गाजा बोर्ड ऑफ पीस पर वैश्विक कशमकश के मायने
गाजा बोर्ड ऑफ पीस पर वैश्विक कशमकश के मायने @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक गाजा बोर्ड ऑफ पीस अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक महत्वाकांक्षी पहल है, जो गाजा संघर्ष को सुलझाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर शांति स्थापना का एक नया मॉडल प्रस्तुत करती है। चूंकि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र संघ के पारंपरिक ढांचे से बाहर काम करने का अदद प्रयास है, जिससे अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में नई बहस छिड़ गई है। खासकर वैश्विक कशमकश बढ़ चुकी है, जिसके वैश्विक प्रभाव आने वाले वक्त में महसूस किए जाएंगे। सवाल है कि आखिर अपनी ही बनाई पुरानी विश्व व्यवस्था की अनदेखी करते हुए अमेरिका बिल्कुल नई तरह की विश्व व्यवस्था क्यों बनाना चाहता है? ब्रेक के बाद वह अपनी ही नीतियों को क्यों बदल देता है। आखिर वह शेष दुनिया को अमेरिकी मुगालते में क्यों रखना चाहता है? आखिर चीन, रूस, भारत, फ्रांस, जर्मनी, नॉर्वे, स्वीडन जैसे कद्दावर देश ऐसे पीस बोर्ड से दूरी क्यों बनाए हुए हैं? खास बात यह कि आखिर गाजा बोर्ड ऑफ पीस के अंतर्राष्ट्रीय मायने क्या हैं? और इसके पीछे के वैश्विक निहितार्थ से किसको क्या फायदा औ...