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शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा द्वारा इंदिरापुरम गुरुद्वारे में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया

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शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा द्वारा इंदिरापुरम गुरुद्वारे में निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया # शिविर के मुख्य चिकित्सक डॉ आकाश अवाना ने बताया कि इस शिविर में बढ़ते हुए प्रदूषण को देखते हुए स्वांस संबंधित एवं उच्च रक्तचाप संबंधित मरीज काफी संख्या में देखे गए @ कमलेश पांडेय/स्वास्थ्य संपादक गाजियाबाद। बुद्धवार को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर इंदिरापुरम स्थित गुरुद्वारे में एक विशाल नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस शिविर का आयोजन गुरुद्वारा श्री गुरु सिंघ सभा इंदिरापुरम एवं शारदा हॉस्पिटल, ग्रेटर नोएडा द्वारा किया गया। इस शिविर में प्रकाश पर्व के अवसर पर काफी संख्या में वरिष्ठ नागरिक गुरुद्वारा दर्शन करने आए और साथ ही उन्होंने नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ भी उठाया। इस शिविर में 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों का नि:शुल्क आयुष्मान कार्ड भी बनाया गया। शिविर का संचालन शारदा हॉस्पिटल ग्रेटर नोएडा के महाप्रबंधक गौरव पांडेय, क्षेत्र प्रबंधक संजीव वर्मा ने किया। इस शिविर में 250 से भी ज्यादा मरीजों की नि:शुल्क शुगर जां...

Sharda Hospital Greater Noida organized a free health camp at the Indirapuram Gurudwara.

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Sharda Hospital, Greater Noida, organized a free health camp at the Indirapuram Gurudwara. # Dr. Akash Awana, the camp's chief physician, stated that due to the increasing pollution, a large number of patients with respiratory and high blood pressure issues were seen at the camp. @ Kamlesh Pandey/Health editor Ghaziabad: On Wednesday, a large free health camp was held at the Indirapuram Gurudwara on the occasion of the Prakash Parv of Sri Guru Nanak Dev Ji. This camp was organized by Gurudwara Shri Guru Singh Sabha Indirapuram and Sharda Hospital, Greater Noida. A large number of senior citizens visited the Gurudwara on the occasion of Prakash Parv and also took advantage of the free health camp. Free Ayushman cards were also issued to senior citizens over the age of 70 at the camp. The camp was conducted by Gaurav Pandey, General Manager of Sharda Hospital, Greater Noida, and Sanjeev Verma, Area Manager. More than 250 patients received free suga...

बिहार विस चुनाव में किसी के पक्ष में कोई स्पष्ट लहर नहीं, लेकिन नीतीश कुमार से है सहानुभूति!

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बिहार विस चुनाव में किसी के पक्ष में कोई स्पष्ट लहर नहीं, लेकिन नीतीश कुमार से है सहानुभूति! @ कमलेश पांडे/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक बिहार विधानसभा चुनाव के तहत 6 और 11 नवंबर को होने वाले क्रमशः प्रथम और द्वितीय चरण के मतदान की उलटी गिनती अब शुरू हो चुकी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, अभी तक किसी भी पार्टी या गठबंधन के पक्ष में किसी स्पष्ट लहर के संकेत नहीं मिले हैं, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सबकी सहानुभूति है, यह बात स्पष्ट रूप से उभर कर सामने आ रही है।  वहीं, अब तक आए सात प्रमुख चुनाव पूर्व-सर्वेक्षणों, यथा- लाइवमिंट, जेवीसी पोल, सी वोटर, न्यूज एक्स, लोक पोल, वोट विबे (अमिताभ तिवारी) और अन्य- के रुझानों यानी पोल ऑफ द पोल्स से कुछेक रोचक और कांटे की टक्कर होने के स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं। साथ ही यह भी पता चलता है कि त्रिकोणीय मुकाबले की स्थिति में कहीं एनडीए को तो कहीं इंडी गठबंधन को लेने के देने पड़ सकते हैं। यही वजह है कि अभी तक आये आधा दर्जन से अधिक चुनाव पूर्व सर्वेक्षण सोशल मीडिया पर भी अपनी खूब सुर्खियां बटोर रहे हैं और बिहारी मतदाताओं के मूड को सम...

बिहार में एनडीए सरकार लौटने के आसार प्रबल, जदयू के हाथ में रहेगी सत्ता की कुंजी!

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बिहार में एनडीए सरकार लौटने के आसार प्रबल, जदयू के हाथ में रहेगी सत्ता की कुंजी! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का शोर दिन-प्रतिदिन तेज होता जा रहा है, क्योंकि आगामी 6 और 11 नवंबर को वहां वोट डाले जाएंगे। इसलिए एनडीए, इंडिया गठबंधन और जनसुराज के नेताओं ने एक-दूसरे पर शाब्दिक गोले बरसा रहे हैं। एक दूसरे के अतीत और वर्तमान की बखिया उधेड़ी जा रही है। लिहाजा, एक सवाल सबकी जेहन को कुरेद रहा है कि क्या शब्दों के चुनावी मरहम से निर्धनता और अराजकता के बजबजाते घाव क्या भर पाएंगे। क्या नीतीश कुमार, तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर लोगों का विश्वास जीत पाएंगे।  सबसे बड़ा सवाल यही कि मतलबपरस्ती के बयार में दोनों प्रमुख गठबंधनों में शामिल दलों की पारस्परिक गांठ कभी नहीं खुलेगी। यह बात मैं इसलिए उठा रहा हूँ कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चालों ने 2015 और 2020 के जनादेशों की जिस तरह से खिल्ली उड़ाई और अपना राजनीतिक स्वार्थ साधा, उससे क्या वे मतदाता फिर से उनपर या उनके सहयोगियों पर भरोसा कर पाएंगे। यही बात पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर भी लाग...

जब डॉनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की कटुता कम होगी तो भारत व अन्य देश भी लाभान्वित होंगे!

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 जब डॉनल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग की कटुता कम होगी तो भारत व अन्य देश भी लाभान्वित होंगे! @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की आसियान बैठक के बहाने हुई मुलाकात में मुख्यतः व्यापारिक तनाव को कम करने और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने पर गम्भीरता पूर्वक चर्चा हुई। बताया जाता है कि दोनों देशों ने टैरिफ, निर्यात नियंत्रण, कृषि उत्पादों के व्यापार, और फेंटेनाइल तस्करी जैसे अहम मसलों पर बातचीत की। खास बात यह रही कि बातचीत के दौरान अमेरिका ने चीन पर फेंटेनाइल की तस्करी का आरोप लगाया, जिसे ट्रंप ने अपनी बातचीत का मुख्य मुद्दा बनाया।  इसके अलावा, रूस से तेल खरीद, अमेरिकी किसानों से आयात, व्यापार असंतुलन जैसे विषय भी बैठक में उठाए गए। यही वजह है कि दोनों देशों ने व्यापार युद्ध को खत्म करने और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए बुनियादी सहमति पर पहुंचने की कोशिश की है। गौरतलब है कि  दोनों देशों ने ही मुलाकात की पुष्टि की है, और यह माना जा रहा है कि संबंधों में सुधार की दिशा में यह एक सकारात्मक कदम है।...

बिहार में सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा? समझिए विस्तार से

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बिहार में सियासी ऊंट किस करवट बैठेगा? समझिए विस्तार से @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक लोकतंत्र की जननी बिहार के राजनेतागण अपनी व्यक्तिगत, गुटगत, पार्टीगत और गठबंधनगत सियासी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति के लिए चुनावी जनादेश को अकसर धत्ता बताने के आदी समझे जाते हैं। पहले जब यहां कांग्रेस का एकछत्र राज या जनता पार्टी-जनता दल का छिटपुट राज हुआ करता था, तब मुख्यमंत्री बदल दिए जाते थे। लेकिन जब क्षेत्रीय दलों के रहनुमा लालू प्रसाद (राजद) या नीतीश कुमार (जदयू) की सियासी चलती आई तो मुख्यमंत्री कम, गठबंधन साथी बदलने की एक नई परिपाटी शुरू हो गई। लोजपा नेता स्व. रामविलास पासवान और अब उनके पुत्र केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान, हम नेता व केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी, रालोसपा नेता उपेंद्र कुशवाहा, वीआईपी पार्टी नेता मुकेश सहनी के अलावा वामपंथी दलों ने इनका खूब साथ दिया। बताया जाता है कि इसके पीछे कांग्रेस और भाजपा के केंद्रीय व सूबाई नेतृत्व की अदूरदर्शिता भरी मनमानी तथा राजद और जदयू आदि क्षेत्रीय दलों के घात-प्रतिघात की सियासत की भी बड़ी भूमिका रही है। ऐसा प्रतीत होता है ...

सरकारी दृष्टांत के सहारे लोगों को निःस्वार्थ कर्म के लिए प्रेरित करने का प्रेरणा पुष्प है कर्मकुम्भ

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सरकारी दृष्टांत के सहारे लोगों को निःस्वार्थ कर्म के लिए प्रेरित करने का प्रेरणा पुष्प है कर्मकुम्भ @ कमलेश पांडेय/संपादक की कलम से... समकालीन दुनिया में सनातन सभ्यता व संस्कृति के आलोक में 'वसुधैव कुटुम्बकम' और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' की अवधारणा को पुनः प्रतिष्ठापित करने के उदेश्य से 'कर्म-कुंभ' नामक इस पुस्तक की परिकल्पना की गई, जिसमें न केवल महाकुम्भ 2025 से जुड़े महत्वपूर्ण पलों को रेखांकित करने का एक विनम्र प्रयास किया गया है बल्कि एक प्रशासनिक अधिकारी के व्यक्तिगत/टीमगत कार्यों से उपजने वाली सामूहिक चेतना के सकारात्मक पहलुओं को भी दर्शाने की एक अदद कोशिश की गई है, ताकि समस्त मानवता को अनुप्राणित करने वाले शासक-सेवक वर्ग की अन्तरात्मा को झंकझोरा जा सके। आईएएस अधिकारी डॉ दिनेश चन्द्र सिंह द्वारा मौलिक रूप से लिखित तथ्यों व मौखिक रूप से प्रेषित स्वर संग्रह रूपी वाक्यों को संपादित करना निःसंदेह एक जटिल कार्य रहा है। लेकिन जब उद्देश्य व्यक्ति नहीं समष्टि हो तो फिर पेशेवर दक्षता अपने आप ही छाप छोड़ने लगती है। मेरे द्वारा संपादित यह पुस्तक लेखक की तीसरी...