के साथ 'चाय पर चर्चा कार्यक्रम' (मिशन 2022) में हिस्सा लिया, जिसमें लोगों अपना अपना दुःख-दर्द साझा करते हुए भाजपा की नीतियों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। वहीं, विधायक शर्मा ने लोगों को आश्वासन दिया कि जिस तरह से आपकी 90 प्रतिशत समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, उसी तरह इन 10 प्रतिशत समस्याओं का समाधान भी जल्द कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि इस विशिष्ट कार्यक्रम का आयोजन भाजपा नेता लोकेश चौधरी के नेतृत्व में हुआ। लोकेश चौधरी ने विधायक शर्मा की सराहना करते हुए कहा कि इतने बड़े व्यस्त शहर में यदि आपका विधायक आपके लिए सहज उपलब्ध है और 24 घण्टे आपके साथ रहकर आपके लिए ही सोचता समझता है तो यह हमारे लिए गर्व की बात है। अगली बार भी हमलोग...

प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना क्या है? इससे किस स्तर के छात्रों को लाभ मिलेगा।

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# प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना क्या है? इससे किस स्तर के छात्रों को लाभ मिलेगा। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार ने शिक्षा में ‘सोशल और जेंडर गैप’ को समाप्त करने के लिए 'प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना' शुरू करने की घोषणा की है। गत दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस योजना के तहत सरकार बाल बाटिका(प्री स्कूल), प्राथमिक विद्यालय और मध्य विद्यालय में कक्षा 8 तक के सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को पका भोजन उपलब्ध कराएगी।  इस प्रकार अगले 5 वर्ष (2021-22 से 2025-26 वित्त वर्ष) तक करोड़ों बच्चों को मुफ्त में भोजन दिया जाएगा। जिससे स्कूलों में गरीब छात्रों की उपस्थिति तो बढ़ेगी ही, साथ ही उनके शिक्षा और पोषण का भी विकास होगा। इस योजना पर 1 लाख 71 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें केंद्र सरकार 99,061 करोड़ रूपये का खर्च वहन करेगी, जिसमें खाद्यान्न की लागत भी शामिल है। शेष धनराशि सम्बन्धित ...

ट्रस्टीशिप का सिद्धांत क्या है? क्या यह उपयोगी है? यहां किस रूप में उपस्थित है?

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ट्रस्टीशिप का सिद्धांत क्या है? क्या यह अब भी उपयोगी है? हमारी अर्थव्यवस्था में यह किस रूप में उपस्थित है? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित ट्रस्टीशिप (न्यासिता) का सिद्धांत एक स्वस्थ सामाजिक-आर्थिक परिवेश का द्योतक है, जिसका अनुपालन करके कोई भी लोकतांत्रिक देश जनसामान्य की सेवा में सफल होते हुए अपना समग्र औद्योगिक विकास जारी रख सकता है। यह एक ऐसा सामाजिक-आर्थिक दर्शन है, जो अमीर लोगों को कुछ ऐसा माध्यम प्रदान करता है जिसके द्वारा वे गरीब और असहाय लोगों की मदद कर सकें। वास्तव में, यह सिद्धांत गांधी जी के आध्यात्मिक विकास को दर्शाता है, जो कि थियोसोफिकल लिटरेचर और भगवद्गीता के अध्ययन से उनमें विकसित हुआ था। ट्रस्टीशिप के सिद्धांत के जन्मदाता राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अपने आर्थिक दर्शन के अंतर्गत ट्रस्टीशिप के सिद्धांत  के अनुसार, जो भी संपति हमारे पास हैं उस संपति के हम संरक्षक हैं। कहने का तात्पर्य यह कि भले ही संपति की देखभाल का दायित्व हमारे पास है, लेकिन हम उस संपति के मालिक नहीं हैं। बता दें कि जहां साम्यवादी व...

प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है? इससे आमलोगों को कैसे और क्या क्या लाभ मिलेगा?

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प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन क्या है? इससे आमलोगों को कैसे और क्या क्या लाभ मिलेगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि जब भी हम कोई कार्य करें, तो यह अवश्य विचार करें कि समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति विशेष कर सबसे अंतिम व्यक्ति पर उसका क्या असर पड़ेगा। लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके जनोपयोगी विचार को आत्मसात कर लिया है और अपने हरेक लोक कल्याण कारी कार्यों व जनहितैषी योजनाओं को गरीब कल्याण केंद्रित बनाने की एक मुहिम छेड़ दी है। यही वजह है कि पहले गुजरात में और अब पूरे देश में वह जनाकर्षण के एकमात्र केंद्र बिंदु बने हुए हैं। सोमवार को उन्होंने जिस प्रधानमंत्री डिजिटल हेल्थ मिशन का आगाज किया  है, वह क्या और उससे आमलोगों को कैसे और क्या-क्या फायदा मिलेगा, आइए इसे जानने-समझने की एक अदद कोशिश करते हैं। # जानिए, क्या है हेल्थ आईडी और कैसे होगा इसका उपयोग? पीएम डिजिटल हेल्थ मिशन का उद्देश्य आमलोगों को बेहतर व त्वरित स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना है, जिसके तहत हरेक व्यक्ति की एक हेल्थ आईडी बनेगी। डिजिटल प्ले...