एनएसई घोटाला: एक अधिकारी किसी अदृश्य योगी की सलाह पर लेती रही फैसला और हो गया बड़ा घोटाला
एनएसई घोटाला: एक अधिकारी किसी अदृश्य योगी की सलाह पर लेती रही फैसला और हो गया बड़ा घोटाला @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार भारत एक आस्था प्रधान देश है, लेकिन जब जब यहां के महत्वपूर्ण अधिकारी किसी साधु-संत या योगी के चक्कर में पड़कर महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए, आमलोगों को उसकी भारी कीमत चुकानी पड़ी। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का धीरेंद्र ब्रह्मचारी के प्रति आस्थावान होने की बात करें या पूर्व प्रधानमंत्री पी वी नरसिम्हा राव का चंद्रास्वामी के प्रति श्रद्धावनत रहने की बात करें, या फिर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई की पूर्व प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी चित्रा रणकृष्ण द्वारा एक तथाकथित हिमालयी योगी की सलाह पर महत्वपूर्ण निर्णय लेने की बात करें, इनके पारस्परिक सम्बन्धों के चक्कर में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों से अक्सर आम आदमी ही प्रभावित हुआ है। ऐसा इसलिए कि ऐसे अभिजात्य वर्गीय संत अपने सम्पर्क में रहने वाले दिग्गज लोगों को मोक्ष के दिवास्वप्न के साथ साथ समसामयिक लाभ के नुस्खे सुझाते हैं और उनके मनमाफिक चलने वाले लोगों को पहले मालामाल, फिर कंगाल कर देते हैं। यह...