बीएमसी समेत महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में एआईएमआईएम की अप्रत्याशित बढ़त के राजनीतिक निहितार्थ
बीएमसी समेत महाराष्ट्र नगर निकाय चुनावों में एआईएमआईएम की अप्रत्याशित बढ़त के राजनीतिक निहितार्थ @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक एआईएमआईएम ने महाराष्ट्र के हालिया नगर निकाय चुनावों में बीएमसी सहित कई जगहों पर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जहां इसने कुल 95 से 126 सीटें जीतीं। यह जीत मुस्लिम वोटों के एकीकरण और स्थानीय मुद्दों पर फोकस को दर्शाती है। एआईएमआईएम ने छत्रपति संभाजीनगर में 33, मालेगांव में 21, अमरावती में 15, नांदेड़ में 13, धुले में 10, सोलापुर में 8, और मुंबई में 6-9 सीटें जीतीं। वहीं, बीएमसी में पहली बार मजबूत प्रवेश करते हुए पार्टी ने 8 अल्पसंख्यक बहुल वार्डों से जीत हासिल की, जहां पहले कांग्रेस या एनसीपी का दबदबा था। देखा जाए तो एआईएमआईएम का यह राजनीतिक उभार पारंपरिक विपक्षी दलों जैसे कांग्रेस, एनसीपी(एसपी) और समाजवादी पार्टी के मुस्लिम वोट बैंक को कमजोर करता प्रतीत होता है। खासबात यह कि कई छोटे निकायों में यह पार्टी किंगमेकर बन गई है, जहां महायुति या महाविकास अघाड़ी को बहुमत नहीं मिला। इस बीच भाजपा के साथ संभावित गठजोड़ की चर्चा भी उभरी है...