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प्रभासाक्षी डॉट कॉम ने डिजिटल पत्रकारिता को तकनीकी, तेवर और कलेवर सबकुछ देने का काम किया

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प्रभासाक्षी डॉट कॉम ने डिजिटल पत्रकारिता को तकनीकी, तेवर और कलेवर सबकुछ देने का काम किया # वर्ष 2001 में हिंदी समाचार पोर्टल के रूप में प्रभासाक्षी का हुआ उदय  कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। जब भारत में डिजिटल पत्रकारिता ने कदम रखा था तब हर तरफ अंग्रेजी का ही बोलबाला नजर आता था। यही नहीं जो समाचार पोर्टल उस समय थे वह भी सिर्फ बड़े मीडिया हाउसों के ही थे। ऐसे में हिंदी पाठकों के लिए उनसे जुड़ाव आसान नहीं था। उस परिस्थिति को देखते हुए वर्ष 2001 में हिंदी समाचार पोर्टल के रूप में प्रभासाक्षी का उदय हुआ। बीस वर्ष पहले जब प्रभासाक्षी.कॉम की स्थापना हुई तब शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी कि राष्ट्रभाषा और राजभाषा हिंदी में कोई समाचार पोर्टल पाठकों का इतना विश्वास अर्जित करेगा और इतनी लंबी यात्रा करेगा। जब हम पत्रकारिता की पढ़ाई करते हैं तो हमें यही पढ़ाया जाता है कि देश में पत्रकारिता की शुरुआत एक 'मिशन' के रूप में हुई थी, प्रभासाक्षी के संदर्भ में भी यही कहा जा सकता है कि इसकी शुरुआत भी एक 'मिशन' के रूप में हुई थी। जब भारत के प्रमुख हिंदी समाचार पोर्...

मेरे ऊपर न तो कोई दबाव है, और न ही मैं किसी के दबाव में आने वाला हूं: महेंद्र सिंह तंवर

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मेरे ऊपर न तो कोई दबाव है, और न ही मैं किसी के दबाव में आने वाला हूं: महेंद्र सिंह तंवर # गाजियाबाद नगर निगम के समग्र हित काम कर रहा हूँ, इसलिए बिना सबूत के दोषारोपण से परहेज करें: नगर आयुक्त # भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी द्वारा स्थापित संसदीय मर्यादाओं के अनुरूप निगम सदन के सदस्य गण करें आचरण: आशा शर्मा # गाजियाबाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में ब्रेक के बाद होते रहे वाद-विवाद #  अधिकांश प्रस्तवि पारित, कुछ प्रस्ताव शासन को अग्रसारित, कुछेक अव्यवहारिक प्रस्ताव निरस्त किए गए कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। सोमवार को गाजियाबाद नगर निगम के माननीय सदन की बैठक लोहियानगर स्थित हिंदी भवन में संपन्न हुई। राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के सामूहिक गायन से यह बैठक शुरू हुई। महापौर आशा शर्मा ने बैठक की अध्यक्षता की, जबकि नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने सदन का संचालन सदन सचिव सह अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार के सहयोग से किया।  राष्ट्रीय गीत के गायन के तुरंत बाद भारत रत्न अटल बिहारी बाजपेयी को उनकी दूसरी पुण्यतिथि पर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान सदस्यों ने उनके व्यक्तित्व व कृतित्व की सर...

कांग्रेस ने आजादी दिलाई, नेहरू-गांधी परिवार ने गरीबी मिटाई: नरेंद्र भारद्वाज

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कांग्रेस ने आजादी दिलाई, नेहरू-गांधी परिवार ने गरीबी मिटाई: नरेंद्र भारद्वाज # राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ही देशवासियों को दे सकते हैं सुख, शांति, समृद्धि की गारंटी, उन्हें सत्ता में लाकर ही चैन लुंगी: डॉली शर्मा # गाजियाबाद में कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज के आवास भारद्वाज शिखर पर किया गया ध्वजारोहण  # गाजियाबाद लोकसभा सीट की पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी डॉली शर्मा ने अपने पिता नरेंद्र भारद्वाज के साथ किया झंडोत्तोलन कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता गाजियाबाद। 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में कांग्रेस के पूर्व महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज के आवास भारद्वाज शिखर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि के रुप में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य एवं गाजियाबाद लोकसभा क्षेत्र की सांसद प्रत्याशी और गाजियाबाद नगर निगम की महापौर प्रत्याशी रही श्रीमती डॉली शर्मा ने अपने पिता श्री भारद्वाज के साथ झंडोतोलन किया। इस मौके पर उनके समर्थकों ने  वंदे मातरम, देश के शहीदों की जय हो, हिंदुस्तान की जय, भारत माता की जय के गग...

गोरों से आजादी मिली, कालों ने फिर गुलाम बना लिया!

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गोरों से आजादी मिली, कालों ने फिर गुलाम बना लिया! @ आजादी मेरे सामने/कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार आजादी एक भ्रम है! लोकतंत्र एक मृगतृष्णा! भीड़तंत्र एक ऐसी कड़वी सच्चाई है, जिससे सभ्य समाज आक्रांत है, लाचार है, किंकर्तव्यविमूढ़ भी! पहले रोटी, कपड़ा और मकान, फिर शिक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान की बातें बेमानी हो चुकी हैं। अब तकनीकी गैजेट्स, सर्वसुलभ परिवहन और सुरक्षा के सवाल मुंह बाये खड़े हैं।  अमूमन, जातिगत आरक्षण, धर्मगत अल्पसंख्यकवाद और भेदभावी व्यवस्था भारतीय लोकतांत्रिक प्रणाली की वह तल्ख सच्चाई है, जिससे मुंह मोड़ा नहीं जा सकता। लेकिन जब सत्ताधारी और व्यवस्था पर हावी जमात सर्व समावेशी सुव्यवस्था की जगह लक्षित कुव्यवस्था को बढ़ावा दे और तर्क की बजाय रूढ़िवादी कवच का सहारा ले, तो फिर कुछ भी कहना बेमामी बात है।  सर्वविदित है कि कभी भारत को सोने की चिड़ियां कहा गया, तो कभी विश्वगुरु, और कभी दूध की नदियां बहने वाला देश! अनाज, फल-फूल और प्राकृतिक औषधियों से भरा पूरा देश। लेकिन पुरातन त्याग को तिलांजलि देकर आधुनिक लाभ को ही सबकुछ समझने वाला सत्ताधारी वर्ग जब राष्ट्री...

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्या है? यह कब और क्यों मनाया जाएगा?

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विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस क्या है? यह कब और क्यों मनाया जाएगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भले ही 15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, लेकिन इससे पहले 14 अगस्त 1947 को विभाजित भारत से पाकिस्तान का जन्म हुआ और इसी दिन पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान के मुस्लिम बहुल इलाकों में भयानक दंगे हुए, जहां हिंदुओं का कत्लेआम हुआ। यही वजह है कि रविवार 15 अगस्त 2021 को भारत की आजादी की 75वीं वर्षगांठ मनाने से एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बताया कि आज से प्रतिवर्ष 14 अगस्त को 'विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस' के तौर पर मनाने का निर्णय लिया गया है।  देखा जाए तो आजादी की सालगिरह के ठीक एक दिन पहले देश के बंटवारे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दर्द छलक उठा। उन्होंने दो टूक शब्दों में अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि बंटवारे के दर्द को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नफरत और हिंसा की वजह से हमारे लाखों बहनों और भाइयों को विस्थापित होना पड़ा और लाखों लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। उन लोगों के संघर्ष और बलिदान की याद में प्रतिवर्ष 14 अगस्त को 'विभा...

स्वतंत्रता दिवस पर जानिए वो बातें, जिससे राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत आदि के बारे में आपका ज्ञान समृद्ध हो

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स्वतंत्रता दिवस पर जानिए वो बातें, जिससे राष्ट्र ध्वज, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत आदि के बारे में आपका ज्ञान समृद्ध हो @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत के राष्ट्रीय पर्व स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, राष्ट्रीय गीत सहित इस दिवस से जुड़ी हर बातों, हर चीजों और हरेक प्रतीक चिन्हों के बारे में लोग गहनता पूर्वक जानना चाहते हैं। 15 अगस्त को लाल किले पर ही तिरंगा झंडा क्यों फहराया जाता है? देश के प्रधानमंत्री ही झंडा क्यों फहराते है? राष्ट्र-गान और राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ी वो खास बातें क्या क्या हैं जो हर भारतीय को पता होनी चाहिए। राष्ट्रीय गीत क्या है और इसे कब बजाना चाहिए। इन सभी बातों को हम आपको बताएंगे, ताकि आप इसके हरेक अनछुए पहलुओं से अपडेट रह सकें। # भारत का राष्ट्रगान क्या है? इसे कब-कब गाया जाता है? राष्ट्रगान बजते समय क्या क्या सावधानी बरतनी चाहिए। 'राष्ट्रगान' किसी भी देश की वो धरोहर होती हैं, जिससे उस राष्ट्र की पहचान जुड़ी हुई होती है। प्रत्येक राष्ट्र के 'राष्ट्रगान'  से राष्ट्रभक्ति की भावना की अभिव्यक्ति होती है। स्वतंत्रत...

विपक्ष द्वारा भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में लिखा गया एक और काला अध्याय

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फ्लैग:- विपक्ष के लोकतंत्र विरोधी व हिंसक व्यवहार से  हेडिंग:- भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में लिखा गया एक और काला अध्याय  क्रशर:- तमाम गतिरोध के बावजूद संसद ने पारित किए लगभग 2 दर्जन से अधिक महत्वपूर्ण विधेयक कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता नई दिल्ली। बीते संसद सत्र के दौरान विपक्ष के लोकतंत्र विरोधी और हिंसक व्यवहार से भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक और काला अध्याय लिखा गया। जाहिर है कि हाल के वर्षों में विपक्षी संसद सदस्यों (एमपी) द्वारा निंदनीय कार्य आम हो गए हैं। इस सत्र में उनके कृत्य कोई अपवाद नहीं बल्कि निरंतर होने वाले कार्य थे।  अपने देखा होगा कि बीते साल सदन में नियम पुस्तिका को फाड़ने से लेकर विपक्ष के ज्यादातर असंसदीय आचरणों का गवाह बनने तक, विपक्ष का आचरण दिन प्रतिदिन शर्मनाक होता जा रहा है। नई दिल्ली में उस संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, धर्मेंद्र प्रधान, मुख्तार अब्बास नकवी, प्रह्लाद जोशी,  भूपेंद्र यादव, अनुराग सिंह ठाकुर, अर्जुन राम मेघवाल और  वी मुरलीधरन शामिल हुए थे। मंत्रियों ने कहा कि विपक्ष ...