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टेलीमेडिसिन क्या है? इसके फायदे और नुकसान के बारे में जानिए। आंकिए कि भारत में इसका भविष्य क्या है?

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टेलीमेडिसिन क्या है? इसके फायदे और नुकसान के बारे में जानिए। आंकिए कि भारत में इसका भविष्य क्या है? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार टेलीमेडिसिन चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों द्वारा विभिन्न दूरसंचार सुविधाओं के उपयोग को संदर्भित करता है जो इलेक्ट्रॉनिक या डिजिटल माध्यम से अपने रोगियों को स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करते हैं। दूसरे शब्दों में, टेलीमेडिसिन प्रौद्योगिकी को रोजगार देता है जो रोगियों के घरों में या अन्य दूरदराज के क्षेत्रों में अपने रोगियों की देखभाल के लिए हीथ केयर प्रदाताओं के लिए संभव बनाता है। टेलीमेडिसिन के प्रतिपादक चिकित्सा डेटा को इकट्ठा करने और स्थानांतरित करने की क्षमता, चित्र और लाइव ऑडियो और वीडियो प्रसारण की देखभाल करते हैं। इसमें उपयोग की जाने वाली कुछ सामान्य विधियाँ यथा- सामान्य टेलीफोन लाइनें, इंटरनेट और उपग्रह हैं, हालाँकि प्रसारण के किसी भी साधन का उपयोग किया जा सकता है। टेलीमेडिसिन का उपयोग विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में किया जाता है; जैसे, कार्डियोलॉजी, रेडियोलॉजी, मनोरोग और ऑन्कोलॉजी। निदान, उपचार जिसमें टेलीसर्जरी, चिकित्सक और रोगी...

वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार कमलेश पांडेय का संक्षिप्त जीवन परिचय....

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                          -: जीवन-वृत :-               श्री कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार  * नियमित स्तम्भकार- प्रभासाक्षी डॉट कॉम, नई दिल्ली। * विशेष संवाददाता- हिन्द आत्मा समूह, नई दिल्ली। * सदस्य- प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, रायसीना रोड, नई दिल्ली। * सम्पादकीय सलाहकार, ओपन सर्च समूह, नई दिल्ली। * राजनीतिक-आर्थिक विश्लेषक, विभिन्न मीडिया माध्यम में।  * मीडिया सलाहकार, दिल्ली-एनसीआर # कार्य अनुभव:- * ब्यूरोचीफ- दैनिक भास्कर, नोएडा-एनसीआर। * प्रोड्यूसर- पारस टीवी चैनल, दिल्ली। * विशेष संवाददाता- न्यूजसर्किल डॉट कॉम, दिल्ली। * वरिष्ठ संवाददाता- वीर अर्जुन, नई दिल्ली। * सामयिक वार्ता- आकाशवाणी, पटना। * उपसम्पादक- आज, पटना। * विविधा- आकाशवाणी, भागलपुर। * ब्यूरोचीफ- प्रभातखबर, भागलपुर। * संवाददाता- आज, भागलपुर। * उपसम्पादक- प्रिय प्रभात, भागलपुर। * स्वतंत्र पत्रकार के रूप में दैनिक जागरण राष्ट्रीय संस्करण दिल्ली, जनसत्ता, प्रभातखबर, अमृत इंडिया, महामेधा, मेरी दिल्ली, सच कहूं, जनसाग...

उपभोक्ता संरक्षण नियम 2021 क्या है? इसमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 से क्या क्या भिन्न है?

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उपभोक्ता संरक्षण नियम 2021 क्या है? इसमें उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 से क्या क्या भिन्न है? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्रीय उपभोक्‍ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने उपभोक्ता संरक्षण- जिला आयोग, राज्य आयोग और राष्ट्रीय आयोग के अधिकार क्षेत्र- नियम, 2021 अधिसूचित किए हैं। यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 34 की उप धारा 1, धारा 47 की उप धारा 1 के खंड ए के उपखंड i और धारा 58 की उप धारा 1 के खंड ए के उपखंड i के साथ ही धारा 101 की उप धारा 2 के उपखंड ओ, एक्स और जेडसी के प्रावधानों द्वारा प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए केन्द्र सरकार ने उपभोक्ता संरक्षण- जिला आयोग, राज्य आयोग और राष्ट्रीय आयोग के अधिकार क्षेत्र- नियम, 2021 अधिसूचित कर दिए हैं। गौरतलब है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 उपभोक्ता विवादों के समाधान के लिए तीन स्तरीय अर्ध न्यायिक तंत्र की घोषणा करता है, जिनमें जिला आयोग, राज्य आयोग और राष्ट्रीय आयोग शामिल हैं। यह अधिनियम उपभोक्ता आयोग के हर स्तर के आर्थिक क्षेत्राधिकार को भी निर्धारित करता है। अधिनियम के मौजूदा प्रावधानों...

कश्मीर, कश्मीरियत और जनसमस्याएं

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कश्मीर, कश्मीरियत और जनसमस्याएं कश्मीर की बात तो सब करते हैं लेकिन क्या कश्मीर और कश्मीरियों की समस्याओं को जानते भी हैं? बता रहे हैं प्रभासाक्षी डॉट कॉम के संपादक नीरज कुमार दुबे... "कश्मीर की बात तो सब करते हैं लेकिन क्या कश्मीर और कश्मीरियों की समस्याओं को जानते भी हैं? कश्मीर पर बोलना तो हर कोई चाहता है लेकिन कश्मीर को समझना है तो पहले कश्मीरियों को समझना होगा, उनके मन के भीतर झांकना होगा। हालिया कश्मीर यात्रा के दौरान अनेक कश्मीरियों से सीधे संवाद के दौरान मैंने जाना कि कश्मीरी चाहते क्या हैं, कश्मीरी सोचते क्या हैं।" जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने के लिए पाकिस्तान लगातार प्रयास करता रहता है लेकिन इन प्रयासों को विफल करने के लिए हमारे सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद रहते हैं। भारत के इस खूबसूरत राज्य पर कुदरत ने भले अपना पूरा प्यार उड़ेल रखा हो, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व इसकी छवि नकारात्मक बनाये रखना चाहते हैं। यही कारण है कि इस राज्य की छवि के साथ आतंकवाद और हिंसा का ठप्पा ऐसे लगाया गया है कि वह सबके दिलो दिमाग पर छप-सा गया है।  देखा जाये तो कश्मीर में लगभग सभी चीजें सकारात्म...

पीएम नरेंद्र मोदी की नई मर्सडीज कार पर बुलेट, धमाके और गैस हमले रहेंगे बेअसर

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पीएम नरेंद्र मोदी की नई मर्सडीज कार पर बुलेट, धमाके और गैस हमले रहेंगे बेअसर  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार हिंदुत्व के प्रबल पैरोकार और विकास के अग्रदूत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा का सवाल सबसे अहम है। जब से उन्होंने चीन को सीधी चुनौती देने का निश्चय किया, तब से वह विदेशी ताकतों की नजरों में भी चढ़ चुके हैं। भारत सरकार भी इस बात से वाकिफ है। यही वजह है कि पीएम मोदी की सुरक्षा को और मजबूत करते हुए उनके काफिले में एक नई कार को शामिल किया गया है, जिसका नाम मर्सडीज मेबैक एस 650 मॉडल है। इस कार की कीमत 12 करोड़ रुपये है।  इसकी खासियत यह है कि इस पर धमाके व गोलियों का असर नहीं होगा। इसके अलावा, गैस हमले के समय अलग से एयर सप्लाई की व्यवस्था है। इस प्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में एक और शानदार बुलेटप्रूफ कार शामिल हो गई है। वह अब मर्सडीज-मेबैक एस650 की सवारी कर रहे हैं, जिसे रेंज रोवर वोग और टोयोटा लैंड क्रूजर से अपग्रेड किया गया है। बता दें कि पीएम को हाल ही में इस नई मर्सडीज-मेबैक एस 650 में बैठे देखा गया था, जब वह रूस के राष्ट्रपति व्ल...

सेमी कंडक्टर बनाने में चीन के एकाधिकार को ध्वस्त करेगा भारत

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सेमी कंडक्टर बनाने में चीन के एकाधिकार को ध्वस्त करेगा भारत # टाटा के 70 हजार करोड़ के ऐलान के बाद वेदान्ता ग्रुप  करेगा 60 हजार करोड़ का निवेश @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार पीएम नरेंद्र मोदी के सुशासन काल में भारत और चीन के बीच की कारोबारी प्रतिस्पर्धा और अधिक तेज हुई है। सरकार की उद्यमी प्रोत्साहक नीतियों के चलते भारत विश्व में एक नए मेनुफेक्चरिंग हब के रूप में उभर रहा है। यूं तो  दुनिया की सप्लाई चैन के रूप में चीन अभी भी सभी के सामने है। यह बात भी हमलोग जानते हैं कि उद्योग-धंधे में किसी किसी क्षेत्र में चीन को टक्कर दे पाना आसान नहीं है। फिर भी भारत सरकार और प्राइवेट कम्पनियां मिलकर चीन और इसके जैसे कई देशों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर ही रही हैं, जो अपने आप में बहुत बड़ी बात है। भारत का मशहूर व्यापारिक घराना वेदान्ता ग्रुप ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण ऐलान किया है कि उनकी कम्पनी सेमी कंडक्टर बनाने के व्यापार में एंट्री करेगी और इसके लिए कुल 60 हजार करोड़ रूपये निवेश किया जाएगा, जो कि अपने आप में एक बहुत बड़ी धनराशि है। समझा जाता है कि इतनी वैल्यू कई चीनी...

बिखरते भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए आज भी प्रासंगिक हैं पूर्व राज्यसभा सांसद मामा बालेश्वर दयाल के प्रगतिशील विचार

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बिखरते भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने के लिए आज भी प्रासंगिक हैं पूर्व राज्यसभा सांसद मामा बालेश्वर दयाल के प्रगतिशील विचार @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बामनिया आश्रम के संस्थापक, महान समाजवादी नेता और आदिवासियों के 'गाँधी मामा' पूर्व राज्यसभा सदस्य बालेश्वर दयाल उन गिने चुने महान समाजवादियों में शुमार किये जाते हैं, जिनका गहरा नाता स्वतंत्र भारत के दिग्गज समाजवादी नेताओं से रहा है। अपने उर्वर विचार और दूरदर्शी सोच के लिए वो आज भी भारतीय समाज के लिए प्रासंगिक हैं।  क्योंकि सामाजिक परिस्थितियां कमोबेश वही हैं, बस उनके नेतृत्व के सोचने और विचारने का तौर तरीका बदल गया है। इसलिए उनका विराट व्यक्तित्व आज भी बिखरते जा रहे भारतीय समाज को एक सूत्र में पिरोने के काम आ सकता है और उनके समाजवादी दर्शन से समकालीन अंधकारमय सामाजिक परिवेश को पुनः आलोकित किया जा सकता है।  आपको पता होना चाहिए कि धर्मांतरण को रोकने के लिए तत्कालीन परिस्थितियों में उन्होंने जिस तरह से हिंदुत्व के प्रतीक जनेऊ का सहारा लिया और शंकराचार्य से सहमति लेकर आदिवासियों को धारण करवाया, वैसा रोल मॉडल अपनान...