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सरल और सुलझे हुए व्यक्तित्व के स्वामी हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

सरल और सुलझे हुए व्यक्तित्व के स्वामी हैं उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी # डॉ दिनेश चंद्र सिंह, आईएएस "जे न मित्र दु:ख होहिं दुखारी, तिन्हहि विलोकत पातक भारी। निज दु:ख गिरि सम रज करि जाना, मित्रक दु:ख रज मेरु समाना।।" रामचरितमानस की उपरोक्त पंक्तियां आज मुझे उस समय का अमन दिलाती हैं कि जब बार-बार योग्य, धर्मशील, ज्ञानशील, विवेकशील, विनयशील, राष्ट्र एवं राष्ट्रीयता के प्रबल व कट्टर समर्थक अनुयायी तथा अपनी भारत माता के यशस्वी पुत्र पुष्कर सिंह धामी को संवैधानिक दायरे में कार्य करने का अवसर मंत्रिमंडल में स्थान प्राप्त न होने के कारण नहीं मिल पा रहा था।  परंतु धैर्य एवं भगवान को समर्पित उत्कृष्ट कार्य के कारण  विवेक, संयम और विनयशीलता के अद्भुत गुणों से ओतप्रोत श्री धामी को भारतीय जनता पार्टी ने जातिगत, परिवारवाद एवं तुष्टिकरण की परंपरागत रूप से चली आ रही राजनीति से ऊपर उठकर उत्तराखंड के विकास के लिए एक योग्य बहुमुखी प्रतिभा एवं चुंबकीय व्यक्तित्व के धनी युवा हाथों पर भरोसा कर श्री धामी को प्रदेश का नेतृत्व सौंपा, जिससे मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई।  प्रसन्नता का विष...

वन महोत्सव सप्ताह की शुरुआत में महापौर व नगर आयुक्त ने किया वृक्षारोपण

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वन महोत्सव सप्ताह की शुरुआत में महापौर व नगर आयुक्त ने किया वृक्षारोपण # पौधों को वृक्ष बनाने तक की जिम्मेदारी सहर्ष शहर वासियों ने की स्वीकार: महापौर भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। नगर निगम गाजियाबाद द्वारा वन महोत्सव सप्ताह का शुभारंभ गत 1 जुलाई को किया गया। जिसके अंतर्गत श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क, कवि नगर इंडस्ट्रियल एरिया, कवि नगर जोन में महापौर आशा शर्मा तथा नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर के द्वारा पौधारोपण किया गया। डॉ अनुज कुमार सिंह उद्यान प्रभारी ने बताया कि वन महोत्सव कार्यक्रम 1 सप्ताह तक चलेगा, जिसके क्रम में शहर में सभी वार्डों में पार्षदों, आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों, अध्यापिका व अन्य संस्थाओं के द्वारा वृक्षारोपण किया जाएगा। गाजियाबाद नगर निगम को 97 हजार वृक्षारोपण का लक्ष्य दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत लक्ष्य को पूरा करते हुए लगभग डेढ़ से दो लाख वृक्षारोपण शहर में किया जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि पर्यावरण को शुद्ध वातावरण देने के लिए ऑक्सीजन संबंधित पौधे लगाए जाएंगे तथा आम, जामुन, अनार, आंवला, फलदार वृक्षों के साथ-साथ औषधि वाले पौधे भी नीम मौलिश्री नींबू व अन्य...

साइटोमेगालो वायरस क्या है? इसके क्या क्या लक्षण हैं? यह कैसे फैलता है?

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साइटोमेगालो वायरस क्या है? इसके क्या क्या लक्षण हैं? यह कैसे फैलता है?  @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार यदि आप कोविड 19 यानी कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तो आपके लिए कतिपय मामलों में अतिशय सावधानी  जरूरी है। यह प्रबल संभावना है कि आप साइटोमेगालो वायरस के भी शिकार हो सकते हैं। इसलिए अब आपके लिए यह जानना बेहद जरूरी है कि साइटोमेगालो वायरस क्या है? इसके होने के क्या-क्या लक्षण हैं? यह आमलोगों में कैसे फैलता है? क्या यह जीवन भर आपके साथ रहता है? और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यह बच्चों को कैसे प्रभावित करता है? यह बताने से पहले आपको स्पष्ट कर दूं कि यदि आप कोरोना वायरस कोविड 19 से संक्रमित हुए थे और फिर ठीक हो गए हैं तो कदापि निश्चिंत नहीं होइए। क्योंकि कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी कतिपय लोगों को विभिन्न तरह की समस्याओं से दो चार होना पड़ रहा है। ऐसे लोगों ने पहले ब्लैक फंगस, उसके बाद व्हाइट फंगस, फिर येलो फंगस, ततपश्चात ग्रीन फंगस का खतरा झेला।इससे उतपन्न परेशानियों के निदान के लिए जगह जगह भटके। और अब एक नए वायरस से संक्रमण की खबरें सामने...

समाजवादी सियासत का सौम्य चेहरा रहे शरद यादव की आज भी है उपयोगिता

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समाजवादी सियासत का सौम्य चेहरा रहे शरद यादव की आज भी है उपयोगिता #  75 साल के 'बूढ़े समाजवादी शेर' के कंधे पर कोरोना काल ने दे दी है और महती जिम्मेदारी कमलेश पांडेय/ वरिष्ठ पत्रकार नई दिल्ली। समाजवादी नेता शरद यादव अपने जीवन के  पचहत्तरवें वर्ष में 1 जुलाई को पहुंच गए। उनका जन्म  मध्य प्रदेश के जिला होशंगाबाद के मालवा (नर्मदापुरम)   अंतर्गत ग्राम आँखमऊ, बाबई में हुआ। जिसका प्राकृतिक  सौंदर्य माँ नर्मदा की गोद में बसे होने और सतपुड़ा के राष्ट्रीय उद्यान व निकटस्थ जंगल में आदिवादियों की संस्कृति की झलक और पचमढ़ी वन्य जीवन आदि के चलते विश्वविख्यात है।  यहां के प्राकृतिक मनोरमता की छाप उनके स्वभाव पर भी पड़ी है। शरद यादव बहुत ही शांत, साहसी और मितभाषी स्वभाव के व्यक्ति हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव से और उच्च शिक्षा जबलपुर से हुई। उनके राजनीति सफर की शुरुआत छात्र जीवन के दौरान ही हो गई। वे पहली बार सन 1974 में जबलपुर से सांसद चुने गए। उन दिनों कांग्रेस सरकार की गलत नीतियों के विरोध में लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आहवान पर देश में “संपूर्ण क्रति”...

एक राष्ट्र, एक सॉफ्टवेयर’ योजना से भूमि विवादों पर लगेगी लगाम

एक राष्ट्र, एक सॉफ्टवेयर’ योजना से भूमि विवादों पर लगेगी लगाम @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत सरकार ने भूमि व भवन जैसी स्थायी परिसम्पत्तियों से जुड़े संदिग्ध लेनदेन को कम करने, इनसे जुड़े विवादों को रोकने में मदद हासिल करने और इससे जुड़ी अदालती प्रणाली के बाधित होने की प्रक्रिया को भी कम करने के लिए डिजिटल इंडिया लैंड रिकॉर्ड मॉडर्नाइजेशन प्रोग्राम (डीआईएलआरएमपी) को लागू करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस कार्यक्रम में संपत्ति व उसे जुड़े दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन के लिए ‘एक राष्ट्र, एक सॉफ्टवेयर’ योजना के तहत 10 राज्यों में एनजीडीआरएस लागू की जा रही है। इसके अलावा, साल 2021-22 तक यूएलपीआईएन लागू की जाएगी। इसके तहत 2023-24 तक व्यक्तिगत आधार कार्ड को भूमि खाता बही (लैंड रिकॉर्ड) के साथ जोड़ा जाएगा।  इसके निमित्त सरकार नेशनल कॉमन डॉक्युमेंट रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एनजीडीआरएस) और यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (यूएलपीआईएन) लागू करेगी, ताकि जमीन के रिकॉर्ड्स को एकीकृत व समन्वित (इंटीग्रेटेड) किया जा सके और रेवेन्यू एवं रजिस्ट्रेशन को जोड़ने की पारदर्शी व्यवस्था बनाई ज...

ऐसे प्राप्त करें सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ, दीजिये इन बातों पर विशेष ध्यान

ऐसे प्राप्त करें सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ, दीजिये इन बातों पर विशेष ध्यान @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार बेटी प्रकृति की बहुमूल्य उपहार है। इससे लिंग भेद न किया जा सके, इसके लिए सरकार सतर्क है। वह लोकलुभावन योजना लाए हुए है। सुकन्या समृद्धि योजना उन्हीं में से एक है। यह क्या योजना है और कैसे इसका लाभ लिया जा सकता है, यह जानना, समझना और बुझना आज हर बेटी के बाप के लिए बेहद जरूरी है। क्योंकि भारत में गिरता लिंगानुपात समाज के हर वर्ग के लिए चिंता का सबब बन चुका है। इस स्थिति में सुधार लाने के लिए महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य जरूरतों के लिए केंद्र व राज्य सरकारों के द्वारा कई तरह की योजनाएं चलाई जा रही हैं।  इसी कड़ी में लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना की शुरुआत की है। जिसका उद्देश्य बेटियों की पढ़ाई और उनकी शादी पर आने वाले खर्च को आसानी से पूरा करना है। इस योजना के अंतर्गत बेटी की पढ़ाई व शादी के लिए डाक विभाग के पास ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ का अकाउंट खुलवाया जा सकता है। उसके लिए किसी भी पोस्ट ऑफिस के साथ अकाउंट खोलने ...

शेयर मार्किट क्या है? डिजिटल तरीके से शेयर मार्किट से कैसे कमाएं पैसे?

शेयर मार्किट क्या है? डिजिटल तरीके से शेयर मार्किट से  कैसे कमाएं पैसे? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार वर्तमान कालखंड में सभी लोग ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाना चाहते हैं। इसके लिए वे लोग सभी संभव तौर तरीकों को आजमाते हैं, जिसकी उन्हें जानकारी है या डिजिटल रूप में गूगल से हासिल कर पाते हैं या फिर कोई सफल परिचित पेशेवर गाहे बगाहे उन्हें दे जाता है। खासकर कोरोना काल में अधिकतर लोग ऑनलाइन घर बैठे ही पैसे कमाना चाहते हैं और इसके लिए कोई स्थायी काम करना चाहते हैं, जिसमें वो पूरे सप्ताह व्यस्त भी रहें। ऐसे में सबका ध्यान शेयर मार्किट की ओर जाता है, जो अब एक हद तक डिजिटल भी हो चुका है। ऐसे में अमूमन हमारे समक्ष यही सवाल पैदा होता है कि आखिर शेयर मार्किट से पैसे कैसे कमाएं।  यूं तो आज के समय में सभी के पास स्मार्टफोन के साथ-साथ सभी सुविधाएं मौजूद हैं। आज इंटरनेट कनेक्शन भी काफी सस्ता हो चुका है। इसीलिए सभी शेयर मार्किट से पैसा कमाने के तरीके जानना चाहते हैं। वैसे तो शेयर मार्किट से पैसे कमाने के बहुत से तरीके हैं। लेकिन शेयर मार्किट से पैसे कमाने के बारे में जानने से पहले आपको...