शुभ कलश में निहित मंगलकारी चेतना का विराटस्वरूप है महाकुंभ
-: दिव्य एवं भव्य महाकुम्भ 2025 :- शुभ कलश में निहित मंगलकारी चेतना के विराटस्वरूप का दिग्दर्शन है महाकुंभ @ डॉ दिनेश चन्द्र सिंह, आईएएस, डीएम, जौनपुर, यूपी सनातन धर्म, भारतीय संस्कृति, भारत की जीवंतता और उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, राजनैतिक और पौराणिक महत्व के विशिष्ट व जीवंत कालखंड को समेटे हुए एक ऐसी संघर्षपूर्ण यात्राओं का जीवंत और अजर-अमर चित्रण है, जिसका मूल स्रोत धर्म ही है, जो जनमानस में विजयी भाव को प्रतिष्ठित व प्रदर्शित करता है। इस धर्म को किसी भी चुनौतियों को सहन कर ऊपर उठने और अपनी जड़ों को कभी भी न मिटने देने की अलौकिक प्रतिभा प्राप्त है।इसके अमरत्व जीवन दर्शन से मानव समुदाय पल्लवित, पुष्पित एवं पुंजित होता आया है| सनातन धर्म को सदैव जीवंत बनाये रखने के लिए हमारे पर्व त्यौहार का विशेष स्थान है। खासकर प्रकृति की गोद में, नदियों के तट पर लगने वाले धार्मिक मेले और आयोजन इसमें जान डालते आए हैं। वाकई ये सभी आयोजन हमारे सनातन धर्म की गहराई पूर्ण जड़ों को कभी न मिटने देने वाली अमृत रूपी धारा से अभिसिंचित करते आये है...