कर्नाटक में 'अल्पसंख्यकों' को सरकारी ठेकों में 4 प्रतिशत कोटा क्यों? बताए कांग्रेस
कर्नाटक में 'अल्पसंख्यकों' को सरकारी ठेकों में 4 प्रतिशत कोटा क्यों? बताए कांग्रेस @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस शासित कर्नाटक की सरकार ने अल्पसंख्यक ठेकेदारों को सरकारी खरीद के ठेकों में 4 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला किया है, उससे मुस्लिम सबसे ज्यादा लाभान्वित होंगे। हालांकि, राज्य सरकार का यह निर्णय वैधानिक दृष्टि से न्यायसंगत प्रतीत नहीं होता है। ऐसा इसलिए कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश तो है, लेकिन यह हिंदुओं के हिस्से वाला हिंदुस्तान भी है। जबकि हमारे राजनेता और उनके 'चमचे बुद्धिजीवी' वोट बैंक की लालच में इस कड़वी सच्चाई को नजरअंदाज करते हैं, जिससे देश में अल्पसंख्यक तुष्टिकरण की सियासत को मजबूती मिलती है। चूंकि इसका सर्वाधिक लाभ मुस्लिम ठेकेदारों को मिलेगा, इसलिए कांग्रेस के इस फैसले की प्रवृति और प्रकृति पर कतिपय सवाल उठना लाजिमी है। पहला, अल्पसंख्यक वर्ग में यह आरक्षण मुस्लिमों, ईसाइयों, सिखों, जैनों, बौद्धों आदि को 4 फीसदी में से कितना-कितना प्रतिशत मिलेगा या फिर पिछले दरवाजे से सिर्फ मुस्लिमों को ही वरीयता दी जाएगी? दूस...