जमीनी स्तर के नवोन्मेषों व रचनात्मकताओं पर आधारित उत्पाद अब ऑनलाइन बिक्री के लिए होंगे उपलब्ध

जमीनी स्तर के नवोन्मेषों, पारंपरिक ज्ञान और छात्रों की रचनात्मकता पर आधारित उत्पाद भी अब ऑनलाइन बिक्री के लिए होंगे उपलब्ध 

@ कमलेश पाण्डेय/वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार

नये भारत में डिजिटल इंडिया को प्रोत्साहित करके आम आदमी के हुनर का उपयोग करते हुए उनकी आय बढ़ाने और उनके जीवन स्तर में अपेक्षाकृत सुधार लाने का सपना संजोए हुए पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने सत्ता में आने के तत्काल बाद ही जो कुछ नूतन प्रारूप विकसित किये, उनका युगान्तकारी चेहरा अब धीरे धीरे स्पष्ट होता जा रहा है। देखा जाए तो बीते लगभग साढ़े सात वर्षों से देश में जो तीव्र गति से डिजिटल परिवर्तन हो रहा है, उसे देखते हुए जमीनी स्तर के उद्यमियों के लिए अपने नवाचारों को पूरे भारत में सीधे उपभोक्ताओं तक ले जाने पर विचार करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता है। 

वस्तुतः एनआईएफआईईएनटीआरईसी के साथ अमेजन की साझेदारी का उद्देश्य जमीनी स्तर के उद्यमियों और उनके उद्यमों को डिजिटलीकरण और ई-कॉमर्स का लाभ पहुंचाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की रचनात्मकता वाले उत्पादों के विपणन को भारत और पूरे विश्व में लाखों अमेजन ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए आगे ले जाना है।

इस नजरिए से यह नई साझेदारी भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र में एक नया पड़ाव है, जिससे जमीनी स्तर के नवोन्मेषक अब पहले से कहीं अधिक उपभोक्ताओं के करीब आ सकेंगे। सच कहा जाए तो यह एक ऐसा समावेशी प्रतिमान भी है जिसे बाकी दुनिया दोहराना चाहेगी। इस समझौता ज्ञापन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा तथा यह बड़े पैमाने पर कार्यकुशल और अकार्यकुशल दोनों तरह की आजीविका का सृजन करेगा। यह समावेशी ई-कॉमर्स के लाभों का लाभ उठाने के लिए देश के सबसे दूर दराज के क्षेत्रों से नवोन्मेषकों को सशक्त भी बनाएगा। यह समझौता ज्ञापन देश के ग्रामीण हिस्सों में किए जा रहे और जन साधारण में निहित ज्ञान को सभी के लिए उपलब्ध कराएगा। जिससे उपभोक्ता भी अधिक विकल्प मिलने से लाभान्वित होंगे।

चूंकि इन नवाचारों की उत्पत्ति किसी क्षेत्र विशेष में विद्यमान कमी को पूरा करने के उद्देश्य से जुड़ी है, इसलिए यह प्रयास समाज और दुनिया को बड़े पैमाने पर समावेशी नवाचार प्रदान करने की दिशा में एक नई यात्रा शुरू कर सकता है। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से एनआईएफआईईएनटीआरईसी और अमेजन दोनों ही उद्योग और संबंधित विषय विशेषज्ञों को शामिल करके विशेष प्रशिक्षण कक्षाओं, कार्यशालाओं और अन्य परस्पर आदान-प्रदान प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नियमित रूप से जमीनी नवोन्मेषकों की क्षमता का निर्माण सुनिश्चित करेंगे, ताकि देश के अन्य भागों के सामान ही वे स्टार्ट-अप अभियान में आगे बढ़ सकें। उन्हें एक सफल ई-कॉमर्स प्रतिभागी होने के मूलभूत पहलुओं पर समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे कि ऑन-बोर्ड होने पर वे आत्मनिर्भर हो सकें और अपने उत्पादों के लिए दृश्यता पैदा कर सकने के साथ ही उनके लिए मांग उत्पन्न कर सकें और उसका आपूर्ति के रूप में प्रति उत्तर देकर अंत में वास्तविक उपभोक्ता तक भी पहुँच सकें।

दरअसल, हाल ही में राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान ऊष्मायन एवं उद्यमशीलता परिषद (एनआईएफआईईएनटीआरईसी ) और अमेजन इंडिया के बीच एक नई साझेदारी हुई है, जिसके आधार पर जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों, उत्कृष्ट पारंपरिक ज्ञान धारकों के साथ-साथ छात्रों की रचनात्मकता पर आधारित नवीन उत्पाद अब लाखों ग्राहकों के लिए उपलब्ध करवाये जाएंगे। इसी उद्देश्य से  विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के एक स्वायत्त संस्थान, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान (नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन-एनआईएफ) द्वारा पोषित एक प्रौद्योगिकी व्यवसाय इनक्यूबेटर (टीबीआई) एनआईएफआईईएनटीआरईसी और अमेज़ॅन इंडिया के बीच जमीनी स्तर पर नवोन्मेषों, छात्रों की रचनात्मकता पर आधारित नवाचारों और बाजार के उत्पादों के लिए तैयार उत्कृष्ट पारंपरिक ज्ञान के उत्पादों के ऑनलाइन वितरण हेतु एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

बता दें कि 2014 में केंद्रीय सत्ता में पूर्ण बहुमत से आई पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने एक वर्ष बाद ही वर्ष 2015 में एनआईएफआईईएनटीआरईसी की स्थापना विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से प्राप्त वित्तीय सहायता के साथ की गई थी, जो देश भर में जमीनी स्तर के नवोन्मेषकों, उत्कृष्ट पारंपरिक ज्ञान धारकों और छात्रों के तकनीकी विचारों और नवाचारों के ऊष्मायन और व्यावसायीकरण के लिए थी। 

गौरतलब है कि अमेजन और एनआईएफआईईएनटीआरईसी के बीच यह समझौता ज्ञापन प्रधानमंत्री द्वारा गत 16 जनवरी, 2022 को राष्ट्रीय स्टार्ट-अप दिवस के रूप में घोषित किए जाने और वर्तमान दशक को भारत का 'टेकऐड' घोषित करने के कुछ ही दिनों बाद हुआ है ताकि स्टार्ट-अप संस्कृति को देश के दूर-दराज के क्षेत्रों में ले जाया जा सके। बताया गया है कि एनआईएफआईईएनटीआरईसी के कार्यकारी निदेशक ईआर राकेश माहेश्वरी और अमेजन सेलर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड (एएसएसपीएल) के निदेशक सुमित सहाय द्वारा हस्ताक्षरित यह समझौता ज्ञापन, स्थानीय स्टार्टअप से नवीन उत्पादों के वाणिज्यिक प्रसार को मजबूत करने की इन घोषणाओं और भारत की स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने में मदद करेगा। 

इस अवसर पर अपने सम्बोधन में एनआईएफआईईएनटीआरईसी के अध्यक्ष, डॉ गुलशन राय ने ठीक ही कहा है कि अभी देश में जो तीव्र गति से डिजिटल परिवर्तन हो रहा है उसे देखते हुए जमीनी स्तर के उद्यमियों के लिए अपने नवाचारों को पूरे भारत में सीधे उपभोक्ताओं तक ले जाने पर विचार करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता है। 

वहीं, अमेजन इण्डिया के उपाध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि एनआईएफआईईएनटीआरईसी के साथ साझेदारी का उद्देश्य जमीनी स्तर के उद्यमियों और उद्यमियों को डिजिटलीकरण और ई-कॉमर्स का लाभ पहुंचाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों की रचनात्मकता उत्पादों के विपणन को भारत और पूरे विश्व में लाखों अमेजन ग्राहकों तक पहुंचाने के लिए आगे ले जाना है।

वहीं, राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान के निदेशक डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि यह भारत के नवाचार और उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र में एक नया पड़ाव है, जिससे जमीनी स्तर के नवोन्मेषक अब पहले से कहीं अधिक उपभोक्ताओं  के करीब आ सकेंगे। यह एक ऐसा समावेशी प्रतिमान भी है जिसे बाकी दुनिया दोहराना चाहेगी। इस समझौता ज्ञापन से स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा तथा यह आजीविका का सृजन करेगा। यह समावेशी ई-कॉमर्स के लाभों का लाभ उठाने के लिए देश के सबसे दूर दराज के क्षेत्रों से नवोन्मेषकों को सशक्त भी बनाएगा। हालांकि मुख्यधारा के उद्यमियों तथा यूनिकॉर्न बन चुके स्टार्ट-अप्स द्वारा प्रस्तुत किए गए उत्पाद नए नहीं हैं, फिर भी यह समझौता ज्ञापन देश के ग्रामीण हिस्सों में किए जा रहे और जन साधारण में निहित ज्ञान को सभी के लिए उपलब्ध कराएगा। उपभोक्ता भी इससे अधिक विकल्प मिलने से लाभान्वित होंगे, और चूंकि इन नवाचारों की उत्पत्ति किसी क्षेत्र विशेष में विद्यमान कमी को पूरा करने के उद्देश्य से जुड़ी है, इसलिए यह प्रयास समाज और दुनिया को बड़े पैमाने पर समावेशी नवाचार प्रदान करने की दिशा में एक नई यात्रा शुरू कर सकता है। इन व्यवसायों की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद अमेज़ॅन ग्राहकों के बीच इन ग्रामीण नवाचारों की खोज क्षमता को बढ़ावा देने के लिए एक स्टोरफ्रंट भी तैयार करेगा। 

इसके अतिरिक्त इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से एनआईएफआईईएनटीआरईसी और अमेजन दोनों ही उद्योग और संबंधित विषय विशेषज्ञों को शामिल करके विशेष प्रशिक्षण कक्षाओं, कार्यशालाओं और अन्य परस्पर आदान-प्रदान प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से नियमित रूप से जमीनी नवोन्मेषकों की क्षमता का निर्माण सुनिश्चित करेंगे, ताकि देश के अन्य भागों के सामान ही वे स्टार्ट-अप अभियान में आगे बढ़ सकें। उन्हें एक सफल ई-कॉमर्स प्रतिभागी होने के मूलभूत पहलुओं पर समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे कि ऑन-बोर्ड होने पर वे आत्मनिर्भर हो सकें और अपने उत्पादों के लिए दृश्यता पैदा कर सकने के साथ ही उनके लिए मांग उत्पन्न कर सकें और उसका आपूर्ति के रूप में प्रति उत्तर देकर अंत में वास्तविक उपभोक्ता तक भी पहुँच सकें।

अमेजन में पब्लिक पालिसी चेतन कृष्णास्वामी; एनआईएफआईईएनटीआरईसी  के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वीरेश सिंह; अमेजन इंडिया सेलिंग पार्टनर्स सर्विसेज के निदेशक सुमित सहाय और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन संस्थान के वैज्ञानिक तुषार गर्ग की अहम उपस्थिति में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने के बाद अमेजन के प्रशिक्षकों के साथ जमीनी स्तर के नवप्रवर्तनकर्ताओं और उद्यमियों के लिए एनआईएफआईएनटीआरईसी द्वारा समर्थित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, ताकि वे ई-कॉमर्स की समकालीन उपयोगी अवधारणाओं के बारे गहनता से जानकारी प्राप्त कर सकें और वितरण तंत्र में हो रहे परिवर्तनों के साथ अपना तालमेल बिठा सकें। 

स्पष्ट है कि अपना अभूतपूर्व तकनीकी विकास करके भारत निकट भविष्य में अपने सभी प्रतिस्पर्द्धियों को पीछे छोड़ने की अग्रगामी योजनाओं पर धीरे धीरे अमल कर रहा है। इसे जिस प्रकार से अपार जनसमर्थन मिल रहा है, वह इस बात का परिचायक है कि ज्ञान भूमि समझे जाने वाला भारत आधुनिक तकनीकों के विकास और उसके अनुप्रयोग में भी किसी से पीछे नहीं रहेगा। इस अहम उपलब्धि के लिये केंद्र सरकार बधाई का पात्र तो है ही।

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