कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवर्ण विरोधी बयानों से महागठबंधन को मिली करारी मात
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवर्ण विरोधी बयानों से महागठबंधन को मिली करारी मात @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, दिग्गज राजनेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का राजनीतिक सलाहकार चाहे जो भी हो, या फिर अपनी सियासत का सियासी निर्णय लेने वाले चाहे राहुल गांधी खुद ही क्यों नहीं हों, वह या ये कांग्रेस के नैतिक पतन, सियासी कमजोरी के सबसे बड़े सूत्रधार समझे जा सकते हैं। ऐसा इसलिए कि देश के नेता प्रतिपक्ष वाली सियासी गम्भीरता राहुल गांधी और कांग्रेस से नदारत है। अब तो यह भी कहा जाने लगा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सवर्ण विरोधी बयानों से ही महागठबंधन को करारी मात मिली। आपको याद होगा कि राहुल गांधी ने बिहार विधानसभा चुनाव अभियान के दौरान सवर्ण विरोधी बयान दिए। उन्होंने कहा कि "मात्र 1 प्रतिशत सवर्ण आबादी सेना, न्यायपालिका और अफसरशाही नियंत्रित करती है।" उनके इस बयान ने सवर्ण (ऊंची जाति) समुदाय में नाराजगी पैदा की और महागठबंधन की सामाजिक संतुलन रणनीति कमजोर कर दी है। चूंकि राहुल गांधी के पिता पूर्व प्र...