सरल और सुलझे हुए व्यक्तित्व के स्वामी हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी
सरल और सुलझे हुए व्यक्तित्व के स्वामी हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी # डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस "जे न मित्र दु:ख होहिं दुखारी, तिन्हहि विलोकत पातक भारी। निज दु:ख गिरि सम रज करि जाना, मित्रक दु:ख रज मेरु समाना।।" रामचरितमानस की उपरोक्त पंक्तियां आज मुझे उस समय का अमन दिलाती हैं कि जब बार-बार योग्य, धर्मशील, ज्ञानशील, विवेकशील, विनयशील, राष्ट्र एवं राष्ट्रीयता के प्रबल व कट्टर समर्थक अनुयायी तथा अपनी भारत माता के यशस्वी पुत्र पुष्कर सिंह धामी को संवैधानिक दायरे में कार्य करने का अवसर मंत्रिमंडल में स्थान प्राप्त न होने के कारण नहीं मिल पा रहा था। परंतु धैर्य एवं भगवान को समर्पित उत्कृष्ट कार्य के कारण विवेक, संयम और विनयशीलता के अद्भुत गुणों से ओतप्रोत श्री धामी को भारतीय जनता पार्टी ने जातिगत, परिवारवाद एवं तुष्टिकरण की परंपरागत रूप से चली आ रही राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड के विकास के लिए एक योग्य बहुमुखी प्रतिभा एवं चुंबकीय व्यक्तित्व के धनी युवा हाथों पर भरोसा कर श्री धामी को प्रदेश का नेतृत्व सौंपा, जिससे मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई। प्रसन्नता का विष...