ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद आखिर क्यों परस्पर बंट चुके हैं दुनिया के महत्वपूर्ण देश?
ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद आखिर क्यों परस्पर बंट चुके हैं दुनिया के महत्वपूर्ण देश? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक ईरानी परमाणु ठिकानों पर गत दिनों हुए अमेरिकी हमले से दुनिया के शक्तिशाली देश परस्पर बंट चुके हैं, वहीं छोटे छोटे देश भी क्षेत्रीय हितों के अनुरूप अपनी बातें रख रहे हैं, जिसके सियासी व रणनीतिक अभिप्राय स्पष्ट हैं। इसलिए सवाल उठ रहे हैं कि ईरानी परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी हमले के बाद आखिर क्यों दुनिया के महत्वपूर्ण देश परस्पर बंट चुके हैं? अमेरिका के महत्वपूर्ण सहयोगी यूरोपीय देश ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा है कि ईरान का न्यूक्लियर प्रोग्राम दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा बन गया है। इसलिए उन्होंने ईरान से अपील की है कि वह बातचीत के जरिए इस संकट को खत्म करने में मदद करे। स्टार्मर ने कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर रात में जो हमले किए, वे इसी खतरे को कम करने के लिए किए गए हैं। फिलहाल मध्य पूर्व की स्थिति बहुत तनावपूर्ण बनी हुई है और ...