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मां वैष्णो देवी यात्रा प्रसंग: इच्छाशक्ति मजबूत हो तो मंजिल पाना कठिन नहीं

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मां वैष्णो देवी यात्रा प्रसंग: इच्छाशक्ति मजबूत हो तो मंजिल पाना कठिन नहीं # यदि हम मन में कुछ भी पक्के से ठान लें तो हम उसे करके दिखा सकते हैं, क्योंकि प्रकृति एवं ईश्वरीय शक्तियां भी हमारा साथ देती हैं, जिससे हम अपनी मंजिल तक पहुंच पाते हैं। @ यात्रा संस्मरण/ गौरव पांडेय, लेखक ऑफिस में बॉस और अन्य सहकर्मियों के साथ माता वैष्णो देवी के दर्शन जाने का कार्यक्रम बना। यह तय हुआ कि हम इनोवा से जाएंगे और सारे कैलकुलेशन के बाद एक सीट इनोवा में बच गई थी। मैंने आव देखा ना ताव और अपने भाई को बरेली से दिल्ली बुला लिया कि हम दर्शन के लिए चल रहे हैं। वह भी खुशी खुशी जल्दी से दिल्ली आ गया। अब दर्शन करने जाने का दिन आ गया और हमारे पास फोन आया कि गाड़ी आ गई है, तुम लोग तैयार रहो। हमने अपना सारा सामान पैक करके बस ताला लगाने की कसर छोड़ी थी और उसी समय एक फोन आया, जिसमें बॉस ने बताया कि इनोवा कुछ दूसरी तरह की आ गई है जिसमें पीछे की सीट पर चार की जगह तीन ही लोग बैठ सकते हैं। ऐसे में स्वाभाविक था कि मेरा भाई ही नहीं जाएगा। मायूस चेहरे से मेरे भाई ने मेरी तरफ देखा और पूछ...

आईपीओ में कीजिए निवेश, छह कंपनियों के आने वाले पब्लिक इश्‍यू, शेष भी पाइपलाइन में

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आईपीओ में कीजिए निवेश, छह कंपनियों के आने वाले पब्लिक इश्‍यू, शेष भी पाइपलाइन में @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार शेयर बाजार में यदि आपकी दिलचस्पी है तो आने वाले दिनों में आईपीओ के तहत आने वाले विभिन्न कम्पनियों के पब्लिक इश्यू में निवेश कीजिए। यदि किस्मत ने साथ दिया तो आपकी भी बल्ले-बल्ले हो सकती है। बता दें कि मेडप्‍लस हेल्‍थ सर्विसेज, रेटगेन ट्रैवल टेक्‍नोलॉजीज, फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस, प्रुडेंट कॉरपोरेट एडवाइजरी,  ट्रैक्‍सन टेक्‍नोलॉजीज और पुराणिक बिल्‍डर्स जैसी छह कंपनियों के आईपीओ को सेबी ने हरी झंडी दे दी है। इसलिए आप यदि शेयर बाजार में आईपीओ के जरिए प्रवेश (एंट्री) करने की सोच रहे हैं, तो आने वाले दिनों में आपको जबरदस्‍त मौके मिलने वाले हैं।  बता दें कि फॉर्मेसी रिटेल चेन मेडप्‍लस हेल्‍थ सर्विसेज, ट्रैवल टेक्‍नोलॉजी सर्विसेज फर्म रेटगेन ट्रैवल टेक्‍नोलॉजीज, माइक्रोलेंडर फ्यूजन माइक्रो फाइनेंस समेत छह कंपनियों को आईपीओ के जरिए फंड जुटाने की सेबी ने मंजूरी दे दी है। वहीं, दूसरी अन्‍य कंपनियां जो अपना आईपीओ लाने जा रही हैं, उनमें रिटेल वेल्‍थ मैनजमेंट...

सभी को भारत में भी कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की तरफ सोचना चाहिए : डॉ अर्जुन खन्ना

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सभी को भारत में भी कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने की तरफ सोचना चाहिए : डॉ अर्जुन खन्ना # बूस्टर डोज लगाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि हमें पता है कि कोविड-19 वैक्सीन काम करती है, पर वह कितने लंबे समय तक काम करती है यह हमें नहीं पता।  भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। अमेरिका द्वारा कोविड-19 वैक्सीन की वयस्कों में बूस्टर डोज को आज मान्यता दे दी गई और अमेरिका में इसे लगाना जल्दी शुरू कर दिया जाएगा।  वहीं, भारत में भी चिकित्सकों ने बूस्टर डोज लगाने के लिए सोचने की जरूरत बताई है।  यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशांबी के वरिष्ठ कोविड-19 रोग विशेषज्ञ एवं श्वाँस रोग क्रिटिकल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अर्जुन खन्ना ने अमेरिका के इस कदम की सराहना करते हुए सभी से भारत में भी आग्रह किया है कि भारत में भी कोविड-19 वैक्सीन की बूस्टर डोज लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि जो सबसे ज्यादा खतरे में लोग हैं जिनमें हेल्थ केयर वर्कर, सीनियर सिटीजन एवं जिन्हें पहले से बीमारियां हैं, उन्हें सबसे पहले बूस्टर डोज लगनी चाहिए, जिस प्रकार से भारत में वैक्सीन भी पहले उन्हें ही लगाई गई थी।  डॉक्टर अर...

एनसीसी कैडेटों ने प्रदूषण के ख़िलाफ़ चलाया जनजागरूकता अभियान

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एनसीसी कैडेटों ने प्रदूषण के ख़िलाफ़ चलाया जनजागरूकता अभियान # पोस्टर, बैनर के साथ कैडेटों ने निकाली रैली भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद/दिल्ली। केशवपुरम मैट्रो स्टेशन पर एनसीसी कैडेटों ने प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया। कैडेटों ने हाथों में पोस्टर बैनर लेकर पर्यावरण बचाने और प्रदूषण को रोकने के लिए लोगों से सहयोग मांगा। कार्यक्रम का आयोजन एक बूंद संस्था व एनसीसी छः बटालियन द्वारा किया गया था। रैली की अध्यक्षता संस्था की अध्यक्ष कनिका चोपड़ा ने किया। कनिका ने कहा दिल्ली में लगातार साल दर साल प्रदूषण की समस्या बढ़ती जा रही है। जिसको रोकने के लिए सरकार के साथ आम जनमानस को भी आगे आना होगा तथा दिल्ली में ट्रैफिक पॉलियूशन कम करने के लिए लोगों को पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करना होगा।  वहीं, कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार करने वाले बटालियन के एनसीसी ऑफिसर कैप्टन देवेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली में पेड़-पौधों की मात्रा लगातार कम हो रही है। लोगों को पर्यावरण बचाने के लिए अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने होंगे। साथ ही सरकार द्वारा बनाई गई प्रदूषण की गाइडलाइन को भी ध्यान में ...

अन्नदाताओं की जीत हुई और अहंकारी सत्ता की हार : नरेंद्र भारद्वाज

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अन्नदाताओं की जीत हुई और अहंकारी सत्ता की हार : नरेंद्र भारद्वाज # कांग्रेस लाओ, देश बचाओ: डॉली शर्मा भास्कर ब्यूरो गाजियाबाद। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और गाजियाबाद महानगर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज ने तीन काले कृषि कानूनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वापस लिए जाने के गत दिनों हुए ऐलान को अन्नदाताओं की जीत और अहंकारी सत्ता की हार करार दिया है। उन्होंने इस लंबे व अनवरत संघर्ष के लिए विभिन्न किसान संगठनों व उन्हें समर्थन देने वालों को बधाई दी है।  उन्होंने कहा कि गत वर्ष शुरू हुए सरकार विरोधी किसान आंदोलन को जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी बाड्रा ने अपना नैतिक समर्थन दिया, उसी समय यह तय हो गया कि किसानों की जीत होगी। क्योंकि दिग्गज कांग्रेस नेताओं द्वारा किसानों के साथ खड़े होने के  बाद पूरे देश में कांग्रेसियों के बीच एक सकारात्मक संदेश गया, जिसके बाद उन्होंने जगह जगह पर आंदोलनकारियों का साथ देना शुरू किया। इसके बाद तो सारा विपक्ष किसानों के साथ हो गया। यूपी बॉर्डर, सिंधु बॉर्ड...

आसेतु हिमालय के प्राचीन भारत का नक्शा, जिसके बिना भारतीयता अपूर्ण है

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आरबीआई की नई एकीकृत लोकपाल योजना क्या है? जानिए कहां और कैसे की जाएंगी शिकायतें।

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आरबीआई की नई एकीकृत लोकपाल योजना क्या है? जानिए कि किसी भी बैंक या एनबीएफसीज के खिलाफ कहां पर और कैसे शिकायत की जाएगी। @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रभावशाली नेतृत्व में आरबीआई ने जिन अभिनव ग्राहक केंद्रित पहलों की शुरुआत की, उनमें से रिजर्व बैंक-एकीकृत लोकपाल योजना भी एक महत्वपूर्ण पहल है। इस आरबीआई-एकीकृत लोकपाल योजना से बैंकिंग सेक्टर में ‘एक राष्ट्र-एक लोकपाल’ प्रणाली ने अब साकार रूप ले लिया है। प्रधानमंत्री ने भी इस योजना की नागरिक केंद्रित प्रकृति पर बल दिया है।उन्होंने दो टूक कहा है कि किसी भी लोकतंत्र की सबसे बड़ी कसौटी वहां की शिकायत निवारण प्रणाली की ताकत होती है। आरबीआई- एकीकृत लोकपाल योजना इस दिशा में बहुत आगे तक जाएगी।  कहना न होगा कि बीते छह-सात वर्षों में केंद्र सरकार, सामान्य लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बारीकीपूर्वक काम कर रही है। जबकि एक रेग्यूलेटर के तौर पर आरबीआई, अन्य वित्तीय संस्थाओं के साथ लगातार संवाद बनाए रखता आया है। इंटेग्रेटेड ओमबुड्समेन्ट लोकपाल स्कीम से बैंकिंग सेक्टर में बैंक कस...