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टोक्यो ओलंपिक के आखिरी दिन भारत ने इतिहास रचा: डॉ पी एन अरोड़ा

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टोक्यो ओलंपिक के आखिरी दिन भारत ने इतिहास रचा: डॉ पी एन अरोड़ा कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में अद्भुत प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया है। शनिवार को फाइनल मुकाबले में चोपड़ा ने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर का बेस्ट थ्रो करके स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही नीरज ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं। इस ऐतिहासिक क्षण पर उत्तर प्रदेश ओलंपिक संघ के उपाध्यक्ष डॉ पीएन अरोड़ा ने नीरज चोपड़ा को हृदय से बधाई दी एवं इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि नीरज चोपड़ा ने आज जो हासिल किया है, उसे हमेशा याद रखा जायेगा। युवा नीरज ने असाधारण प्रदर्शन किया। वह काफी जुनून से खेला और उसने अद्वितीय संयम दिखाया।नीरज चोपड़ा ने आज जो हासिल किया है, उसे हमेशा याद रखा जायेगा। युवा नीरज ने असाधारण प्रदर्शन किया। वह काफी जुनून से खेला और उसने अद्वितीय संयम दिखाया। डॉ अरोड़ा ने कहा कि नीरज ट्रैक एंड फील्ड इवेंट में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए हैं और भारत के लिए एक नया इत...

भारद्वाज शिखर पर पहुँचने लगे विधानसभा चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले प्रत्याशी

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भारद्वाज शिखर पर पहुँचने लगे विधानसभा चुनाव लड़ने की चाह रखने वाले प्रत्याशी # पूर्व महानगर अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज और पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉली शर्मा का आशीर्वाद कांग्रेस में काफी रखता है मायने # तन मन धन से पार्टी की सेवा में जुटा रहता है यह परिवार, भारद्वाज शिखर में आना जाना है बड़े बड़े कांग्रेस नेताओं का  कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो  गाजियाबाद। जनपद की पांच विधानसभा सीटों के अलावा आसपास के जनपदों की विधानसभा सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवार के तौर पर अपनी किस्मत आजमाने की चाह रखने वाले लोग पार्टी के पूर्व महानगर अध्यक्ष और कांग्रेस के कद्दावर राजनेता नरेंद्र भारद्वाज के प्रह्लाद गढ़ी, वसुंधरा सेक्टर 16 बी स्थित आवासीय कार्यालय पर दस्तक देने लगे हैं। क्योंकि नरेंद्र भारद्वाज की पहचान प्रदेश में पार्टी के ऐसे भरोसेमंद नेता की समझी जाती है, जो विगत 40 वर्षों से जनपद में कांग्रेस का झंडा थामे हुए हैं। उनके पूर्वज भी कांग्रेसी रहे हैं।  यही नहीं, उनकी बेटी डॉली शर्मा भी कांग्रेस की युवा नेत्रियों में बहुतों को पीछे छोड़ चुकी हैं। पार्टी ने उनकी प्रतिभा की कद्र कर...

नवजात को स्तनपान कराने से मृत्यु दर में आती है कमी,दस्त, रोग और निमोनिया के खतरे भी होते हैं कम

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(विश्व स्तनपान सप्ताह 1 से 7 अगस्त पर विशेष) नवजात को स्तनपान कराने से मृत्यु दर में आती है कमी, दस्त, रोग और निमोनिया के खतरे भी होते हैं कम @ कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बच्चे देश के भविष्य हैं। इसलिए उनके जन्म से लेकर परवरिश तक माता-पिता के साथ साथ सरकार व उनके सम्बन्धित विभाग भी सतर्क रहते हैं। यह उनका कर्तव्य है और दायित्व भी। आंकड़े बताते हैं कि जन्म के एक घंटे के भीतर नवजात को स्तनपान कराने से नवजात मृत्यु दर में 33 फीसद तक कमी लायी जा सकती है। यह बात पीएलओएस वन जर्नल की ब्रेस्टफीडिंग मेंटनालीसिस रिपोर्ट-2017 से जाहिर होती है।  इसके अलावा, छ्ह माह तक शिशु को स्तनपान कराने से दस्त, रोग और निमोनिया के खतरे में क्रमशः11फीसद और 15 फीसद कमी लायी जा सकती है। यह बात लांसेट स्टडी-मैटरनल एंड चाइल्ड न्यूट्रिशन सीरीज 2008 के अनुसार सम्पुष्ट है। नेशनल फेमिली हेल्थ सर्वे-4 (2015-16) के अनुसार, प्रदेश में एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर 25.2 फीसद और छह माह तक केवल स्तनपान की दर 41.6 फीसद है। यही वजह है कि स्तनपान को बढ़ावा देने के लिए  सरकारी व निजी चिकित्सा संस्थान लोग...

पब्लिक और प्राइवेट ब्लॉकचेन्स क्या हैं? ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अवसर और लाभ बताएं? इसकी आलोचनाएं और चुनौतियां क्या है? इसका भविष्य कैसा है?

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पब्लिक और प्राइवेट ब्लॉकचेन्स क्या हैं? ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अवसर और लाभ बताएं? इसकी आलोचनाएं और चुनौतियां क्या है? इसका भविष्य कैसा है? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार ब्लॉकचेन एक ऐसी तकनीक है जिससे बिटकॉइन तथा अन्य क्रिप्टो-करेंसियों को संचालित किया जाता है। यदि इसे सरल शब्दों में इसे समझा जाए तब यह एक डिजिटल ‘सार्वजनिक बही-खाता’ (पब्लिक लेजर) है, जिसमें प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज़ किया जाता है। इस तकनीक का इस्तमाल कर, पार्टिसिपेंट्स अपने ट्रांसक्शन्स को कंफर्म  कर सकते हैं, वहीं उन्हें किसी सेंट्रल क्लीयरिंग ऑथोरिटी  की कोई भी ज़रूरत नहीं होगी। वैसे तो ब्लॉकचेन के बहुत सारे वैरायटी हैं, लेकिन सभी प्राय: सभी मुख्य रूप से दो कैटेगिरीज में ही आते हैं- पब्लिक या प्राइवेट। पब्लिक ब्लॉकचेन्स किसी को भी देखने और ट्रांसक्शन सेंड करने के लिए अवसर देती है जब तक वो इस कंसेंसस प्रोसेस का हिस्सा हैं। ये कंसोर्टियम ब्लॉकचेन्स भी हैं, जहाँ लेजर को इस्तमाल करने के लिए केवल कुछ प्री-सेलेक्टेड नम्बर के नोड्स को ही ऑथराइज्ड किया गया होता है। उदहारण के तौर पर, एक ...

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितना सुरक्षित है? बिटकॉइन के लिए कितना महत्वपूर्ण है? इसकी जरुरत क्यों है? रियल लाइफ में यह कितना उपयोगी है।

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ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितना सुरक्षित है? बिटकॉइन के लिए कितना महत्वपूर्ण है? इसकी जरुरत क्यों है? रियल लाइफ में यह कितना उपयोगी है। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितना सुरक्षित है? बिटकॉइन के लिए ब्लॉकचेन कितना महत्वपूर्ण है? इंटरनेट टेक्नोलॉजी  और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में क्या अंतर या साम्यता हैं, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की जरुरत हमें क्यों है? इसके ऍप्लिकेशन्स में किस क्षेत्र में भविष्य है? रियल लाइफ ऍप्लिकेशन्स में यह कितना उपयोगी है। # ब्लॉकचेन कितना सिक्योर है?  ऐसे तो इंटरनेट में कोई भी चीज़ सिक्योर नहीं है। लेकिन,  यदि हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की बात करें, तो दावे के साथ कह सकते हैं कि अन्य टेक्नोलॉजी की तुलना में बहुत हद तक ब्लॉकचेन तकनीक “अनहैकेबल” है। ऐसा इसलिए कि ब्लॉकचेन में कोई भी ट्रांसक्शन करने के लिए पूरे नेटवर्क के सभी नोड्स को एग्री होना पड़ेगा, तभी जाकर वो ट्रांसक्शन वैलिड होगी।  कहने का तातपर्य यह कि यहाँ पर कोई सिंगल एंटिटी ये नहीं कह सकती कि ट्रांसक्शन हुआ है या नहीं। वास्तव में इसे हैक करने के लिए आपको बैंक के जैसे केवल एक ...

ब्लॉकचेन क्या है? इसका अविष्कार किसने किया है? इसके बारे में हमें क्यों जानना चाहिए? बताइए।

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ब्लॉकचेन क्या है? इसका अविष्कार किसने किया है?  इसके बारे में हमें क्यों जानना चाहिए? बताइए।  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार हाल-फिलहाल में बिटकॉइन बहुत सुर्ख़ियों में रहा है। लोगों में इस क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहुत उम्मीद पैदा हुई है। ऐसा इसलिए कि इसकी कीमत दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। चूंकि बिटकॉइन का सम्बन्ध ब्लॉकचेन से है। यही वजह है कि बिटकॉइन के पीछे की टेक्नोलॉजी "ब्लॉकचेन" के बारे में आपको बताना जरूरी समझता हूं।  सवाल है कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है? यह कैसे काम करता है। आपको पता होना चाहिए कि ब्‍लॉकचेन तकनीक हमारे आईटी इंडस्ट्री को उसी प्रकार से बदलने वाला है, जैसे कि ओपन सॉर्स सॉफ्टवेयर ने एक दशक पहले किया था। यही नहीं, जिस प्रकार लिनक्स लगभग एक दशक से मॉडर्न एप्लीकेशन डेवलपमेंट का मूल रहा है, ठीक वैसे ही ब्लॉकचेन भी आने वाले समय में एक बहुत ही बेहतरीन जरिया बनने वाला है इन्फॉर्मेशन शेयर करने का। खास बात यह कि यह सबकुछ लोअर कॉस्ट में ही होगा और बड़ी आसानी से ही इसे इम्पलीमेंट भी किया जा सकता है ओपन और प्राइवेट नेटवर्क्स के बीच। लेकिन,...

जानिए, क्या है अंतर्देशीय जलयान विधेयक 2021, क्या रहीं विपक्ष की आपत्तियां और कैसे हुआ पास?

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जानिए, क्या है अंतर्देशीय जलयान विधेयक 2021, क्या रहीं विपक्ष की आपत्तियां और कैसे हुआ पास? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार अंतर्देशीय पोत विधेयक, 2021 भारतीय संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों- लोकसभा व राज्यसभा में पास हो चुका है। इसके बारे में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोकसभा को बताया कि यह विधेयक राज्यों द्वारा बनाए गए अलग-अलग नियमों के बजाय देश के लिए एकीकृत कानून को लागू करने का प्रयास करता है। इस नए कानून के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र पूरे देश में मान्य होगा और राज्यों से अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस विधेयक में इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर जहाजों और उनके चालक दल के विवरण दर्ज करने के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस बनाने का भी प्रावधान है। यह विधेयक सस्ता और सुरक्षित नौवहन को बढ़ावा देता है, यात्रियों और कार्गो की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और अंतर्देशीय जलमार्ग और नेविगेशन से संबंधित कानूनों के आवेदन में एकरूपता लाता है। वहीं, राज्‍यसभा में भी गत दिनों शोर-शराबे के बीच इस विधेयक को पारित किया गया। लोकसभा इसे प...