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व्यापार क्रेडिट कार्ड क्या है? यह किसको दिया जाना है। इससे क्या-क्या लाभ होंगे?

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व्यापार क्रेडिट कार्ड क्या है? यह किसको दिया जाना है। इससे क्या-क्या लाभ होंगे? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार केंद्र सरकार किसान क्रेडिट कार्ड के तर्ज पर ही व्यापार क्रेडिट कार्ड देने की दिशा में आगे बढ़ रही है, क्योंकि वित्त मामलों पर संसद की स्थाई समिति ने सूक्ष्म लघु और मझोले उद्यमों यानी कि छोटे उद्यमियों के वास्ते किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर ही एक "व्यापार क्रेडिट कार्ड" देने की सिफारिश की है। यदि केंद्र सरकार इस सिफारिश को मान लेती है तो वैश्य वर्ग के कमजोर लोगों को इसका फायदा होगा। नोट बंदी, जीएसटी और कोरोना बंदिशों की मार झेलकर लगभग बर्बाद हो चुके इस वर्ग के लिए प्रस्तावित व्यापार क्रेडिट कार्ड किसी वरदान की तरह होगा। बताया जाता है कि वित्त मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने भुगतान स्कोर पर नजर रखने के लिए एक तंत्र स्थापित करने और छोटे व्यवसायों के लिए नियमित कर्ज तक पहुंच आसान बनाने के लिए सिडबी जैसी वित्तीय संस्थाओं में भी अहम सुधार की पेशकश की है, जो एक अहम बात है। गौरतलब है कि पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा की अध्यक्षता वाली संसदीय स...

प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना क्या है? इससे किसको और क्या फायदा होगा?

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प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) योजना क्या है?  इससे किसको और क्या फायदा होगा? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत की विनिर्माण क्षमताओं और निर्यात को बेहतर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्त वर्ष 2019-20 के कोरोना काल में अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों में उत्‍पादन आधारित प्रोत्‍साहन राशि (प्रॉडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव-पीएलआई) योजना शुरू की है, वह अब परवान चढ़ती जा रही है। जिस तरह से इस अभूतपूर्व योजना की लोकप्रियता बढ़ी है, उससे सब लोग पीएलआई योजना और इससे सम्बन्धित सेक्टर्स के बारे में जानना समझना चाह रहे हैं, ताकि वे भी इसका फायदा उठा सकें।  वाकई कोई भी देश तभी आगे बढ़ता है, जब वह विनिर्माण यानी मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो जाए। साथ ही उसके आयात-निर्यात में संतुलन स्थापित हो। इसलिए केंद्र की मोदी सरकार का जोर स्वदेशी पर है। अभी तक विदेश से आयात हो रही वस्तुओं को स्वदेश में ही निर्मित किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। उदाहरणार्थ, मोबाइल फोन एवं उसके कंपोनेंट्स को ही ले लीजिए।  सभी जानते ...

क्लाउड किचन बिजनेस क्या है? इसका भविष्य कैसा है? इसकी शुरुआत कैसे करें?

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क्लाउड किचन बिजनेस क्या है? इसका भविष्य कैसा है? इसकी शुरुआत कैसे करें? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार क्लाउड किचन बिज़नेस आजकल बेहद लोकप्रिय होता जा रहा है। अब सरकार भी इस ओर ध्यान दे रही है ताकि अधिक से अधिक लोग इस उभरते बिजनेस सेक्टर का लाभ उठा सकें। प्रायः यह महसूस किया जाता है कि जब कोई व्यक्ति अपना व्यवसाय शुरू करने की योजना बनाता है और उस पर दृढ़तापूर्वक अमल करता है तो उसकी राह में कई समस्याएं अकस्मात मुंह बाये खड़ी हो जाती हैं। चाहे वह धन प्रबंध से जुड़ी हुई हों या फिर अपनों के सपोर्ट से, सहयोग कम और ताने ज्यादा मिलते हैं।  वहीं, ऐसा व्यवसाय शुरू करने वाले ज्यादातर लोग अपने  ऑफलाइन कस्टमर को ध्यान में रखकर ही अपनी जगह और उस क्षेत्र में किस चीज की मांग (डिमांड) है, उसका व्यवसाय शुरू करते हैं। हालांकि, अब बदलते दौर में जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आ रही है, वैसे-वैसे लोग इससे अपडेट हो रहे हैं, जिसका असर बिज़नेस करने के तौर-तरीके पर भी  पड़ा रहा है।  # ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह के ग्राहक बढ़ाने पर दीजिये ध्यान वैसे भी आजकल चाहे छोटा बिज़नेस हो या फिर बड़...

कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) क्या है? इसकी तैयारी कैसे करें? जानिए विस्तार से

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कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) क्या है? इसकी तैयारी कैसे करें? जानिए विस्तार से @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर साल 2022 में पहली बार आयोजित किए जा रहे कॉमन यूनिवर्सिटीज एन्ट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) के माध्यम से 12वीं पास विद्यार्थियों को एकल विंडो के जरिए देश की प्रतिष्ठित केन्द्रीय यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेने का सीधा अवसर मिल सकेगा। बता दें कि यूजीसी की इस नई शिक्षा नीति 2020 के अंतगर्त करीब 45 केन्द्रीय विश्वविद्यालय सूचीबद्ध हैं। गौरतलब है कि यह परीक्षा नीति उच्च शिक्षा विभाग द्वारा देश में पहली बार लागू की जा रही है। ऐसे में इस प्रवेश परीक्षा में लाखों विद्यार्थी अपनी किस्मत आजमाएंगे। इसलिए इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए स्टूडेंट्स को एनटीए की वेबसाइट पर विज़िट करके आवेदन से पहले सभी जरूरी सूचनाएं हासिल कर लें। इससे उन्हें भावी रणनीति बनाने में आसानी होगी।  यूं तो सीयूईटी परीक्षा 2022 के लिए आवेदन करने की कोई आयु सीमा नहीं है। लेकिन परीक्षा के लिए आवेदन करने के लिए शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। सीयू...

बीजेपी नेता ने शिप्रा रिवेरा रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी में आरोग्यशाला का उद्घाटन किया

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बीजेपी नेता ने शिप्रा रिवेरा रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी में आरोग्यशाला का उद्घाटन किया @ कमलेश पांडेय/गाजियाबाद नगर निगम गाजियाबाद के वार्ड नम्बर 87 ज्ञानखण्ड इंदिरापुरम की निगम पार्षद निर्मला त्यागी धर्मपत्नी सलेक चंद त्यागी, पूर्व राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य, किसान मोर्चा भाजपा ने शिप्रा रिवेरा रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी में नवनिर्मित आरोग्यशाला का उद्घाटन करने के बाद बारीकी पूर्वक अवलोकन किया।  इस मौके पर शिप्रा रिवेरा रेसिडेंट्स वेलफेयर सोसाइटी के उपाध्यक्ष विशाल शर्मा, नेहा शर्मा, प्रियंका प्रियदर्शिनी, ममता तिवारी, पूनम बंसल, पूनम गुप्ता, विजय श्रीवास्तव, दिनेश शर्मा, शिशिर कानूनगो, भाजयुमो महामंत्री अभिषेक त्यागी आदि मौजूद रहे।

प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र वैशाली सेक्टर एक को लव केयर फाउंडेशन ने दो एयर प्यूरीफायर दान दिए

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प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र वैशाली सेक्टर एक को लव केयर फाउंडेशन ने दो एयर प्यूरीफायर दान दिए कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार गाजियाबाद। लव केयर फाउंडेशन ने निगम पार्षद मनोज गोयल द्वारा गोद लिए गए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेक्टर 1 वैशाली हाउस नंबर 345 की प्रबंधक डॉ रितु वर्मा को दो एयर प्यूरीफायर दान किया है। निगम पार्षद मनोज गोयल ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह एयर प्यूरीफायर बहुत जरूरी है। इस अवसर पर लव केयर फाउंडेशन के डायरेक्टर संजय दादरू, रीमा मल्होत्रा, विशाखा, पवित्रा आदि उपस्थित रहे।

पार्षद मनोज गोयल ने अम्बेडकर की प्रतिमा की धुलाई व साफ-सफाई की

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पार्षद मनोज गोयल ने अम्बेडकर की प्रतिमा की धुलाई व साफ-सफाई की कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार गाजियाबाद। संविधान निर्माता बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती से एक दिन पहले यशोदा अस्पताल कौशाम्बी के पास वाले अंबेडकर पार्क में स्थापित उनकी प्रतिमा की धुलाई और उसके आसपास की सफाई क्षेत्रीय पार्षद मनोज गोयल ने करवाई।  इस मौके पर पूर्व डिप्टी मेयर राजेंद्र प्रसाद, भाजपा नेता पंचम चौधरी, अवधेश कटिहार, किसान मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मनोज डागर, समाजसेवी ओमपाल सिंह आदि मौजूद रहे। सभी लोगों ने प्रतिमा स्थल साफ सफाई तथा मूर्ति की धुलाई में मदद की।