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युं खाली हाथ हैं मेरे, मैं सब कुछ बांट आया हूं...राज कौशिक

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युं खाली हाथ हैं मेरे, मैं सब कुछ बांट आया हूं...राज कौशिक # बी.एन. तिवारी की पुण्य तिथि पर हुआ शानदार कवि सम्मेलन # श्रद्धांजलि सभा में सैंकड़ों गणमान्य लोगों ने किया याद कमलेश पांडेय/ब्यूरोचीफ, दैनिक भास्कर गाजियाबाद। भारतीय मजदूर संघ के जिलाध्यक्ष रहे बी.एन.तिवारी को पहली पुण्यतिथि पर बृहस्पतिवार को हिन्दी भवन में श्रद्धांजलि सभा व कवि सम्मेलन आयोजन किया गया। इस मौके पर वरिष्ठ पत्रकार व शायर राज कौशिक ने अपने ख़ास अंदाज़ के शेर सुनाकर जमकर दाद लूटी। उनके इस शेर को खूब पसंद किया गया-  ये खाली हाथ मेरे देख मत सोचो कि मांगूंगा, युं खाली हाथ हैं मेरे, मैं सब कुछ बांट आया हूं। राज कौशिक की ये जज्बात भरी बातें सुनकर दूसरों को देने में आगे रहने वाले लोग गौरवान्वित महसूस करने लगे। इस श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता पूर्व मंत्री बालेश्वर त्यागी ने की। टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड ऑफ यूपी के उपाध्यक्ष दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बलदेव राज शर्मा, भाजपा प्रदेश कार्य  समिति के सदस्य पृथ्वी सिंह कसाना, भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय मंत्री गिरीश आर्य, प्रदेश संगठन मंत्री रामनिवास, विभाग प...

योगी राज में गालंद की गुंडई के निहितार्थ को समझिए

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योगी राज में गालंद की गुंडई के निहितार्थ को समझिए @ तेरे-मेरे सामने/कमलेश पांडेय, वरिष्ठ पत्रकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जिस दिन मेरठ मंडल के गौतमबुद्ध नगर स्थित जेवर तहसील में एक अन्तर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे का शिलान्यास कर रहे हों, उसी के एक दिन पहले हापुड़ जनपद अंतर्गत गालंद में कुछ असामाजिक तत्व जब  गाजियाबाद नगर निगम के प्रस्तावित कूड़ा डंपिंग केंद्र की निर्माणाधीन बाउंड्री को क्षतिग्रस्त कर दें, तो इसे विधिव्यवस्था के नजरिए से कदापि अच्छा संकेत नहीं समझा जाएगा। इस उत्पात की सुनियोजित टाइमिंग और हापुड़ पुलिस का संयम काबिलेगौर है। जब यूपी में चुनावी रंग दिन प्रतिदिन चोखा हो रहा हो, तब ऐसी वारदातों का होना बहुत कुछ कह जाता है, जिसे मोदी प्रशासन और योगी प्रशासन को समझने की जरूरत है। यहां पर यह भी बताना जरूरी है कि गाजियाबाद नगर निगम के गालंद कूड़ा सेग्रिगेशन प्रोजेक्ट में एक विदेशी कम्पनी भी शामिल है, इसलिए इससे जुड़ी कोई भी घटना वैश्विक चर्चा का विषय भी बनेगी। इसलिए सिविल और पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। वैसे तो  गाजियाबाद नगर निगम के इस महत्वकांक्षी प्र...

डिजिटल बैंक क्या है? इसका मकसद क्या है? यह कब से अस्तित्व में आएगा?

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डिजिटल बैंक क्या है? इसका मकसद क्या है? यह कब से अस्तित्व में आएगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तंभकार केंद्र में सत्तारूढ़ नरेंद्र मोदी सरकार ने डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने और समावेशी विकास के लिए 'डिजिटल बैंक' की अवधारणा को भी प्रॉपर चैनल से प्रस्तुत करवा दिया है। इसी सिलसिले में नीति आयोग ने डिजिटल बैंक के गठन का प्रस्‍ताव देते हुए आगामी 31 दिसम्बर तक इससे जुड़े सुझाव आमंत्रित किये हैं। कहना न होगा कि इस बैंक के आकार लेने के बाद खाताधारी बैंक उपभोक्ताओं को घर बैठे ही सभी सेवाएं मिलेंगी, क्योंकि इस बैंक का कोई भौतिक ब्रांच नहीं होगा। # डिजिटल बैंक सम्बन्धी परिचर्चा पत्र जारी, दिसंबर तक दीजिये सुझाव बता दें कि नीति आयोग ने गत बुधवार को डिजिटल बैंक बनाने का प्रस्‍ताव किया है जो पूर्ण रूप से तकनीकी कार्यकुशलता पर आधारित होगा। यह डिजिटल बैंक अपनी सेवाएं देने के लिए इंटरनेट या ऐसे किसी चैनल पर सैद्धांतिक रूप से आधारित होगा, जिसकी कोई भौतिक उपस्थिति नहीं होगी। इस निमित्त नीति आयोग ने 'डिजिटल बैंक्स: ए प्रपोजल फॉर लाइसेंसिंग एंड रेगुलेटरी रीजिम फॉर इंडिया...

मां वैष्णो देवी यात्रा प्रसंग: इच्छाशक्ति मजबूत हो तो मंजिल पाना कठिन नहीं

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मां वैष्णो देवी यात्रा प्रसंग: इच्छाशक्ति मजबूत हो तो मंजिल पाना कठिन नहीं # यदि हम मन में कुछ भी पक्के से ठान लें तो हम उसे करके दिखा सकते हैं, क्योंकि प्रकृति एवं ईश्वरीय शक्तियां भी हमारा साथ देती हैं, जिससे हम अपनी मंजिल तक पहुंच पाते हैं। @ यात्रा संस्मरण/ गौरव पांडेय, लेखक ऑफिस में बॉस और अन्य सहकर्मियों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन जाने का कार्यक्रम बना। यह तय हुआ कि हम इनोवा से जाएंगे और सारे कैलकुलेशन के बाद एक सीट इनोवा में बच गई थी। मैंने आव देखा ना ताव और अपने भाई को बरेली से दिल्ली बुला लिया कि हम दर्शन के लिए चल रहे हैं। वह भी खुशी खुशी जल्दी से दिल्ली आ गया। अब दर्शन करने जाने का दिन आ गया और हमारे पास फोन आया कि गाड़ी आ गई है, तुम लोग तैयार रहो। हमने अपना सारा सामान पैक करके बस ताला लगाने की कसर छोड़ी थी और उसी समय एक फोन आया, जिसमें बॉस ने बताया कि इनोवा कुछ दूसरी तरह की आ गई है जिसमें पीछे की सीट पर चार की जगह तीन ही लोग बैठ सकते हैं। ऐसे में स्वाभाविक था कि मेरा भाई ही नहीं जाएगा। मायूस चेहरे से मेरे भाई ने मेरी तरफ देखा और पूछ...

आईपीओ में कीजिए निवेश, छह कंपनियों के आने वाले पब्लिक इश्‍यू, शेष भी पाइपलाइन में

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आईपीओ में कीजिए निवेश, छह कंपनियों के आने वाले पब्लिक इश्‍यू, शेष भी पाइपलाइन में @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार शेयर बाजार में यदि आपकी दिलचस्पी है तो आने वाले दिनों में आईपीओ के तहत आने वाले विभिन्न कम्पनियों के पब्लिक इश्यू में निवेश कीजिए। यदि किस्मत ने साथ दिया तो आपकी भी बल्ले-बल्ले हो सकती है। बता दें कि मेडप्‍लस हेल्‍थ सर्विसेज, रेटगेन ट्रैवल टेक्‍नोलॉजीज, फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस, प्रुडेंट कॉरपोरेट एडवाइजरी,  ट्रैक्‍सन टेक्‍नोलॉजीज और पुराणिक बिल्‍डर्स जैसी छह कंपनियों के आईपीओ को सेबी ने हरी झंडी दे दी है। इसलिए आप यदि शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए प्रवेश (एंट्री) करने की सोच रहे हैं, तो आने वाले दिनों में आपको जबरदस्‍त मौके मिलने वाले हैं।  बता दें कि फॉर्मेसी रिटेल चेन मेडप्‍लस हेल्‍थ सर्विसेज, ट्रैवल टेक्‍नोलॉजी सर्विसेज फर्म रेटगेन ट्रैवल टेक्‍नोलॉजीज, माइक्रोलेंडर फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस समेत छह कंपनियों को आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की सेबी ने मंजूरी दे दी है। वहीं, दूसरी अन्‍य कंपनियां जो अपना आईपीओ लाने जा रही हैं, उनमें रिटेल वेल्‍थ मैनजमेंट...

सभी को भारत में भी कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की तरफ सोचना चाहिए : डॉ अर्जुन खन्ना

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सभी को भारत में भी कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की तरफ सोचना चाहिए : डॉ अर्जुन खन्ना # बूस्टर डोज लगाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि कोविड-19 वैक्सीन काम करती है, पर वह कितने लंबे समय तक काम करती है यह हमें नहीं पता।  भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। अमेरिका द्वारा कोविड-19 वैक्सीन की वयस्कों में बूस्टर डोज को आज मान्यता दे दी गई और अमेरिका में इसे लगाना जल्दी शुरू कर दिया जाएगा।  वहीं, भारत में भी चिकित्सकों ने बूस्टर डोज लगाने के लिए सोचने की जरूरत बताई है।  यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के वरिष्ठ कोविड-19 रोग विशेषज्ञ एवं श्वाँस रोग क्रिटिकल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अर्जुन खन्ना ने अमेरिका के इस कदम की सराहना करते हुए सभी से भारत में भी आग्रह किया है कि भारत में भी कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सबसे ज्यादा खतरे में लोग हैं जिनमें हेल्थ केयर वर्कर, सीनियर सिटीजन एवं जिन्हें पहले से बीमारियां हैं, उन्हें सबसे पहले बूस्टर डोज लगनी चाहिए, जिस प्रकार से भारत में वैक्सीन भी पहले उन्हें ही लगाई गई थी।  डॉक्टर अर...

एनसीसी कैडेटों ने प्रदूषण के ख़िलाफ़ चलाया जनजागरूकता अभियान

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एनसीसी कैडेटों ने प्रदूषण के ख़िलाफ़ चलाया जनजागरूकता अभियान # पोस्टर, बैनर के साथ कैडेटों ने निकाली रैली भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद/दिल्ली। केशवपुरम मैट्रो स्टेशन पर एनसीसी कैडेटों ने प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। कैडेटों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर पर्यावरण बचाने और प्रदूषण को रोकने के लिए लोगों से सहयोग मांगा। कार्यक्रम का आयोजन एक बूंद संस्था व एनसीसी छः बटालियन द्वारा किया गया था। रैली की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष कनिका चोपड़ा ने किया। कनिका ने कहा दिल्ली में लगातार साल दर साल प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। जिसको रोकने के लिए सरकार के साथ आम जनमानस को भी आगे आना होगा तथा दिल्ली में ट्रैफिक पॉलियूशन कम करने के लिए लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना होगा।  वहीं, कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार करने वाले बटालियन के एनसीसी ऑफिसर कैप्टन देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली में पेड़-पौधों की मात्रा लगातार कम हो रही है। लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने होंगे। साथ ही सरकार द्वारा बनाई गई प्रदूषण की गाइडलाइन को भी ध्यान में ...