संदेश

पब्लिक और प्राइवेट ब्लॉकचेन्स क्या हैं? ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अवसर और लाभ बताएं? इसकी आलोचनाएं और चुनौतियां क्या है? इसका भविष्य कैसा है?

चित्र
पब्लिक और प्राइवेट ब्लॉकचेन्स क्या हैं? ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी के अवसर और लाभ बताएं? इसकी आलोचनाएं और चुनौतियां क्या है? इसका भविष्य कैसा है? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार ब्लॉकचेन एक ऐसी तकनीक है जिससे बिटकॉइन तथा अन्य क्रिप्टो-करेंसियों को संचालित किया जाता है। यदि इसे सरल शब्दों में इसे समझा जाए तब यह एक डिजिटल ‘सार्वजनिक बही-खाता’ (पब्लिक लेजर) है, जिसमें प्रत्येक लेन-देन का रिकॉर्ड दर्ज़ किया जाता है। इस तकनीक का इस्तमाल कर, पार्टिसिपेंट्स अपने ट्रांसक्शन्स को कंफर्म  कर सकते हैं, वहीं उन्हें किसी सेंट्रल क्लीयरिंग ऑथोरिटी  की कोई भी ज़रूरत नहीं होगी। वैसे तो ब्लॉकचेन के बहुत सारे वैरायटी हैं, लेकिन सभी प्राय: सभी मुख्य रूप से दो कैटेगिरीज में ही आते हैं- पब्लिक या प्राइवेट। पब्लिक ब्लॉकचेन्स किसी को भी देखने और ट्रांसक्शन सेंड करने के लिए अवसर देती है जब तक वो इस कंसेंसस प्रोसेस का हिस्सा हैं। ये कंसोर्टियम ब्लॉकचेन्स भी हैं, जहाँ लेजर को इस्तमाल करने के लिए केवल कुछ प्री-सेलेक्टेड नम्बर के नोड्स को ही ऑथराइज्ड किया गया होता है। उदहारण के तौर पर, एक ...

ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितना सुरक्षित है? बिटकॉइन के लिए कितना महत्वपूर्ण है? इसकी जरुरत क्यों है? रियल लाइफ में यह कितना उपयोगी है।

चित्र
ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितना सुरक्षित है? बिटकॉइन के लिए कितना महत्वपूर्ण है? इसकी जरुरत क्यों है? रियल लाइफ में यह कितना उपयोगी है। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी कितना सुरक्षित है? बिटकॉइन के लिए ब्लॉकचेन कितना महत्वपूर्ण है? इंटरनेट टेक्नोलॉजी  और ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी में क्या अंतर या साम्यता हैं, ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की जरुरत हमें क्यों है? इसके ऍप्लिकेशन्स में किस क्षेत्र में भविष्य है? रियल लाइफ ऍप्लिकेशन्स में यह कितना उपयोगी है। # ब्लॉकचेन कितना सिक्योर है?  ऐसे तो इंटरनेट में कोई भी चीज़ सिक्योर नहीं है। लेकिन,  यदि हम ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी की बात करें, तो दावे के साथ कह सकते हैं कि अन्य टेक्नोलॉजी की तुलना में बहुत हद तक ब्लॉकचेन तकनीक “अनहैकेबल” है। ऐसा इसलिए कि ब्लॉकचेन में कोई भी ट्रांसक्शन करने के लिए पूरे नेटवर्क के सभी नोड्स को एग्री होना पड़ेगा, तभी जाकर वो ट्रांसक्शन वैलिड होगी।  कहने का तातपर्य यह कि यहाँ पर कोई सिंगल एंटिटी ये नहीं कह सकती कि ट्रांसक्शन हुआ है या नहीं। वास्तव में इसे हैक करने के लिए आपको बैंक के जैसे केवल एक ...

ब्लॉकचेन क्या है? इसका अविष्कार किसने किया है? इसके बारे में हमें क्यों जानना चाहिए? बताइए।

चित्र
ब्लॉकचेन क्या है? इसका अविष्कार किसने किया है?  इसके बारे में हमें क्यों जानना चाहिए? बताइए।  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार हाल-फिलहाल में बिटकॉइन बहुत सुर्ख़ियों में रहा है। लोगों में इस क्रिप्टो करेंसी को लेकर बहुत उम्मीद पैदा हुई है। ऐसा इसलिए कि इसकी कीमत दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। चूंकि बिटकॉइन का सम्बन्ध ब्लॉकचेन से है। यही वजह है कि बिटकॉइन के पीछे की टेक्नोलॉजी "ब्लॉकचेन" के बारे में आपको बताना जरूरी समझता हूं।  सवाल है कि ब्लॉकचेन टेक्नोलॉजी क्या है? यह कैसे काम करता है। आपको पता होना चाहिए कि ब्‍लॉकचेन तकनीक हमारे आईटी इंडस्ट्री को उसी प्रकार से बदलने वाला है, जैसे कि ओपन सॉर्स सॉफ्टवेयर ने एक दशक पहले किया था। यही नहीं, जिस प्रकार लिनक्स लगभग एक दशक से मॉडर्न एप्लीकेशन डेवलपमेंट का मूल रहा है, ठीक वैसे ही ब्लॉकचेन भी आने वाले समय में एक बहुत ही बेहतरीन जरिया बनने वाला है इन्फॉर्मेशन शेयर करने का। खास बात यह कि यह सबकुछ लोअर कॉस्ट में ही होगा और बड़ी आसानी से ही इसे इम्पलीमेंट भी किया जा सकता है ओपन और प्राइवेट नेटवर्क्स के बीच। लेकिन,...

जानिए, क्या है अंतर्देशीय जलयान विधेयक 2021, क्या रहीं विपक्ष की आपत्तियां और कैसे हुआ पास?

चित्र
जानिए, क्या है अंतर्देशीय जलयान विधेयक 2021, क्या रहीं विपक्ष की आपत्तियां और कैसे हुआ पास? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार अंतर्देशीय पोत विधेयक, 2021 भारतीय संसद के मानसून सत्र में दोनों सदनों- लोकसभा व राज्यसभा में पास हो चुका है। इसके बारे में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने लोकसभा को बताया कि यह विधेयक राज्यों द्वारा बनाए गए अलग-अलग नियमों के बजाय देश के लिए एकीकृत कानून को लागू करने का प्रयास करता है। इस नए कानून के तहत पंजीकरण प्रमाण पत्र पूरे देश में मान्य होगा और राज्यों से अलग अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। इस विधेयक में इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल पर जहाजों और उनके चालक दल के विवरण दर्ज करने के लिए एक केंद्रीय डेटाबेस बनाने का भी प्रावधान है। यह विधेयक सस्ता और सुरक्षित नौवहन को बढ़ावा देता है, यात्रियों और कार्गो की सुरक्षा सुनिश्चित करता है और अंतर्देशीय जलमार्ग और नेविगेशन से संबंधित कानूनों के आवेदन में एकरूपता लाता है। वहीं, राज्‍यसभा में भी गत दिनों शोर-शराबे के बीच इस विधेयक को पारित किया गया। लोकसभा इसे प...

आरटीपीएस काउंटर संचालित नहीं करने वाले पंचायत नपेंगे: सम्राट चौधरी

चित्र
आरटीपीएस काउंटर संचालित नहीं करने वाले पंचायत नपेंगे: सम्राट चौधरी कमलेश पांडेय नई दिल्ली/पटना। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि सूबे के पंचायतों में आगामी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से हर हाल में आरटीपीएस काउंटर का संचालन कार्य प्रारंभ कर दिया जाए। क्योंकि इसके निमित्त पंचायती राज विभाग ने प्रदेश के पंचायतों को फर्नीचर आदि के लिए समुचित धनराशि भी उपलब्ध करा चुकी है। श्री चौधरी ने जारी एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बताया कि आगामी 12 अगस्त तक पंचायती राज विभाग को अपने-अपने पंचायतों की सूचना देना अनिवार्य किया गया है। साथ ही आरटीपीएस काउंटर खोलने का समय पूर्वाह्न  में 10:00 बजे से 12:30 बजे तक एवं अपराह्न में 2:00 से 5:00 बजे तक निर्धारित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के अमल में आ जाने के बाद अब गरीबों मजदूरों को जाति, आवासीय, आय एवं अन्य कार्यों के लिए प्रखंड और अनुमंडल कार्यालय का चक्कर नहीं लगाना  पड़ेगा। फोटोकैप्शन:- सम्राट चौधरी,  कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज, बिहार सरकार।

बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ की

चित्र
बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की तारीफ की # नीतीश सरकार में सम्राट चौधरी की कोई नहीं सुनता है, इन बातों का दो टूक खंडन किया  भास्कर ब्यूरो नई दिल्ली/पटना। बिहार सरकार के पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने उन खबरों का खंडन किया है, जिसमें यह बताया गया है कि नीतीश सरकार में सम्राट चौधरी की कोई नहीं सुनता है। मंत्री श्री चौधरी ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया है कि ऐसी बातें सरासर असत्य एवं मनगढ़ंत व काल्पनिक है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए एकजुट है। बिहार में लंबे समय से विकास कार्य किए जा रहे हैं। पंचायती राज विभाग में भी कई बड़े फैसले मुख्यमंत्री श्री कुमार के कुशल व प्रगतिशील नेतृत्व में ही लिए गए हैं।  बता दें कि गत 2 अगस्त को बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में ए.एन.आई न्यूज़ के कैमरा सहायक विजय कुमार के द्वारा मुख्यमंत्री श्री कुमार से पूछा गया कि कैबिनेट मंत्री पंचायती राज विभाग सम्राट चौधरी के द्वारा कहा जा रहा है कि सरकार में मेरी कोई नहीं सुनता है। उन्...

साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए किया चुनाव शंखनाद

चित्र
साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने अपनी उपलब्धियों को गिनाते हुए किया चुनाव शंखनाद # भाजपा को दिया अपने उल्लेखनीय कार्यों का श्रेय और पार्टी के पूरे कुनबे के सहयोग का आभार जताया  # सिर्फ आकार में ही नहीं, बल्कि जनहितैषी कार्यों में भी सबसे आगे है साहिबाबाद कमलेश पांडेय/भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। साहिबाबाद विधायक सुनील शर्मा ने अपनी उल्लेखनीय उपलब्धियों को गिनाते हुए चुनाव शंखनाद कर दिया है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि उन्होंने अपने उल्लेखनीय कार्यों का श्रेय अपनी पार्टी भाजपा को दिया और पार्टी के पूरे कुनबे के सहयोग का आभार जताकर सबका दिल जीत लिया। उनके कहने का सार साफ है कि सिर्फ आकार में ही नहीं, बल्कि जनहितैषी कार्यों में भी साहिबाबाद विधानसभा सबसे आगे है। बता दें कि सोमवार को सुनील कुमार शर्मा, विधायक साहिबाबाद द्वारा रॉयल पैलेस वसुंधरा में एक पत्रकार वार्ता का आयोजन किया गया। इस मौके पर भाजपा महानगर अध्यक्ष संजीव शर्मा एवं चेयरमैन खोड़ा-मकनपुर नगरपालिका रीना भाटी मौजूद रहीं। इस दौरान "विकास की ओर अग्रसर हमारा साहिबाबाद" नाम की विकास की पत्रिका को सुनील श...