The entire art heritage of renowned painter Chaman Kiran is being preserved by the Nagin Art Gallery
नागीन आर्ट गैलरी द्वारा संरक्षित की जा रही है प्रसिद्ध चित्रकार चमन किरण की संपूर्ण कला-संपदा
# कूंची के साधक चमन किरण : एक अमूल्य कलात्मक धरोहर का संरक्षण
@ डॉ. संघर्ष शर्मा, फाइन आर्ट जर्नलिस्ट
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भारतीय कला जगत में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जिनकी पहचान केवल उनके चित्रों तक ही सीमित नहीं रहती, बल्कि वे स्वयं एक युग का प्रतिनिधित्व करने लगते हैं। ऐसे ही विलक्षण कलाकार हैं चमन किरण, जिन्होंने अपने उत्कृष्ट चित्रों, कला-शिक्षण और लेखन के माध्यम से भारतीय ललित कला को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं। सच कहूं तो उनका संपूर्ण जीवन कला के प्रति समर्पण, सृजनशीलता और समाज को सौंदर्यबोध प्रदान करने की प्रेरणादायी यात्रा रहा है, जिस पर हम आगे प्रकाश डालेंगे।
विलक्षण कला साधक चमन किरण के जीवनभर के सृजन को एक नई दिशा मिली है नागीन आर्ट गैलरी से, जिसके प्रबंध निदेशक और मशहूर कला-साहित्य प्रेमी मोहित जैन ने चमन किरण की उपलब्ध संपूर्ण कलाकृतियों का संग्रह एवं संरक्षण कर एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक पहल की है। वास्तव में, यह केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय कला की एक अमूल्य धरोहर को भविष्य के लिए सुरक्षित रखने और उसे अगली पीढ़ी को हुबहू सौंपने का एक अद्भुत संकल्प है।
आपको पता होगा कि पेंटिंग्स की दुनिया में चमन किरण का नाम उत्तर भारत के प्रमुख चित्रकारों में सम्मानपूर्वक लिया जाता है। उनकी चित्रकृतियों में भारतीय संस्कृति, प्रकृति, लोकजीवन और मानवीय संवेदनाओं का अद्भुत चित्रण-समन्वय दिखाई देता है। रंगों के संतुलित प्रयोग, सशक्त रेखांकन और विषयों की गहराई ने उन्हें एक विशिष्ट पहचान प्रदान की। उनकी प्रत्येक कृति केवल एक चित्र नहीं, बल्कि एक विचार, एक अनुभव और एक सांस्कृतिक दस्तावेज़ है।
देखा जाए तो चित्रकार होने के साथ-साथ वे एक उत्कृष्ट शिक्षक और लेखक भी रहे। उन्होंने वर्षों तक कला विद्यार्थियों को शिक्षित किया तथा चित्रकला पर अनेक महत्वपूर्ण पुस्तकें लिखीं, जो आज भी देशभर के कला संस्थानों और विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक समझी जाती हैं। उनकी पुस्तकों ने हजारों युवाओं में चित्रकला के प्रति रुचि और आत्मविश्वास विकसित किया।
जहाँ समय के साथ अनेक महान कलाकारों की कृतियाँ निजी संग्रहों में बिखर जाती हैं अथवा उचित संरक्षण के अभाव में नष्ट हो जाती हैं, वहीं चित्रकार चमन किरण ऐसे सौभाग्यशाली निकले कि उनकी समस्त कला संपदा को सहेजने, संवारने और उसे कला पारखियों तक पहुंचाने का बीड़ा नगीन आर्ट गैलरी ने उठाया है। जिस तरह से एनएजी के चित्रागार में श्री जैन द्वारा श्री किरण की संपूर्ण उपलब्ध कला-संपदा को एक स्थान पर सुरक्षित रखा गया है, वह अत्यंत ही सराहनीय एवं दूरदर्शी कदम है।
ऐसा इसलिए कि यह संग्रह आने वाले समय में कला शिक्षण-प्रशिक्षण में सक्रिय शोधकर्ताओं, कला विद्यार्थियों, संग्रहकर्ताओं तथा कला प्रेमियों के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन सामग्री व केंद्र दोनों सिद्ध होगा। चूंकि यह चित्र कला संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल है, इसलिए इसे देखने-जानने के लिए कला प्रेमियों का आना जाना लगा रहता है।
इस बाबत नागीन आर्ट गैलरी के प्रबंध निदेशक मोहित जैन का कहना है कि— "महान कलाकार केवल चित्र नहीं बनाते, वे देश व समाज की सांस्कृतिक पहचान भी गढ़ते हैं। इसलिए चमन किरण की संपूर्ण कलाकृतियों का संरक्षण हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ियाँ भी उनके अद्भुत सृजन से प्रेरणा ग्रहण करें।"
नागीन आर्ट गैलरी का उद्देश्य केवल इन चित्रों को सुरक्षित रखना ही नहीं है, बल्कि इनके व्यवस्थित प्रलेखन (Documentation), कला प्रदर्शनी, कॉफी टेबल बुक, डिजिटल अभिलेखागार तथा राष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनियों के माध्यम से इन्हें व्यापक समाज तक पहुँचाना भी है। इससे युवा कलाकारों और शोधकर्ताओं को भारतीय कला की समृद्ध परंपरा को देखने, जानने व समझने का अवसर मिलेगा।
आज जब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डिजिटल तकनीक कला की दुनिया में तेजी से प्रवेश कर रही हैं, तब मूल चित्रों का महत्व और भी बढ़ जाता है। कलाकार के हाथों की ऊर्जा, उसकी संवेदनाएँ और वर्षों की साधना किसी डिजिटल प्रतिरूप में पूरी तरह व्यक्त नहीं हो सकती। यही कारण है कि चमन किरण की मूल चित्रकृतियाँ केवल कला संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर हैं।
नगीन आर्ट गैलरी के उप प्रमुख वत्सल जैन बताते हैं कि यह भविष्य के लिए एक सांस्कृतिक निवेश है, जिसका फायदा देश-प्रदेश के कला साधकों को भी मिलेगा, क्योंकि चमन किरण की कला-संपदा का संरक्षण यह सिद्ध करता है कि यदि समाज, संस्थाएँ और संवेदनशील व्यक्ति आगे आएँ, तो देश की अमूल्य कलात्मक विरासत को सुरक्षित रखा जा सकता है। वास्तव में नागीन आर्ट गैलरी की यह पहल अन्य संस्थाओं और कला संग्राहकों के लिए भी एक प्रेरणा है।
निस्संदेह, आने वाले वर्षों में जब कला इतिहास लिखा जाएगा, तब श्री किरण के अप्रतिम योगदान के साथ-साथ श्री जैन द्वारा उनके संपूर्ण कला-संग्रह के संरक्षण की दिशा में इस महत्वपूर्ण पहल जैसे सराहनीय योगदान का भी उल्लेख सम्मानपूर्वक किया जाएगा। यह केवल चित्रों का संग्रह नहीं, बल्कि भारतीय कला, संस्कृति और रचनात्मक विरासत को भविष्य तक पहुँचाने का एक सशक्त प्रयास है।
सच कहूं तो नागीन आर्ट गैलरी ने यह सिद्ध किया है कि कला का वास्तविक सम्मान केवल उसकी प्रशंसा में नहीं, बल्कि उसके संरक्षण में निहित है।
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