आजादी का अमृत काल और विजन 2047: हमें उतना सामर्थ्यवान बनना होगा, जितना हम पहले कभी नहीं थे, इसके लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास जरूरी
अमृत काल और विजन 2047: हमें उतना सामर्थ्यवान बनना होगा, जितना हम पहले कभी नहीं थे, इसके लिए सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास जरूरी @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भका लाल किले के प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जिस अमृत काल (2022-2047) की बातें छेड़ी है, वह अनायास नहीं है बल्कि विजन 2047 के तत्वदर्शी और तथ्यान्वेषी निष्कर्षों का नतीजा है। वह चाहते हैं कि हमें उतना सामर्थ्यवान बनना होगा, जितना हम पहले कभी नहीं थे। इसलिए वे सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास के बाद अब सबका प्रयास पर जोर दे रहे हैं, ताकि हममें सामूहिकता की भावना जगे और खंडित सोच से मिटे। वास्तव में, पीएम के नजरिये से अमृत काल का लक्ष्य है एक ऐसे भारत का निर्माण, जहां दुनिया का हर आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर हो, ताकि विकास पथ पर हमलोग निरंतर फर्राटे भरते रहें। इसलिए अब हम सबका कर्तव्य है कि उनके सपनों के नए भारत के पुनर्निर्माण में जुट जाएं। अब और विलम्ब न करें। वस्तुतः, 75वें स्वतंत्रता दिवस पर आजादी का अमृत महोत्सव मनाते हुए जब यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'इंडिया एट 75' यानी...