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बिहार की राजनीति में छोटी-छोटी पार्टियां ला सकती हैं बड़ा बदलाव!

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बिहार की राजनीति में छोटी-छोटी पार्टियां ला सकती हैं बड़ा बदलाव, यदि समवेत कोशिश करें तो! # बिहार की राजनीतिक करवट को समझने के लिए वहां पर बनने वाले तीसरे मोर्चे पर नजर रखिए @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक भारतीय राजनीति में बिहार को सियासी प्रयोगशाला समझा जाता है। यहां पर कई ऐसे दिग्गज राजनेता हुए, जिसे चुनावी मौसम विज्ञानी तक करार दिया गया। इनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का नाम अग्रगण्य है। चूंकि  बिहार विधानसभा 2025 के लिए अक्टूबर-नवम्बर में चुनावी होने हैं, इसलिए यह महत्वपूर्ण चुनावी साल भी है, जिसके दृष्टिगत सभी राजनीतिक दल अपने-अपने समीकरण बनाने में जुट गए हैं। यूँ तो राज्य में कुल 243 सीटें हैं और दो बड़े गठबंधन हैं। जिनमें भाजपा और जेडीयू आदि की भागीदारी वाला एनडीए अभी सत्ता में है और कांग्रेस व आरजेडी आदि की भागीदारी वाला महागठबंधन विपक्ष में है। वहीं, दोनों ही गठबंधन में कुल 10 महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टियां हैं, जो जाति-धर्म-क्षेत्र के आधार पर या फिर कहें कि खुद को सत्ता में बनाए रखने की सं...

आखिर नागपुर जैसी सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं कब और कैसे थमेंगी?

आखिर नागपुर जैसी सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं कब और कैसे थमेंगी? @ कमलेश पांडेय/वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक लीजिए, एक और साम्प्रदायिक दंगा हो गया। इस बार आरएसएस मुख्यालय के लिए मशहूर नागपुर शहर ही इन दंगों की आग से धधक उठा। टीवी पर जो आग की उठती लपटें दिखीं, घायल लोग व पुलिस वाले दिखे, क्षतिग्रस्त व जले वाहन नजर आए, इसके गम्भीर मायने हैं। सवाल है कि क्या यह आरएसएस और उसके अनुसांगिक संगठनों को देश-दुनिया में बदनाम करने की सियासी साजिश है? क्या हमारे देश के समुदाय विशेष को आइएसआइ लगातार भड़का रही है जिससे वो निरंतर हिंसक होते जा रहे हैं और पाकिस्तान-बंगलादेश से सहानुभूति रखते हुए उन्हीं जैसा व्यवहार करने लगे हैं?  सुलगता हुआ सवाल यह भी है कि क्या दुनियावी मंचों पर लगातार मजबूत हो रहे भारत को पुनः कमजोर करने की साजिश के तहत अंतरराष्ट्रीय ताकतों के इशारे पर यह सबकुछ हो रहा है, जिसके तार हमारे राजनेताओं तक से जुड़े हुए हैं क्योंकि देश की यही बेलगाम ताकत है जो अधिकांश अनैतिक करतूतों की जड़ समझी जा रही है! इसी के साथ यह सवाल भी पुनः प्रासंगिक हो गया कि आखिर ब्रेक के बाद होने वाली नागपु...