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बैड बैंक क्या है? भारत में कब इसका गठन हुआ। इससे क्या और किसको होगा फायदा?

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बैड बैंक क्या है? सबसे पहले कब और किस देश में इसकी शुरुआत हुई। भारत में कब इसका गठन हुआ। इससे क्या और किसको होगा फायदा?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि देश-दुनिया में एक ऐसा बैंक भी काम कर रहा है, जिसमें आपका ना तो खाता खुलेगा और  ना ही आप इसमें अपना पैसा जमा कर सकेंगे? तो फिर यह सवाल उठना लाजिमी है कि  तो फिर किस काम का है यह बैंक। जी हां, यही बैड बैंक है, जिसकी शुरुआत 1980 के दशक में अमेरिका में हुई थी, लेकिन यह 2020 के दशक में भारत में भी दबे पांव दाखिल हो चुका है। इसलिए सबके मन में यह सवाल उठ रहा है कि बैड बैंक क्या है? इससे किसको, क्या और कितना फायदा होगा? बता दें कि बैड बैंक, एक आर्थिक अवधारणा है जिसके अंतर्गत आर्थिक संकट के समय घाटे में चल रहे बैंकों द्वारा अपनी देयताओं को एक नये बैंक को स्थानांतरित कर दिया जाता है। जब किसी बैंक की गैर निष्पादित संपत्ति सीमा से अधिक हो जाती है तब राज्य के आश्वासन पर एक ऐसे बैंक का निर्माण किया जाता है जो मुख्य बैंक की देयताओं को एक निश्चित समय के लिए धारण कर लेता है। 1991-92  के दौरान...

टोकनाइजेशन क्या है? यह कितने प्रकार का होता है? इससे क्या क्या लाभ और हानि है? विस्तार से जानिए

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टोकनाइजेशन क्या है? यह कितने प्रकार का होता है? इससे क्या क्या लाभ और हानि है? विस्तार से जानिए। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट और डेबिट कार्ड ट्रांजेक्शन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए एक नई व्यवस्था को ईजाद किया है और उसे अमल में लाया है, जिसे कार्ड टोकनाइजेशन यानी टोकन व्यवस्था नाम दिया गया है। बताया जाता है कि इस टोकन व्यवस्था का प्रमुख उद्देश्य पेमेंट सिस्टम को और अधिक सुरक्षित, और ज्यादा मजबूत बनाना है। आप जानते हैं कि टोकनाइजेशन शब्द टोकन से संबंधित है, लेकिन इसका मतलब दुकानों में, रेस्टोरेंट में खाने लेने के लिए प्रयुक्त होने वाले टोकन से नहीं है, बल्कि उससे अलग और कुछ खास है। इसलिए आज हमलोग यह समझेंगे कि कार्ड टोकनाइजेशन क्या है? इसके कितने प्रकार हैं और इससे क्या-क्या लाभ और हानि हैं। और इससे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण बातें क्या क्या हैं? # कार्ड टोकनाइजेशन क्या है?  टोकनाइजेशन किसी भी संवेदनशील डाटा को गैर-संवेदनशील डाटा में बदलने की प्रक्रिया है। जिसके अंतर्गत ग्राहक के क्रेडिट और डेबिट कार्ड के पर्सनल डिटेल को एक यूनिक कोड...

अवेक क्रेनिओटोमी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन: डॉ मनीष कुमार, सीनियर न्यूरोसर्जन

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अवेक क्रेनिओटोमी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन: डॉ मनीष कुमार, सीनियर न्यूरोसर्जन  # निज अभिरुचि के मुताबिक हनुमान चालीसा और दुर्गा स्तुति करवाते हुए करते हैं ऑपरेशन कमलेश पांडेय/खास-बातचीत गाजियाबाद/ दिल्ली। मरीज को बिना बेहोश किए उसके दिमाग का ऑपरेशन करने में प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ मनीष कुमार को महारत हासिल है। जिस तरह से वो किसी को हनुमान चालीसा पढ़वाते हुए, तो किसी से दुर्गा स्तुति करवाते हुए सफल ऑपरेशन कर रहे हैं, इससे हिंदुत्व समर्थकों में इनकी लोकप्रियता बढ़ रही है। इनकी चर्चा न केवल दिल्ली-एनसीआर बल्कि देश-विदेश में भी हो रही है, क्योंकि अपनी इस अहम उपलब्धि का वीडियो क्लिप बनाकर वे सोशल मीडिया पर भी शेयर करते हैं। दैनिक भास्कर के ब्यूरोचीफ और वरिष्ठ पत्रकार कमलेश पांडेय ने इस सम्बन्ध में उनसे खास बातचीत की है, प्रस्तुत है उसके चुनिंदा अंश:-  सवाल: अवेक क्रेनिओटोमी यानी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन क्या है? यह क्यों किया जाता है? जवाब: न्यूरोसर्जन डॉ मनीष कुमार बताते हैं कि अवेक क्रेनिओटोमी यानी बिना बेहोशी के दिमाग का ऑपरेशन करना आधुनिक विज्ञान का एक...

# ममता व करुणा की प्रतिमूर्ति मां और मातृभूमि

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# ममता व करुणा की प्रतिमूर्ति मां और मातृभूमि @ डॉ दिनेश चंद्र सिंह, जिलाधिकारी, बहराइच मां और मातृभूमि की महिमा शब्दों में बयां नहीं की जा सकती। क्योंकि वह अपरंपार होती है। मां के पालन-पोषण से ही हर तरह का व्यक्तित्व सजता-सँवरता-निखरता है। सारा संसार जनता और मानता आया है कि व्यक्तित्व निर्माण की पहली पाठशाला मां है, उसकी ममतामयी गोद है और उसकी बाल्यकालीन छत्रछाया ही होती है। इसलिए हर सफल व्यक्तित्व अपनी मां के प्रति आजीवन श्रद्धावनत रहते हैं। मैं भी अपवाद नहीं हूं। मुझे भी अपनी मां और मातृभूमि से गहरा लगाव था, है और रहेगा। लोकप्रिय फ़िल्म 'तारे जमीं पर' में सुप्रसिद्ध गीतकार शंकर महादेवन ने अपनी गीत की पंक्तियों में मां के ममत्व और महत्व को एक हद तक अभिव्यक्ति प्रदान करने की कोशिश की है। इसलिए आज यहां पर उन्हें मैं उद्धृत करना जरूरी समझता हूं, ताकि सहजता पूर्वक आप सबकुछ समझ सकें। गीत है- "मैं कभी बतलता नहीं, पर अंधेरे से डरता हूँ मैं माँ। यूँ तो मैं दिखलता नहीं, तेरी परवाह करता हूँ मैं माँ।। तुझे सब है पता, है ना माँ, तुझे सब है पता...मेरी माँ।।। भीड़ में यूँ ना छोड़ो मुझे...

भाजपा महानगर ओबीसी मोर्चा के महानगर मंत्री बने विशेष नागर

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भाजपा महानगर ओबीसी मोर्चा के महानगर मंत्री बने विशेष नागर कमलेश पांडेय, विशेष संवाददाता गाजियाबाद। महानगर ओबीसी मोर्चा के महानगर अध्यक्ष मनोज यादव ने साहिबाबाद विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के ओबीसी कार्यकर्ताओं को मजबूती प्रदान करने के लिए वैशाली सेक्टर 5 निवासी विशेष नागर, देशबंधु डेयरी और जनरल स्टोर वाले को ओबीसी मोर्चा का महानगर मंत्री बनाया है।  भाजपा को काफी फायदा मिलने के आसार हैं। क्योंकि न केवल गुर्जर समाज, बल्कि शहरी मतदाताओं पर भी विशेष नागर की पकड़ है। ये बीजेपी के पुराने समर्थक रहे हैं, । इनके पिता स्व. बदले सिंह नागर, जीडीए सुपरवाइजर और मां स्व. मुकेश नागर बीजेपी के पुराने कार्यकर्ता और नेता रहे हैं, जो साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा और गाजियाबाद सांसद जनरल वी के सिंह (केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्यमंत्री), पूर्व सांसद राजनाथ सिंह (अब रक्षा मंत्री) के अलावा उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य समेत पश्चिमी उत्तरप्रदेश के दर्जन भर विधायकों, सांसदों और मंत्रियों के भरोसेमंद समर्थकों में शुमार किये जाते थे। विशेष नागर के छोटे भाई वीरेश नागर भी भाजपा के सक्रिय य...

बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी एके शर्मा का नोएडा, गौतमबुद्ध नगर में हुआ भव्य स्वागत

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बीजेपी के प्रदेश उपाध्यक्ष व एमएलसी एके शर्मा का नोएडा, गौतमबुद्ध नगर में हुआ भव्य स्वागत # पश्चिमी यूपी के तीन दिवसीय दौरे के तहत रविवार को नोएडा, गौतमबुद्धनगर पहुंचे थे पूर्व आईएएस अधिकारी अरविंद कुमार शर्मा # अपनी पहली यात्रा में ही नोएडा, गौतमबुद्धनगर के सभी आरडब्ल्यूए व कारोबारी संगठनों में आंतरिक एका की बीज बो गए अरविंद कुमार शर्मा             कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गौतमबुद्धनगर/नोएडा। भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद नोएडा के अपने पहले दौरे के दौरान यूपी बीजेपी के उपाध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य ए. के. शर्मा के समर्थन में सभी निवासी निकाय, संघ, आरडब्ल्यूए और एओए रविवार की सुबह अपने सभी मतभेदों के बावजूद एक मंच पर नजर आए। सभी ने अरविंद कुमार शर्मा के प्रदेश उपाध्यक्ष बनने के उपरांत उनके प्रथम नोएडा आगमन पर आयोजित स्वागत समारोह में बारी बारी से उनका स्वागत करने के लिए एक साथ एक मंच पर मौजूद रहे, जो कि बेहद ही दुर्लभ बात है, लेकिन यह उनके चमत्कारिक व्यक्तित्व का असर भी है।  बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के नये नेता एवं पूर्व आईएएस अधिक...

आप भी हासिल कर सकते हैं अपना पसंदीदा आधार कार्ड नम्बर, बस थोड़ा कीजिए इंतजार

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आप भी हासिल कर सकते हैं अपना पसंदीदा आधार कार्ड नम्बर, बस थोड़ा कीजिए इंतजार @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्या आपको पता है कि अपने वाहनों के नंबर की तरह ही अब आप अपना मन पसंदीदा आधार कार्ड नंबर भी चुन सकेंगे? निकट भविष्य में यूआईडीएआई आपके इस सपने को भी साकार करने की जुगत बैठा रही है। इससे जहां उसकी आमदनी में बेहिसाब इजाफा हो सकता है, वहीं दूसरी ओर आधार कार्ड धारक अपने लिए सूट होने वाली अंक विद्या संख्या यानी न्यूमेरोलॉजी के मुताबिक फरमाइश करके अपना मनपसंदीदा आधार कार्ड नम्बर हासिल कर सकते हैं। बस थोड़ा इंतजार कीजिए, क्योंकि इसी तरह का एक मामला न्यायालय की दहलीज तक पहुंच चुका है। इसलिए आपको माननीय न्यायालय का निर्णय आने तक तो इंतजार करना ही होगा। # मनपसंद आधार कार्ड  नंबर को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय के सामने आया है एक नया मामला  बताते चलें कि आधार कार्ड के नंबर को लेकर एक नया मामला सामने आया है जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय में यह अर्जी लगाई गई है कि गाड़ी के नंबर की तरह ही आधार कार्ड का नंबर भी हमें अपनी मर्जी से लेने की इजाजत दी जाए। उल्लेखनीय है कि भारत...