संदेश

पहलगाम आतंकी हमले से सुलगते हुए सवाल अब मांग रहे हैं दो टूक जवाब, आखिर देगा कौन?

चित्र
पहलगाम आतंकी हमले से सुलगते हुए सवाल अब मांग रहे हैं दो टूक जवाब, आखिर देगा कौन? @ कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक   कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है, क्योंकि इस क्रूर इस्लामिक मिजाज वाले हमले में दो दर्जन से ज्यादा लोग मरे गए हैं और एक दर्जन से ज्यादा लोग घायल हुए हैं| यहाँ पर बहशी आतंकियों ने जिस तरह से नाम पूछ-पूछ कर, कलमा पढ़वाने की बात करके, शक होने पर खतना चेक करके निर्दोष लोगों पर गोलियां बरसाई, उसने मानवता को हिलाकर रख दिया है। वहीं इस घटना के कई वीडियो जिस तरह से इंटरनेट पर वायरल हो रहे हैं, उनमें इस हमले की बर्बरता स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसलिए पुनः सुलगता हुआ सवाल यही कि आखिर कबतक रुकेंगे ऐसे आतंकवादी हमले और इन्हें रोकने में हमारा प्रशासन हर बार क्यों विफल हो जाता है? अलबत्ता पहलगाम आतंकी हमले से सुलगते हुए सवाल अब मांग रहे हैं दो टूक जवाब, लेकिन आखिर इसे देगा कौन? यक्ष प्रश्न है! कहना न होगा की साँपों को दूध पिलाने वाले और आतंकियों को बिरियानी खिलाने वाले इस देश में अब आमलोगों की जिन्दगी में यही बदन...

अब पहलगाम आतंकी हमले की 'टाइमिंग' से उठ रहे कई सुलगते हुए सवाल?

चित्र
अब पहलगाम आतंकी हमले की 'टाइमिंग' से उठ रहे कई सुलगते हुए सवाल? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक आखिर पहलगाम आतंकी हमले की 'टाइमिंग' पर गौर कीजिए। सीधा सवाल है कि जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार (22 अप्रैल, 2025) को ही सऊदी अरब के जेद्दाह पहुँचे थे, जहाँ उनका भव्य स्वागत हुआ। उस दिन उनके एयरक्राफ्ट को एस्कॉर्ट करने के लिए सऊदी अरब ने अपने जेट्स भेजे, जो अपने-आप में पीएम मोदी के प्रति खाड़ी मुल्क़ों के सम्मान को दिखाता है। वहीं जेद्दाह का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें एक शेख ‘राजी’ (2018) फिल्म का गाना ‘ऐ वतन, वतन मेरे आबाद रहे तू’ गाना गाते हुए दिखा। तब तमाम मुस्लिम शख्स भी पीएम मोदी के सामने इसे गुनगुनाते हुए दिखे।  लेकिन तभी अचानक से, ऐसी चौंकाऊ खबर! पहलगाम आतंकी हमला, 26 पर्यटकों की मौत, से मोदी हिल गए। क्योंकि चीनी पिल्ले पाकिस्तान की शह पर हुई एक और नापाक हरकत थी यह| वैसे तो जब भारत सरकार पूर्वी पाकिस्तान यानी बंगलादेश में हुए तख्तापलट और फिर हिन्दुओं के उत्पीडन पर तत्काल सैन्य कार्रवाई करने के बजाय जब खामोश हो गई, तो यह तभी...

जानिए आखिर क्यों पाकिस्तान कर रहा है आतंकवाद फ़ैलाने जैसा 'गंदा काम'?

चित्र
जानिए आखिर क्यों पाकिस्तान कर रहा है आतंकवाद फ़ैलाने जैसा 'गंदा काम'? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक जब अंतर्राष्ट्रीय महकमे में पाकिस्तान को आतंकवाद पैदा करने की फैक्ट्री मान लिया गया है, तब भी यदि उसके खिलाफ कोई मजबूत वैश्विक कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसा सिर्फ इसलिए कि वह दुनियावी हथियार और सुरक्षा उपकरण निर्माता कम्पनियों और उनके संरक्षक मूल राष्ट्रों के हाथों का खिलौना बन चुका है| ये देश कोई और नहीं बल्कि अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन, फ़्रांस, इजरायल, जर्मनी, तुर्किये आदि जैसे देश हैं जिन्हें मौत का सौदागर कहना ज्यादा उचित रहेगा! दरअसल, यह बात मैं नहीं कह रहा हूँ बल्कि इसका एक क्लू पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयानों से मिला है, जिसके बाद अपने पाठकों को ‘ह’ से ‘हलंत’ तक की बात समझा रहा हूँ| वैसे तो भारतीय नेतृत्व के लिए भी यह बात जानना-समझना जरुरी है! हालाँकि उसके पिछले एक दशक के रूख से यही प्रतीत होता है कि वह सबकुछ समझ रहा है और बार-बार दुनिया को यह नसीहत भी दे रहा है कि यह युद्ध नहीं बल्कि बुद्ध का समय है| ऐसे में संभव है कि भारत को युद...

'चीनियों और अमेरिकियों की तुलना में भारतीयों को बौद्धिक रूप से मजबूत बनाते हैं सनातनी धार्मिक संस्कार’

चित्र
‘चीनियों और अमेरिकियों की तुलना में भारतीयों को बौद्धिक रूप से मजबूत बनाते हैं यहाँ प्रचलित धार्मिक संस्कार’ @ डॉ दिनेश चन्द्र सिंह, आईएएस, डीएम, जौनपुर, यूपी      “जिन खोजा तिन पाइयां, गहरे पानी पैठ| मैं बपुरा बुड़न डरा, रहा किनारे बैठ|” कहने का तात्पर्य यह कि “जो व्यक्ति मेहनत करता है, उसे सफलता अवश्य ही मिलती है| लेकिन जो व्यक्ति पानी में डूबने  के डर से, पानी में डुबकी न लगाकर सिर्फ किनारे पर बैठा रहता है, उसे कुछ भी प्राप्त नहीं होता है|” यह मानवीय जीवन की कड़वी सच्चाई है| चूँकि मुझे धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष के सफल और सकारात्मक जीवन यात्रा को जीने की यात्रा का बोध है| इसलिए अबोध होकर भी बोध करने की वजह ढूंढ लेता हूँ, ढूंढ रहा हूँ| दरअसल मुझे धर्म और अधर्म का कुछ ज्ञान है| धर्म का अल्प और अधर्म का अनंत ज्ञान है| आमतौर पर किसी भी व्यक्ति को केवल अधर्म का ही ज्ञान होता है, क्योंकि मनुष्य का जन्म ही प्राकृतिक तौर पर नर-नारी के मिलन का प्रतिफल है| इसलिए जन्म के समय से ही हम प्राकृतिक जीवन जीते हैं| परन्तु धर्म की व्याख्या शास्त्रों में, ‘वेद’, ‘पुराण’, ‘भग...

मसीहा

जौनपुर के जिलाधिकारी दिनेश चंद्र ने मछुवारे घुरहू बिन्द के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गाँव पहुंचवा कर रच दिया इतिहास

चित्र
# अपने मन कछुऔर है, कर्ता के मन कछु और...जिलाधिकारी जौनपुर की तत्परता से मछुवारे घुरहू बिन्द का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गाँव लाया गया @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विशेष संवाददाता “अपने मन कछुऔर है,कर्ता के मन कछु और”  जी हां, किसी को कभी मुकम्मल जहां नहीं मिलता! यह एक कहानी है इसी जौनपुर जिले की, जिसे कभी शिराजे हिन्द कहा जाता था| जहां पर सर्व-धर्म समभाव की सरिता गोमती बहती है| जहां की संस्कृति में गंगा-जमुना तहजीब समाई हुई है, जहां कभी आर्थिक संपन्नता घर-घर मौजूद थी, वहां काल के थपेड़े ने समय बदला| वास्तव में, आर्थिक संपन्नता के सीमित हो जाने, उद्योगों की दशा और दिशा बदल जाने, कृषि जोतों के बंटवारे के कारण छोटा होते जाने, आदि का परिणाम यह हुआ कि लोग यहाँ से पलायन का दंश झेलने को मजबूर होकर बाहर जाने लगे। लोग अपने बूढ़े मां-बाप, नव विवाहिता, यहाँ तक कि दुधमुँहे बच्चे को भी छोड़कर मुंबई, गुजरात आदि औद्योगिक क्षेत्र में रोजी-रोटी की तलाश में जाने लगे!     कुछ ऐसी ही कहानी, इस तलाश में भटकते हुए एक ऐसे किरदार की है जो अपने आंखों में एक ...

छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत के रोडमैप के कायल हुए सदस्य देश, सुशासन व विकास को मिलेगी गति

चित्र
छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत के रोडमैप के कायल हुए सदस्य देश, सुशासन व विकास को मिलेगी गति @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक थाईलैंड में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भारत के रोडमैप पर सभी सदस्य देश कायल हुए। इससे सुशासन व विकास को गति मिलने के आसार बढ़ गए हैं। बता दें कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड की अध्यक्षता में बैंकाक में आयोजित बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में गत 4 अप्रैल 2025 शुक्रवार को भाग लिया। जिसका विषय था- "बिम्सटेक: समृद्ध, लचीला और खुला।" इस दौरान सभी सदस्य देशों का ध्यान क्षेत्रीय सहयोग को और अधिक मज़बूत करने और आसन्न प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने पर था।  तभी तो इस शिखर सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मोदी ने सदस्य देशों, यथा- थाईलैंड, बंगलादेश, नेपाल, म्यांमार, श्रीलंका, भूटान के सामने आपसी साझेदारी मजबूत करने के लिए 21 बिंदुओं का एक्शन प्लान पेश किया, जिसपर सबने सहमति जताई। वहीं, उन्होंने सभी सदस्य देशों को भारत की भुगतान प्रणाली 'यूपीआई' से जुड़ने का प्रस्ताव  दिया। ताकि उनके पारस्परिक व्यापार, व्यवसाय,...